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लुण्ड्रा में मां ने नवजात को पत्थरों में दबाया
लुण्ड्रा में मां ने नवजात को पत्थरों में दबाया
अंबिकापुर (सरगुजा)

सरगुजा में मां पर नवजात बच्ची को झाड़ियों में छोड़ने का आरोप

सरगुजा जिले के लुण्ड्रा थाना क्षेत्र में नवजात बच्ची को झाड़ियों में पत्थरों के नीचे दबाने का मामला सामने आया है। ग्रामीणों ने बच्ची को जीवित अवस्था में बरामद कर अस्पताल पहुंचाया, लेकिन गंभीर हालत में उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस मामले की जांच कर रही है। प्रारंभिक जांच में आर्थिक परेशानी और पारिवारिक सहयोग की कमी को घटना की वजह माना जा रहा है।

कीर्तिमान डेस्क
कीर्तिमान डेस्क
17 Aug 2026, 10:09 AM
अंबिकापुर
सरगुजा जिले के लुण्ड्रा थाना क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक नवजात बच्ची को जन्म देने के बाद उसकी मां ने उसे झाड़ियों में ले जाकर पत्थरों के नीचे दबा दिया। हालांकि ग्रामीणों ने बच्ची को जीवित अवस्था में पाया और अस्पताल पहुंचाया, लेकिन उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। 
जानकारी के अनुसार, लुण्ड्रा थाना क्षेत्र के ग्राम राता डांडपारा निवासी रामबाई पति स्व. विजय को 11 अगस्त को प्रसव पीड़ा के बाद बरगीडीह स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया था। यहां उसने एक स्वस्थ बच्ची को जन्म दिया। बच्ची के पिता विजय की करीब पांच महीने पहले ही मौत हो चुकी है। 

गांव जाते समय मां ने नवजात को झाड़ियों में छोड़ा

14 अगस्त को चिकित्सकों ने रामबाई को अस्पताल से छुट्टी दे दी थी, लेकिन बारिश के चलते वह वहीं रुकी रही। अगले दिन 15 अगस्त को उसके जीजा दादूराम ने अपने भतीजे पंकज को बाइक लेकर बुलाया और रामबाई व नवजात बच्ची को लेकर गांव राता के लिए रवाना हुए। परिजनों के मुताबिक, गांव से करीब एक किलोमीटर पहले प्लांटेशन क्षेत्र के पास रामबाई अचानक बाइक से उतरकर नवजात को लेकर झाड़ियों की ओर चली गई। काफी तलाश के बाद महिला तो मिल गई, लेकिन बच्ची का पता नहीं चल सका। 

पत्थरों के नीचे मिली नवजात

पूछताछ करने पर भी उसने कोई जानकारी नहीं दी। इसके बाद उसे घर पहुंचा दिया गया। इसी दौरान कुछ ग्रामीणों और चरवाहों को महिला की हरकतों पर संदेह हुआ। वे मौके पर पहुंचे तो झाड़ियों के बीच पत्थरों के नीचे से नवजात के रोने की आवाज सुनाई दी। ग्रामीणों ने तुरंत बच्ची को बाहर निकाला और उसकी जान बचाने के प्रयास शुरू किए। इसके बाद गांव में पंचायत की बैठक बुलाई गई। पूछताछ के दौरान रामबाई ने बच्ची को पत्थरों के नीचे दबाने की बात स्वीकार की। ग्रामीणों की मदद से नवजात को बाहर निकाला गया और 108 संजीवनी एंबुलेंस से पहले धौरपुर अस्पताल ले जाया गया। हालत गंभीर होने पर उसे अंबिकापुर स्थित मेडिकल कॉलेज संबद्ध जिला अस्पताल रेफर किया गया, जहां 15 अगस्त की शाम चिकित्सकों ने बच्ची को मृत घोषित कर दिया। 

जांच में जुटी पुलिस 

पुलिस ने नवजात के शव का पोस्टमार्टम कराकर उसे परिजनों को सौंप दिया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि महिला ने यह कदम आर्थिक परेशानी और मायके व ससुराल पक्ष से सहयोग नहीं मिलने की वजह से उठाया हो सकता है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
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