Surajpur Murder Case: मां-बेटी हत्याकांड के मुख्य आरोपी को 10 साल की सजा, कोर्ट से निकला तो मुस्कुराकर बोला- स्माइली वाला फोटो दिखाइएगा
Surajpur Murder Case: चर्चित मां-बेटी हत्याकांड के मुख्य आरोपी कुलदीप साहू को पुलिसकर्मियों पर कार चढ़ाने के मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट ने 10 साल की सजा सुनाई। कोर्ट परिसर से बाहर निकलते समय उसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसमें वह कैमरे के सामने मुस्कुराता नजर आया। वहीं दोहरे हत्याकांड में दोषियों की सजा पर फैसला 8 अक्टूबर को होगा।
Surajpur Murder Case: जिस चेहरे पर दो-दो मासूम जिंदगियों को खत्म करने का खौफनाक दाग हो, वहां पछतावे की एक लकीर तक नजर नहीं आई। सूरजपुर के बहुचर्चित मां-बेटी हत्याकांड के मुख्य आरोपी कुलदीप साहू का बेखौफ अंदाज सोमवार को सूरजपुर कोर्ट परिसर में एक बार फिर कैमरे में कैद हो गया। फास्ट ट्रैक कोर्ट ने जब पुलिसकर्मियों पर कार से कुचलकर जानलेवा हमला करने के मामले में उसे 10 साल की कड़ी सजा सुनाई, तो वह रोने या पछताने के बजाय ठहाके लगाता हुआ बाहर निकला। सुरक्षा घेरे के बीच अंबिकापुर जेल से लाए गए कुलदीप ने मीडिया के कैमरों और वीडियो बना रहे लोगों को देखकर बाकायदा पोज दिया और बेफिक्री से बोला— "स्माइली वाला दिखाइएगा!" उसका यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसे देखकर हर कोई हैरान है।
दोहरे हत्याकांड में आरोप तय, सजा पर फैसला 8 अक्टूबर को
जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश (फास्ट ट्रैक कोर्ट) आनंद प्रकाश वारियाल की अदालत ने मामले की सुनवाई करते हुए आदतन अपराधी कुलदीप साहू, रिंकू उर्फ फूल सिंह, चंद्रकांत चौधरी और आर्यन विश्वकर्मा को दोहरे हत्याकांड में दोषी करार दिया है। कोर्ट इनकी सजा का ऐलान आने वाली 8 अक्टूबर को करेगी। वहीं, इस मामले में सह-आरोपी सूरज साहू और निलकेश्वर साहू को पर्याप्त सबूत न होने के कारण बरी कर दिया गया है।
खौफनाक था वह मंजर: खौलता तेल फेंका, फिर की बर्बरता
यह पूरा मामला 13 अक्टूबर 2024 की रात का है, जिसने पूरे छत्तीसगढ़ को झकझोर कर रख दिया था:
निर्मम हत्या: सूरजपुर थाने में पदस्थ प्रधान आरक्षक तालिब शेख की पत्नी और उनकी मासूम बेटी की किराए के मकान में चाकू से गोदकर बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। इसके बाद दोनों के शवों को पीढ़ा गांव के पास फेंक दिया गया था।
पुलिस पर जानलेवा हमला: इसी खौफनाक वारदात को अंजाम देने से ठीक पहले आरोपी ने बस स्टैंड चौपाटी पर तैनात आरक्षक घनश्याम सोनवानी पर खौलता हुआ तेल फेंक दिया था।
कार से कुचलने का प्रयास: वारदात के बाद भागने की फिराक में कुलदीप ने प्रधान आरक्षक तालिब शेख और अन्य पुलिसकर्मियों पर कार चढ़ाने की कोशिश की। इसी पुलिस हमले के मामले में कोर्ट ने अब कुलदीप को 10 साल की सख्त कैद की सजा सुनाई है। (इस हमले से जुड़े अन्य आरोपी रिंकू, चंद्रकांत, आर्यन, अशोक और राजू को कोर्ट ने बरी कर दिया)।
फायरिंग का मामला: भागते समय विश्रामपुर के तत्कालीन टीआई अलरिक लकड़ा पर लटोरी के पास गोली चलाने के मामले में भी साक्ष्यों की कमी के चलते कुलदीप और सूरज साहू को बरी किया गया।
24 से ज्यादा मुकदमों का रिकॉर्ड, गुंडा लिस्ट में था शामिल
कुलदीप साहू कोई मामूली अपराधी नहीं, बल्कि इलाके का जाना-माना हिस्ट्रीशीटर है। मां-बेटी की हत्या जैसी जघन्य वारदात से पहले ही उस पर दो दर्जन से अधिक गंभीर आपराधिक मामले दर्ज थे। इस वारदात के बाद सूरजपुर में जनाक्रोश का ऐसा सैलाब उमड़ा था कि लोग सड़कों पर उतर आए थे। बढ़ते दबाव और मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए शासन-प्रशासन ने कड़े कदम उठाए।