Jamshedpur Firing Case: ओडिशा के रास्ते भाग रहे झारखंड के 4 कुख्यात गैंगस्टर अंबिकापुर में गिरफ्तार
Jamshedpur Firing Case: बिंदल मॉल स्थित उडुपी रेस्टोरेंट गोलीकांड मामले में सरगुजा पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को अंबिकापुर से गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी वारदात के बाद अर्टिगा कार से ओडिशा के रास्ते छत्तीसगढ़ भागने की कोशिश कर रहे थे। झारखंड पुलिस के इनपुट पर की गई कार्रवाई में आरोपियों को मणिपुर थाना क्षेत्र से पकड़ा गया। मामले में पुलिस अब साजिश के मास्टरमाइंड और अन्य आरोपियों की तलाश में पूछताछ कर रही है।
Jamshedpur Firing Case: जमशेदपुर के चर्चित बिंदल मॉल स्थित 'उडुपी रेस्टोरेंट' में दिनदहाड़े हुई अंधाधुंध गोलीबारी के मामले में सरगुजा पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। दहशत फैलाने की इस साजिश में शामिल झारखंड के चार
शातिर गैंगस्टरों को पुलिस ने अंबिकापुर के मणिपुर थाना क्षेत्र से घेराबंदी कर धर दबोचा। आरोपी वारदात को अंजाम देने के बाद ओडिशा के रास्ते छत्तीसगढ़ भागने की फिराक में थे। झारखंड पुलिस से मिले सटीक इनपुट के आधार पर रविवार देर रात मणिपुर थाने के पास चलाए गए चेकिंग अभियान के दौरान इन अपराधियों को दबोचा गया। पुलिस ने इनके पास से भागने में इस्तेमाल की जा रही अर्टिगा कार (JH 05 EA 7928) भी जब्त कर ली है। जमशेदपुर पुलिस की टीम सोमवार सुबह अंबिकापुर पहुंची और स्थानीय अदालत से ट्रांजिट रिमांड हासिल कर चारों आरोपियों को अपने साथ वापस ले गई।
तेज रफ्तार अर्टिगा और पुलिस की सतर्कता से टूटी योजना
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) राजेश अग्रवाल के निर्देश पर पूरे जिले में नाकेबंदी की गई थी। पुलिस को इनपुट मिला था कि फायरिंग के आरोपी अर्टिगा वाहन से ओडिशा और बिलासपुर होते हुए अंबिकापुर के रास्ते निकल सकते हैं। मणिपुर थाना प्रभारी सी. पी. तिवारी के नेतृत्व में पुलिस टीम जब
संदिग्ध वाहनों की जांच कर रही थी, तभी एक तेज रफ्तार अर्टिगा कार आती दिखी। हुलिया और गाड़ी के नंबर का मिलान होते ही पुलिस ने वाहन को रोक लिया। कार में सवार चारों युवक शुरुआत में पुलिस को गुमराह करने की कोशिश करने लगे, लेकिन पुलिसिया कड़ाई के आगे टूट गए और उडुपी रेस्टोरेंट में हुई गोलीबारी की बात कबूल कर ली।
गिरफ्तार आरोपियों का आपराधिक इतिहास
पुलिस के मुताबिक, पकड़े गए चारों आरोपी जमशेदपुर के एक बड़े आपराधिक गिरोह से जुड़े हैं और इनका लंबा आपराधिक रिकॉर्ड रहा है:
रमेश कुमार शर्मा उर्फ टीटू (50 वर्ष): मूल निवासी राउरकेला (ओडिशा), हाल निवासी जमशेदपुर।
मनोज उर्फ भन्दू सरकार (53 वर्ष): निवासी परसुडीह, जिला पश्चिम सिंहभूम (झारखंड)।
दीपू ओझा (35 वर्ष): निवासी बिरसानगर, जमशेदपुर।
शंकर मुंडा (42 वर्ष): निवासी सीतारामडेरा, पूर्वी सिंहभूम (झारखंड)।
क्या थी घटना और क्या है वजह?
शनिवार दोपहर करीब 1:30 बजे सोनारी थाना क्षेत्र स्थित बिंदल मॉल के उडुपी रेस्टोरेंट में डोमनिक सैमसन, रिजवान, दिलशाद और कृष्णा चौधरी खाना खा रहे थे। तभी बाइक से तीन हमलावर पहुंचे। दो बदमाशों ने अंदर घुसकर ताबड़तोड़ 11 राउंड गोलियां चलाईं, जबकि तीसरा बाहर बाइक के पास खड़ा रहा। इस अचानक हुई गोलीबारी से पूरे मॉल में भगदड़ मच गई थी और चारों लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे। झारखंड पुलिस की शुरुआती जांच के अनुसार, इस वारदात की मुख्य वजह जमीन के कारोबार और रेलवे ठेकेदारी में वर्चस्व की रंजिश है।
घायल डोमनिक सैमसन का रेलवे ठेकेदारी को लेकर वर्चस्व का विवाद चल रहा था।
घायल रिजवान जमीन के कारोबार से जुड़ा हुआ था।
कानूनी कार्रवाई और आगे की जांच
जमशेदपुर के सोनारी थाने में आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 109, 111(2)(बी), 3(5), 61(2) बी और 27 आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। झारखंड पुलिस अब रिमांड पर लिए गए आरोपियों से यह पूछताछ कर रही है कि इस पूरी साजिश का मास्टरमाइंड कौन था, हथियार कहां से मुहैया कराए गए थे और रेस्टोरेंट के अंदर गोली चलाने वाले मुख्य शूटर कहां छिपे हैं।
कार्रवाई में शामिल पुलिस टीम
इस सफल ऑपरेशन में मणिपुर थाना प्रभारी उप निरीक्षक सी. पी. तिवारी, एएसआई अनिल पाण्डेय, प्रधान आरक्षक छात्रपाल सिंह, रजनीकान्त मिश्रा, नरेन्द्र जांगड़े, आरक्षक निरंजन बड़ा, नरेश सिंह, अनिल सिंह, रामशंकर यादव और सैनिक ओमप्रकाश दुबे का विशेष योगदान रहा।