देश के प्रमुख निजी बैंकों में शामिल एचडीएफसी बैंक के शेयर में गुरुवार को शुरुआती कारोबार के दौरान तेजी देखने को मिली। इससे पहले बुधवार को बैंक का शेयर अपने 52 सप्ताह के निचले स्तर पर पहुंच गया था। भारतीय रिजर्व बैंक की ओर से भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) को बैंक में हिस्सेदारी बढ़ाने की अनुमति मिलने के बाद निवेशकों की धारणा में सुधार दिखाई दिया।
पिछले कारोबारी सत्र में एचडीएफसी बैंक का शेयर बीएसई पर कारोबार के दौरान गिरकर 715.10 रुपए तक पहुंच गया था और अंत में 720.15 रुपए पर बंद हुआ। गुरुवार को शेयर 725 रुपए पर खुला और शुरुआती कारोबार में 728.10 रुपए तक पहुंच गया।
उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, 14 अगस्त तक एलआईसी के पास एचडीएफसी बैंक की कुल शेयर पूंजी में 4.11 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। आरबीआई की अनुमति मिलने के बाद अब बीमा कंपनी के पास निर्धारित नियमों और शर्तों के अंतर्गत बैंक में अपना निवेश बढ़ाने का विकल्प रहेगा।
52 सप्ताह के निचले स्तर से 2% ऊपर
एचडीएफसी बैंक की रेगुलेटरी फाइलिंग के अनुसार, आरबीआई ने एलआईसी को बैंक की पेड-अप शेयर कैपिटल या वोटिंग राइट्स में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाकर अधिकतम 9.99 प्रतिशत तक करने की मंजूरी दी है। इस खबर के सामने आने के बाद एचडीएफसी बैंक के शेयरों को बाजार में समर्थन मिला।एलआईसी देश की बड़ी संस्थागत निवेशक
जबकि एचडीएफसी बैंक निजी क्षेत्र के प्रमुख कर्जदाताओं में गिना जाता है। बैंक में हिस्सेदारी बढ़ने से वित्तीय सेवा क्षेत्र में एलआईसी का निवेश और मजबूत हो सकता है। हालांकि, आरबीआई की मंजूरी मिलने का अर्थ यह नहीं है कि एलआईसी तुरंत अपनी हिस्सेदारी बढ़ाकर 9.99 प्रतिशत कर लेगी। निवेश बढ़ाने का फैसला बाजार की परिस्थितियों और कंपनी की रणनीति पर निर्भर करेगा।
एलआईसी के शेयरों में 2% से अधिक तेजी
इस घटनाक्रम के बीच एलआईसी के शेयरों में भी शुरुआती कारोबार के दौरान दो प्रतिशत से अधिक की तेजी दर्ज की गई। पिछले सत्र में कंपनी का शेयर 413 रुपए पर बंद हुआ था। गुरुवार को यह 415.55 रुपए पर खुला और कारोबार के दौरान बढ़कर 422.90 रुपए तक पहुंच गया।दोनों कंपनियों के शेयरों पर निवेशकों की नजर
एचडीएफसी बैंक में हिस्सेदारी बढ़ाने की अनुमति मिलने के बाद दोनों कंपनियों के शेयर निवेशकों की निगाह में बने हुए हैं। शेयर बाजार में आगे की चाल निवेश से जुड़ी गतिविधियों और व्यापक बाजार परिस्थितियों पर निर्भर करेगी।