भारी बारिश और बड़ी संख्या में भारी वाहनों की लगातार आवाजाही के कारण गौरेला-बिलासपुर नेशनल हाईवे-45 के कुछ हिस्सों की सड़क सतह क्षतिग्रस्त हो गई थी। इसकी सूचना मिलते ही ईपीसी ठेकेदार मेसर्स शांति इंजीकॉन प्राइवेट लिमिटेड ने प्रभावित हिस्से में सुधार कार्य शुरू कर दिया। मरम्मत का काम तेजी से जारी है और विभागीय अधिकारी मौके पर उपस्थित रहकर इसकी नियमित निगरानी कर रहे हैं। काम के दौरान वाहनों की आवाजाही प्रभावित न हो, इसके लिए यातायात को व्यवस्थित तरीके से संचालित किया जा रहा है।
NH-45 परियोजना का 58 फीसदी काम पूरा
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की मंजूरी के बाद नेशनल हाईवे-45 के 42.598 किलोमीटर लंबे हिस्से का दो लेन में चौड़ीकरण और उन्नयन किया जा रहा है। पक्के शोल्डर के साथ विकसित की जा रही इस परियोजना के लिए 286 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। निर्माण कार्य में अब तक 58 प्रतिशत भौतिक प्रगति हासिल की जा चुकी है। इसके तहत 25.770 किलोमीटर डामरीकरण, 98 एचपी कल्वर्ट, 14 आरसीसी बॉक्स कल्वर्ट और सात छोटे पुलों का निर्माण पूरा हो गया है।
बारिश से क्षतिग्रस्त हाईवे की मरम्मत जारी
केंवची-रतनपुर मार्ग पर ग्राम छतौना के पास, जहां टोल प्लाजा का निर्माण प्रस्तावित है, बारिश के कारण सड़क की सतह को नुकसान पहुंचा था। इस हिस्से में ग्रेन्युलर सब-बेस यानी जीएसबी लेयर का काम पूरा किया जा चुका है। बीते दिनों हुई अतिवृष्टि और भारी वाहनों के दबाव से प्रभावित सड़क को ठीक करने के लिए लगातार काम किया जा रहा है। विभाग का कहना है कि क्षतिग्रस्त हिस्से को जल्द ही दुरुस्त कर लिया जाएगा।
NH-45 पर आवाजाही सामान्य रूप से जारी
NH-45 पर आवागमन सामान्य गौरेला-बिलासपुर नेशनल हाईवे-45 पर वाहनों की आवाजाही सामान्य रूप से जारी है। मरम्मत और निर्माण कार्य के दौरान यातायात बाधित न हो, इसके लिए विभागीय अधिकारी मौके पर निगरानी रख रहे हैं। वाहन चालकों को सुरक्षित तरीके से मार्ग से निकाला जा रहा है। लोक निर्माण विभाग के राष्ट्रीय राजमार्ग प्रभाग ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने और वाहन चलाते समय जरूरी सावधानी बरतने की अपील की है।
286 करोड़ से हाईवे का चौड़ीकरण जारी
गौरेला-बिलासपुर नेशनल हाईवे-45 के 42.598 किलोमीटर लंबे हिस्से का चौड़ीकरण और उन्नयन किया जा रहा है। परियोजना के तहत सड़क को पक्के शोल्डर के साथ दो लेन में विकसित किया जा रहा है। अब तक 25.770 किलोमीटर डामरीकरण के साथ कई पुल-पुलियों, नालियों और सुरक्षा दीवारों का निर्माण पूरा हो चुका है। विभाग के अनुसार, शेष कार्य भी तेजी से कराया जा रहा है।