Saturday, 19 Sep 2026 भारत
ब्रेकिंग
Chhattisgarh News: सारंगढ़-बिलाईगढ़ में आवारा कुत्ते का आतंक, 31 लोगों को काटकर किया घायल Surajpur Crime News: तीजा पर्व पर खाना नहीं बनाने को लेकर हुआ विवाद, बेटे ने टांगी से हमला कर पिता की हत्या की GST Fraud Case: फर्जी दस्तावेजों से 10 फर्में बनाकर करोड़ों का कारोबार दिखाने का आरोप, FIR दर्ज Khargone news: बदहाल सड़क बनी मुसीबत, एंबुलेंस फंसी तो बैलगाड़ी से ले जाना पड़ा प्रसूता, नवजात की मौत Surajpur Crime News: नाबालिग से गैंगरेप का आरोप, दो युवकों के खिलाफ केस दर्ज, जांच में जुटी पुलिस Sasaram Murder Case: खौफनाक अंत, जादू-टोने के शक में बुजुर्ग की हत्या, जंगल में मिला खून से लथपथ शव, जांच में जुटी पुलिस Chhattisgarh News: सारंगढ़-बिलाईगढ़ में आवारा कुत्ते का आतंक, 31 लोगों को काटकर किया घायल Surajpur Crime News: तीजा पर्व पर खाना नहीं बनाने को लेकर हुआ विवाद, बेटे ने टांगी से हमला कर पिता की हत्या की GST Fraud Case: फर्जी दस्तावेजों से 10 फर्में बनाकर करोड़ों का कारोबार दिखाने का आरोप, FIR दर्ज Khargone news: बदहाल सड़क बनी मुसीबत, एंबुलेंस फंसी तो बैलगाड़ी से ले जाना पड़ा प्रसूता, नवजात की मौत Surajpur Crime News: नाबालिग से गैंगरेप का आरोप, दो युवकों के खिलाफ केस दर्ज, जांच में जुटी पुलिस Sasaram Murder Case: खौफनाक अंत, जादू-टोने के शक में बुजुर्ग की हत्या, जंगल में मिला खून से लथपथ शव, जांच में जुटी पुलिस
W 𝕏 f
होम विदेश रेस्क्यू मिशन : होर्मुज स्ट्रेट में फंसे 11 हजार …
रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू
रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू
विदेश

रेस्क्यू मिशन : होर्मुज स्ट्रेट में फंसे 11 हजार से ज्यादा नाविकों की होगी वतन वापसी

मिडिल ईस्ट में लंबे समय से जारी तनाव के बीच अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार के लिए बड़ी राहत की खबर आई है। संयुक्त राष्ट्र की समुद्री एजेंसी International Maritime Organization (IMO) ने होर्मुज जलडमरूमध्य में फंसे लगभग 11,000 नाविकों को सुरक्षित निकालने के लिए बड़े पैमाने पर निकासी अभियान शुरू किया है।

प्रकाशित: 24 Jun 2026, 11:22 AM · अपडेट: 15 Sep 2026, 12:11 AM
तेहरान
AI द्वारा तैयार ~1 मिनट सारांश

मिडिल ईस्ट में महीनों से चले आ रहे तनाव के बीच अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार और वहाँ फंसे हजारों नाविकों के लिए एक बहुत बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। संयुक्त राष्ट्र की संस्था 'इंटरनेशनल मैरीटाइम ऑर्गनाइजेशन' (IMO) ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में फंसे 11,000 से अधिक नाविकों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए एक बड़ा रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया है।

यह कदम अमेरिका और ईरान के बीच हुए उस ऐतिहासिक समझौते के बाद उठाया गया है, जिसका मकसद ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच चल रहे युद्ध व तनाव को पूरी तरह खत्म करना है।

'सभी देशों से मिली सुरक्षा गारंटी'

मामले की गंभीरता को देखते हुए IMO के महासचिव आर्सेनियो डोमिंग्वेज़ ने मंगलवार को एक आधिकारिक बयान जारी किया। उन्होंने साफ किया कि यह बचाव अभियान किसी एक देश का नहीं, बल्कि ईरान, ओमान, क्षेत्र के तमाम तटीय मुल्कों, अमेरिका और पूरी समुद्री इंडस्ट्री के साझा सहयोग से चलाया जा रहा है।

"हमें जमीनी स्तर पर सभी जरूरी सुरक्षा गारंटियां मिल चुकी हैं। जहाजों और नाविकों की सुरक्षित आवाजाही के लिए रूट्स की पूरी जांच-पड़ताल कर ली गई है, जिसके बाद ही यह ऑपरेशन शुरू किया गया है।"

आर्सेनियो डोमिंग्वेज़, सेक्रेटरी-जनरल (IMO)

3 महीने से ठप था रास्ता, 'स्विट्जरलैंड समझौते' ने खोली राह

याद दिला दें कि इसी साल 28 फरवरी को जब ईरान के खिलाफ अमेरिका-इजरायल का युद्ध भड़का था, तब तेहरान ने रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण माने जाने वाले इस समुद्री रास्ते (होर्मुज स्ट्रेट) को पूरी तरह ब्लॉक कर दिया था। इस वजह से सैकड़ों कमर्शियल जहाज जहां के तहां रुक गए थे और पिछले 2-3 महीनों से हजारों नाविक समुद्र के बीच ही फंसे हुए थे। हाल ही में हुए 'स्विट्जरलैंड समझौते' के बाद अब जाकर इन बेकसूर नाविकों और जहाजरानी कंपनियों ने राहत की सांस ली है।

बढ़ने लगा ट्रैफिक, पर अभी भी है बड़ा खतरा

समझौते पर मुहर लगते ही इस रूट पर जहाजों की हलचल तेजी से बढ़ी है। शिपिंग इंटेलिजेंस एजेंसी 'केप्लर' की ताजा रिपोर्ट बताती है कि सोमवार को इस रास्ते से कम से कम 36 कमर्शियल जहाज गुजरे। युद्ध छिड़ने के बाद से यह अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है।

हालाँकि, ओमान के रक्षा मंत्रालय का कहना है कि यह पूरा ऑपरेशन बेहद सावधानी से और कई चरणों (Phases) में पूरा किया जाएगा। मंत्रालय ने चेतावनी दी है कि:

  • लंबे समय से एक ही जगह पर कई जहाज खड़े हैं, जिससे उनके आपस में टकराने का जोखिम बहुत ज्यादा है।

  • ट्रैफिक को बहुत ही नियंत्रित और धीरे-धीरे बाहर निकाला जा रहा है ताकि कोई नया हादसा न हो।

टोल टैक्स वसूलने पर अड़ा अमेरिका, अंतरराष्ट्रीय मिशन में शामिल हुए कई देश

इस समुद्री रास्ते को सुरक्षित और दोबारा बहाल करने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी लामबंदी शुरू हो गई है। डेनमार्क ने मंगलवार को एलान किया कि वह फ्रांस और ब्रिटेन के उस इंटरनेशनल मैरीटाइम मिशन का हिस्सा बनेगा, जो इस रूट को चालू रखने के लिए बनाया गया है।

दूसरी तरफ, कूटनीतिक मोर्चे पर भी बयानबाजी तेज है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो मंगलवार को संयुक्त अरब अमीरात (UAE) पहुंचे। वहां उन्होंने ईरान को दो टूक लहजे में चेतावनी देते हुए कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच होने वाले किसी भी फाइनल एग्रीमेंट के तहत ईरान को होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों से 'टोल' या टैक्स वसूलने का कोई हक नहीं होगा। रुबियो ने साफ किया, "यह एक इंटरनेशनल वॉटरवे है। दुनिया के किसी भी देश को अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग पर अपनी मनमर्जी से फीस वसूलने की इजाजत नहीं दी जा सकती और मुझे पूरा भरोसा है कि क्षेत्र के बाकी देश भी मेरी इस बात से सहमत होंगे।"

क्या यह खबर उपयोगी लगी?
शेयर करें अपने दोस्तों तक पहुंचाएं
WhatsApp Telegram
हमारे WhatsApp ग्रुप से जुड़ें — ताज़ा खबरें सबसे पहले पाएं!
कीर्तिमान
छत्तीसगढ़
सभी छत्तीसगढ़ ›
रायपुर संभाग
दुर्ग संभाग
बिलासपुर संभाग
सरगुजा संभाग
बस्तर संभाग
देश
विदेश
सरकारी सूचना
राजनीति
खेल
मनोरंजन
कारोबार
कीर्तिमान विशेष
तकनीक शिक्षा सेहत धर्म यात्रा राशिफल डार्क/लाइट मोड डॉ. नीरज गजेंद्र डॉ. नीरज गजेंद्र
वीडियो
अभी कोई वीडियो उपलब्ध नहीं है
अभी कोई रील उपलब्ध नहीं है
टिप्पणियाँ
शेयर करें
Clip & Share

अगली खबर के लिए ऊपर और पिछली खबर के लिए नीचे स्वाइप करें

सावधान: संवेदनशील सामग्री
इस अनुभाग में अपराध, हिंसा, दुर्घटना या अन्य संवेदनशील विषयों से संबंधित समाचार हो सकते हैं। क्या आप इसे देखना चाहते हैं?
ताज़ा खबरें सबसे पहले पाएं!
पुश नोटिफिकेशन चालू करें