खुलासा : इंस्टाग्राम चैट से शुरू हुई दोस्ती, निजी तस्वीरें वायरल होने पर मचा हड़कंप
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में सोशल मीडिया के दुरुपयोग का एक गंभीर मामला सामने आया है। इंस्टाग्राम पर दोस्ती करने के बाद एक नाबालिग बालक ने 13 वर्षीय बालिका के आपत्तिजनक फोटो-वीडियो सोशल मीडिया और चैट ग्रुपों में साझा कर दिए। शिकायत मिलने पर साइबर पुलिस ने तकनीकी जांच के आधार पर आरोपी किशोर को पकड़ लिया।
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में सोशल मीडिया के दुरुपयोग का एक गंभीर मामला सामने आया है। एक नाबालिग बालक ने इंस्टाग्राम के माध्यम से 13 वर्षीय बालिका से दोस्ती की और विश्वास में लेकर उसके आपत्तिजनक फोटो और वीडियो हासिल कर लिए। बाद में इन सामग्रियों को सोशल मीडिया और विभिन्न चैट ग्रुपों में साझा कर दिया गया। मामले की शिकायत मिलने के बाद साइबर थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी अपचारी बालक को पकड़ लिया है।
जानकारी के अनुसार चक्रधर नगर क्षेत्र निवासी एक व्यक्ति ने 19 मई को साइबर थाना पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि उनकी नाबालिग पुत्री के निजी और आपत्तिजनक फोटो-वीडियो किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा इंस्टाग्राम पर अपलोड कर प्रसारित किए जा रहे हैं। घटना की जानकारी मिलने के बाद परिवार काफी परेशान था और तत्काल कार्रवाई की मांग की गई।
साइबर थाना ने शुरू की तकनीकी जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए साइबर थाना पुलिस ने अज्ञात इंस्टाग्राम यूजर के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 79 तथा आईटी एक्ट की धारा 67-बी और पॉक्सो एक्ट की धारा 12 के तहत अपराध दर्ज किया। इसके बाद तकनीकी जांच शुरू की गई और संबंधित सोशल मीडिया अकाउंट की गतिविधियों का विश्लेषण किया गया। जांच के दौरान पुलिस ने उस इंस्टाग्राम आईडी की पहचान कर ली, जिसके जरिए फोटो और वीडियो साझा किए जा रहे थे। डिजिटल साक्ष्यों और तकनीकी जानकारी के आधार पर पता चला कि अकाउंट का संचालन 17 वर्षीय किशोर कर रहा था। इसके बाद साइबर टीम ने उसे अभिरक्षा में लेकर पूछताछ की।
पूछताछ में स्वीकार किया अपराध
पुलिस पूछताछ के दौरान आरोपी किशोर ने स्वीकार किया कि उसने इंस्टाग्राम पर बालिका सहित अन्य लोगों से दोस्ती की थी। उसने यह भी माना कि बालिका के आपत्तिजनक फोटो और वीडियो विभिन्न चैट ग्रुपों में साझा किए गए थे। जांच के दौरान उसके कब्जे से घटना में इस्तेमाल किया गया मोबाइल फोन भी जब्त कर लिया गया।
प्रारंभिक जांच पूरी होने के बाद आरोपी नाबालिग को किशोर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। न्यायालय के निर्देश पर उसे बाल संप्रेक्षण गृह भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच अभी जारी है और अन्य पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है।
अभिभावकों को सतर्क रहने की सलाह
जिले के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों पर नियमित नजर रखें। उन्होंने कहा कि बच्चों को सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग के बारे में जागरूक करना बेहद जरूरी है, ताकि वे किसी भी प्रकार के साइबर अपराध का शिकार न बनें। पुलिस ने सलाह दी है कि बच्चों को अनजान लोगों से ऑनलाइन मित्रता करने, निजी फोटो-वीडियो साझा करने और व्यक्तिगत जानकारी देने से बचने की सीख दी जानी चाहिए। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि सोशल मीडिया का दुरुपयोग करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।