सांसद रूपकुमारी चौधरी की अध्यक्षता में जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आज जिला पंचायत के सभाकक्ष में आयोजित की गई। बैठक में बसना विधायक संपत अग्रवाल, खल्लारी विधायक द्वारिकाधीश यादव, सरायपाली विधायक चातुरीनंद, जिला पंचायत अध्यक्ष मोंगरा पटेल, जनपद पंचायत एवं नगरीय निकायों के अध्यक्ष, प्रतिनिधि, सदस्य, कलेक्टर विनय कुमार लंगेह, पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार, जिला पंचायत सीईओ हेमंत नंदनवार, अपर कलेक्टर रवि साहू सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में सांसद चौधरी ने कहा कि जिले के स्कूलों और कॉलेजों में विद्यार्थियों के परिवहन के लिए उपयोग किए जा रहे वाहनों की नियमित जांच की जाए। उन्होंने स्कूल बसों में ओवरलोडिंग रोकने, समय-समय पर फिटनेस जांच कराने तथा सभी वाहनों में जीपीएस लगाने के निर्देश दिए।
ब्लैक स्पॉट सुधार और सड़क सुरक्षा पर जोर
सांसद ने पूर्व में चिन्हित ब्लैक स्पॉट के साथ-साथ नए ब्लैक स्पॉट की पहचान कर वहां सुधारात्मक एवं स्थायी उपाय करने के निर्देश दिए। उन्होंने मालवाहक वाहनों में तिरपाल लगाकर सामग्री ढोने तथा सड़क किनारे बैठे आवारा पशुओं को हटाकर सुरक्षित स्थानों पर विस्थापित करने की बात कही, ताकि सड़क दुर्घटनाओं की संभावना कम हो सके। बैठक में जनप्रतिनिधियों ने भी अपने-अपने क्षेत्रों के ब्लैक स्पॉट की जानकारी साझा की। पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार ने जिले में वर्ष 2026 के दौरान हुई सड़क दुर्घटनाओं का ब्यौरा प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि दुपहिया वाहन चालकों को हेलमेट और कार चालकों को सीट बेल्ट के उपयोग के लिए लगातार जागरूक किया जा रहा है। जनवरी से मई 2026 के बीच बिना हेलमेट वाहन चलाने वाले 8,740 लोगों से 43 लाख 70 हजार रुपये तथा सीट बेल्ट का उपयोग नहीं करने वाले 340 कार चालकों से 1 लाख 70 हजार रुपये का समन शुल्क वसूला गया है।स्कूल बसों का निरीक्षण और नए ब्लैक स्पॉट चिन्हित
जिला परिवहन अधिकारी प्रतीक शुक्ला ने बताया कि स्कूल खुलने से पहले जिले की 92 स्कूल बसों का भौतिक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान दो स्कूल बसों पर नियमों के उल्लंघन के कारण चालानी कार्रवाई कर 6 हजार रुपये का शमन शुल्क वसूला गया। उन्होंने बताया कि जिले में पांच नए ब्लैक स्पॉट चिन्हित किए गए हैं, जहां लोक निर्माण विभाग द्वारा आवश्यक सुधारात्मक कार्य किए जा रहे हैं। बैठक के अंत में सांसद रूपकुमारी चौधरी ने नागरिकों से अपील की कि वे नशे की हालत में वाहन न चलाएं। उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं से बचाव के लिए दुपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट और चार पहिया वाहन चलाते समय सीट बेल्ट का उपयोग अनिवार्य रूप से करें। साथ ही अपने परिवार एवं रिश्तेदारों को भी यातायात नियमों के प्रति जागरूक करें।