Saksham Yojana: अमृता प्रजापति बनीं आत्मनिर्भर, दुकान और सिलाई से संवार रहीं बच्चों का भविष्य
Saksham Yojana: सूरजपुर जिले की अमृता प्रजापति ने पति के निधन के बाद परिवार की जिम्मेदारी संभालते हुए सक्षम योजना के तहत एक लाख रुपए का ऋण लेकर दुकान और सिलाई का काम शुरू किया। आज वे स्वरोजगार से परिवार की जरूरतें पूरी करने के साथ बच्चों की पढ़ाई और बेहतर भविष्य के लिए प्रयास कर रही हैं।
Saksham Yojana: पति के निधन के बाद परिवार और बच्चों की जिम्मेदारी संभालना अमृता प्रजापति के लिए बड़ी चुनौती थी, कठिन परिस्थितियों के बीच उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और सक्षम योजना से मिले एक लाख रुपए के ऋण की मदद से स्वरोजगार शुरू किया। आज दुकान और सिलाई के काम से वे परिवार की जरूरतें पूरी करने के साथ बच्चों की शिक्षा और बेहतर भविष्य के लिए प्रयास कर रही हैं। सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत उनकी कहानी संघर्ष, संकल्प और आत्मनिर्भरता की प्रेरक मिसाल है।
बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए लिया संकल्प
सूरजपुर जिले के ग्राम केशवनगर निवासी अमृता प्रजापति बताती हैं कि वर्ष 2021 में उनके पति स्वर्गीय संतोष प्रजापति का निधन हो गया था, जीवनसाथी को खोने के दुख के साथ ही बच्चों के पालन-पोषण, पढ़ाई और परिवार की आर्थिक जरूरतों की जिम्मेदारी भी उनके सामने थी। कुछ समय वे मायके में रहीं, लेकिन बच्चों का भविष्य बेहतर बनाने के लिए उन्होंने स्वयं कुछ करने का निश्चय किया।
अमृता प्रजापति सक्षम योजना से मिले ऋण की मदद से दुकान और सिलाई का काम कर आत्मनिर्भर बनीं
सक्षम योजना से मिला एक लाख का ऋण
मायके से लौटने के बाद उन्हें सक्षम योजना की जानकारी मिली, योजना के तहत आवेदन करने पर उन्हें एक लाख रुपए का ऋण प्राप्त हुआ। इस सहायता से उन्होंने दुकान के लिए जगह तैयार कर छोटा व्यवसाय शुरू किया, साथ ही सिलाई मशीन खरीदी और सिलाई का काम भी शुरू किया। दुकान से होने वाली आमदनी के साथ सिलाई से अतिरिक्त आय का साधन मिला, आज अमृता अपने परिश्रम से परिवार की जिम्मेदारियां निभा रही हैं।
आत्मनिर्भर बनकर बच्चों का भविष्य संवार रहीं अमृता प्रजापति
स्वरोजगार से मिली आय बच्चों की पढ़ाई और घर की जरूरतों को पूरा करने में सहायक है, उनके लिए दुकान और सिलाई का काम केवल आजीविका का साधन नहीं, बल्कि आत्मविश्वास और आत्मसम्मान के साथ आगे बढ़ने का आधार बना है। अमृता प्रजापति ने सक्षम योजना से मिले सहयोग के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया। उनका कहना है कि कठिन समय में मिला यह आर्थिक संबल उन्हें अपने पैरों पर खड़ा होने का अवसर दे सका। उनका सफर बताता है कि दृढ़ इच्छाशक्ति और सही सहयोग से चुनौतियों के बीच भी नई राह बनाई जा सकती है।