शिवपुरी जिले के प्रसिद्ध ऐतिहासिक नरवर किले से एक चौंकाने वाली चोरी का मामला सामने आया है। करीब 400 साल पुरानी दुर्लभ तोप को चोरों ने किले से गायब कर दिया। बताया जा रहा है कि 15-16 जुलाई की रात 25 से 30 हथियारबंद बदमाश लोडिंग वाहनों के साथ किले में पहुंचे और गार्डों को धमकाकर तोप अपने साथ ले गए। इस घटना ने ऐतिहासिक धरोहरों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जानकारी के मुताबिक, चोरी हुई तोप घटना से करीब 12 दिन पहले ही अपने स्थान से गिर गई थी।
गिरी हुई तोप को नहीं मिली सुरक्षा,
इसी लापरवाही का फायदा उठाकर बदमाशों ने आसानी से वारदात को अंजाम दे दिया। स्थानीय लोगों ने भी इस मामले में जिम्मेदार विभागों की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, इस चोरी के पीछे अंतरराष्ट्रीय हेरिटेज तस्कर गिरोह का हाथ होने की आशंका जताई जा रही है। इसके बाद भी पुरातत्व विभाग और प्रशासन ने उसकी सुरक्षा के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया।
गिरोह की संलिप्तता की आशंका
दुर्लभ ऐतिहासिक वस्तुओं की विदेशों में मांग होने के कारण पुलिस इस एंगल से भी जांच कर रही है। नरवर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है। टीम मौके से सबूत जुटा रही है और आसपास के क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी गई है। पुरातत्व विभाग के अधिकारियों से भी पूछताछ की जा रही है।ऐतिहासिक धरोहरों का प्रमुख केंद्र
नरवर किला मध्यकालीन इतिहास की महत्वपूर्ण विरासत माना जाता है। यहां मौजूद प्राचीन तोपें और अन्य कलाकृतियां इसकी पहचान हैं। इस चोरी से न सिर्फ एक ऐतिहासिक वस्तु को नुकसान पहुंचा है, बल्कि किले की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठे हैं। इतिहास प्रेमियों और स्थानीय लोगों ने मांग की है कि पुरातात्विक महत्व वाली वस्तुओं की सुरक्षा के लिए बेहतर इंतजाम किए जाएं। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।