Thursday, 13 Aug 2026 भारत
ब्रेकिंग
W 𝕏 f
होम रायगढ़ छाल खदान में मजदूरों के गंभीर आरोप,  9 सूत्रीय शि…
छाल खदान मजदूर शिकायत जांच
छाल खदान मजदूर शिकायत जांच
रायगढ़

छाल खदान में मजदूरों के गंभीर आरोप,  9 सूत्रीय शिकायत पर प्रशासन ने गठित की जांच टीम

छाल क्षेत्र की खुली खदान में ठेका कंपनी एसकेए के खिलाफ मजदूरों की 9 सूत्रीय शिकायत पर कलेक्टर ने 5 सदस्यीय संयुक्त जांच दल गठित किया है। टीम श्रम कानूनों, वेतन, काम के घंटे और सुरक्षा सुविधाओं से जुड़े आरोपों की जांच कर 7 दिन में रिपोर्ट सौंपेगी।

कीर्तिमान डेस्क
कीर्तिमान डेस्क
13 Aug 2026, 10:15 AM
रायगढ़

छाल क्षेत्र की खुली खदान में काम कर रही ठेका कंपनी एसकेए (SKA) के खिलाफ मजदूरों की ओर से की गई शिकायतों को जिला प्रशासन ने गंभीरता से लिया है। श्रमिकों ने काम के घंटे, वेतन, साप्ताहिक अवकाश, एचपीसी दर, वेतन से कटौती और सुरक्षा सुविधाओं सहित विभिन्न मुद्दों को लेकर 9 सूत्रीय शिकायत प्रशासन को सौंपी है। शिकायत मिलने के बाद कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी मयंक चतुर्वेदी ने पूरे मामले की जांच के लिए संयुक्त जांच दल गठित किया है। कलेक्टर कार्यालय की ओर से जारी आदेश के अनुसार जांच केवल छाल क्षेत्र की संबंधित खुली खदान तक सीमित नहीं रहेगी। जिले की अन्य खदानों में कार्यरत ठेका कंपनियों द्वारा श्रम कानूनों और कर्मचारियों से जुड़ी व्यवस्थाओं का पालन किया जा रहा है या नहीं, इसकी भी जांच की जाएगी।

12 घंटे काम कराने का आरोप

एसईसीएल छाल क्षेत्र की खुली खदान सिम-3 विस्तार में कार्यरत मजदूरों ने ठेका कंपनी सुनील कुमार अग्रवाल (एसकेए) के खिलाफ काम के घंटों को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। मजदूरों का कहना है कि श्रम नियमों के अनुसार निर्धारित कार्य अवधि के बजाय उनसे प्रतिदिन करीब 12 घंटे तक काम कराया जा रहा है। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि कई मजदूरों से महीने में 30 से 31 दिन तक लगातार काम लिया जाता है और उन्हें नियमित साप्ताहिक अवकाश का लाभ भी नहीं मिल रहा। लंबे समय तक लगातार काम करने के कारण श्रमिकों पर अतिरिक्त कार्यभार पड़ने के साथ ही उनके स्वास्थ्य और सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। अब जांच दल मजदूरों के इन आरोपों और कंपनी के कार्य संबंधी रिकॉर्ड की पड़ताल करेगा।

वेतन नहीं मिलने की शिकायत

मजदूरों ने वेतन भुगतान को लेकर भी प्रशासन के सामने शिकायत रखी है। उनका आरोप है कि एसईसीएल की ओर से निर्धारित बजट उपलब्ध कराए जाने के बावजूद उन्हें हाई पावर कमेटी (HPC) द्वारा निर्धारित दर के अनुसार वेतन का पूरा लाभ नहीं दिया जा रहा है। श्रमिकों ने वेतन निर्धारण और भुगतान की प्रक्रिया में विसंगति होने की शिकायत की है। जांच के दौरान यह देखा जाएगा कि कर्मचारियों को किस दर से भुगतान किया जा रहा है और वह निर्धारित नियमों के अनुरूप है या नहीं। मजदूरों की शिकायत के बाद वेतन भुगतान से जुड़े दस्तावेज और रिकॉर्ड भी जांच के दायरे में आ सकते हैं।

6 हजार तक कटौती का आरोप

श्रमिकों ने वेतन से होने वाली कटौती को लेकर भी सवाल उठाए हैं। शिकायत के अनुसार कुछ कर्मचारी अपने घर से खदान में काम करने आते-जाते हैं, इसके बावजूद उनके वेतन से कमरे और भोजन के नाम पर कथित रूप से 6 हजार रुपए तक की राशि काटी जा रही है। मजदूरों का आरोप है कि ऐसी सुविधाओं का उपयोग नहीं करने के बावजूद कटौती किए जाने से उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। संयुक्त जांच दल इस शिकायत की भी पड़ताल करेगा कि कर्मचारियों के वेतन से किस आधार पर राशि काटी जा रही है और इसके लिए श्रमिकों की सहमति अथवा निर्धारित नियमों का पालन किया गया है या नहीं।

बोनस नहीं मिलने की शिकायत

मजदूरों ने प्रशासन को दी शिकायत में वेतन से संबंधित दस्तावेज और अन्य सुविधाएं नहीं मिलने का मुद्दा भी उठाया है। उनका आरोप है कि नियमित रूप से काम करने के बावजूद उन्हें पे-स्लिप उपलब्ध नहीं कराई जा रही है, जिससे वे अपने मूल वेतन, भत्ते और कटौती का स्पष्ट विवरण नहीं देख पाते। इसके साथ ही श्रमिकों ने नियमानुसार मिलने वाले बोनस का लाभ नहीं दिए जाने की भी शिकायत की है। मजदूरों का कहना है कि वेतन भुगतान में पारदर्शिता नहीं होने के कारण उन्हें वास्तविक भुगतान और की गई कटौती की जानकारी स्पष्ट रूप से नहीं मिल पाती है।

सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल

खदान जैसे जोखिम वाले कार्यस्थल पर सुरक्षा उपकरण बेहद महत्वपूर्ण माने जाते हैं। मजदूरों ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि उन्हें आवश्यक सेफ्टी किट और सुरक्षा से जुड़ी सुविधाएं पर्याप्त रूप से उपलब्ध नहीं कराई जा रही हैं। खुले खदान क्षेत्र में भारी मशीनों और अन्य जोखिमों के बीच काम करने वाले कर्मचारियों के लिए सुरक्षा मानकों का पालन जरूरी है। ऐसे में जांच दल औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा से जुड़े प्रावधानों की भी पड़ताल करेगा और यह देखा जाएगा कि कार्यस्थल पर मजदूरों को निर्धारित सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए गए हैं या नहीं।

क्या यह खबर उपयोगी लगी?
शेयर करें अपने दोस्तों तक पहुंचाएं
WhatsApp Telegram
हमारे WhatsApp ग्रुप से जुड़ें — ताज़ा खबरें सबसे पहले पाएं!
कीर्तिमान
कीर्तिमान विशेष
छत्तीसगढ़
सभी छत्तीसगढ़ ›
रायपुर संभाग
दुर्ग संभाग
बिलासपुर संभाग
सरगुजा संभाग
बस्तर संभाग
देश
विदेश
सरकारी सूचना
राजनीति
खेल
मनोरंजन
कारोबार
तकनीक शिक्षा सेहत धर्म यात्रा राशिफल डार्क/लाइट मोड डॉ. नीरज गजेंद्र
वीडियो
अभी कोई वीडियो उपलब्ध नहीं है
Clip & Share

अगली खबर के लिए ऊपर और पिछली खबर के लिए नीचे स्वाइप करें

सावधान: संवेदनशील सामग्री
इस अनुभाग में अपराध, हिंसा, दुर्घटना या अन्य संवेदनशील विषयों से संबंधित समाचार हो सकते हैं। क्या आप इसे देखना चाहते हैं?
ताज़ा खबरें सबसे पहले पाएं!
पुश नोटिफिकेशन चालू करें