Seva Sankalp Abhiyan: जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा संचालित ‘आसरा’ एवं ‘करुणा’ अभियान के तहत जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य बेसहारा तथा होटल और सड़क पर रहने वाले बच्चों की पहचान कर उन्हें संरक्षण, विधिक सहायता एवं पुनर्वास सेवाओं से जोड़ना और असहाय वरिष्ठ नागरिकों के अधिकारों के संरक्षण के प्रति आम नागरिकों को जागरूक करना था।
कार्यक्रम में बच्चों एवं युवाओं को नशीले पदार्थों के सेवन से होने वाले दुष्प्रभावों की जानकारी दी गई। उन्हें नशे से दूर रहने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। उपस्थित नागरिकों को चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 तथा सखी वन स्टॉप सेंटर 181 की सेवाओं के बारे में भी बताया गया।
संकट में बच्चों और महिलाओं का सहारा
नागरिकों को जानकारी दी गई कि चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 संकटग्रस्त एवं जरूरतमंद बच्चों को सहायता और संरक्षण उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। वहीं, सखी वन स्टॉप सेंटर 181 हिंसा से प्रभावित महिलाओं को सहायता, परामर्श और अन्य आवश्यक सेवाएं प्रदान करता है।
जरूरतमंद बच्चों और बुजुर्गों के अधिकारों के सम्मान की अपील
कार्यक्रम के माध्यम से नागरिकों से जरूरतमंद बच्चों एवं असहाय वरिष्ठ नागरिकों के प्रति संवेदनशीलता रखने, उनके अधिकारों का सम्मान करने और संकट की स्थिति में संबंधित विभागों तथा सहायता सेवाओं की जानकारी जरूरतमंदों तक पहुंचाने की अपील की गई। साथ ही, कमजोर एवं जरूरतमंद वर्गों को विधिक सहायता और उपलब्ध संरक्षण सेवाओं से जोड़कर उनका सुरक्षित एवं सम्मानजनक जीवन सुनिश्चित करने का संदेश दिया गया।
जिला बाल संरक्षण इकाई के प्रतिनिधियों की रही उपस्थिति
इस अवसर पर चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 की केसवर्कर स्तुति राजवाड़े, जिला बाल संरक्षण इकाई के सामाजिक कार्यकर्ता कृष्णा कुमार चंद्राकर एवं आउटरीच वर्कर महेश पटेल तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण और पुलिस विभाग के कर्मचारी उपस्थित थे।






