Sharadiya Navratri: आरंग में पांच चैतन्य देवियों की अलौकिक झांकी ने मोहा मन ब्रह्माकुमारीज में पांच दिवसीय आयोजन का समापन
Sharadiya Navratri: आरंग के गुड़ियारी पारा स्थित ब्रह्माकुमारीज संस्थान में शारदीय नवरात्र के अवसर पर आयोजित पांच दिवसीय चैतन्य देवियों की झांकी का रविवार को समापन हुआ। मां दुर्गा, मां लक्ष्मी, मां सरस्वती, मां उमा और मां काली के स्वरूपों के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे।
प्रकाशित: 19 Oct 2026, 01:18 PM· 2 मिनट पढ़ने का समय
आरंग
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Sharadiya Navratri: शारदीय नवरात्र के पावन अवसर पर इन दिनों आरंग का माहौल पूरी तरह भक्तिमय बना हुआ है। इसी धार्मिक माहौल के बीच, गुड़ियारी पारा स्थित प्रजापिता ब्रह्माकुमारीज ईश्वरीय विश्व विद्यालय में सजी पांच चैतन्य देवियों की अलौकिक झांकी हर किसी के लिए आकर्षण का मुख्य केंद्र रही। गत 14 अक्टूबर से शुरू हुए इस पांच दिवसीय विशेष आयोजन का समापन रविवार को हुआ, और आखिरी दिन भी दर्शन के लिए श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा।
अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति में हुआ समापन
समापन दिवस के इस कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ मुख्य अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर भगवताचार्य ध्रुव कुमार शुक्ला, दीनदयाल कॉलोनी के अध्यक्ष अनिल ठाकुर, संरक्षक मदन साहू, कोषाध्यक्ष भोला प्रसाद, डॉ. एम.एल. साहू, नारा के पूर्व सरपंच ध्रुव कुमार चंद्राकर और पवन कुमार देवांगन विशेष रूप से उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने मिलकर कार्यक्रम की शुरुआत की और संस्थान के इस प्रयास की सराहना की।
क्या है इस आयोजन का उद्देश्य ?
संस्थान की लता बहन ने इस आयोजन के पीछे के मुख्य उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इस झांकी का मूल भाव श्रद्धालुओं को सतयुग के समय देवियों के दिव्य और अलौकिक स्वरूप की याद दिलाना है। उन्होंने कहा कि हमारी भारतीय संस्कृति में देवियों का स्थान और महत्व बहुत ऊंचा रहा है। इस चैतन्य झांकी के जरिए लोगों के भीतर देवी-देवताओं के प्रति आस्था को और प्रगाढ़ करने तथा सनातन संस्कृति के गहरे आध्यात्मिक मूल्यों को समाज के हर वर्ग तक पहुंचाने का एक विनम्र प्रयास किया गया है। पांच दिनों तक चले इस सफल आयोजन के अंत में ब्रह्माकुमारी संस्थान की तरफ से सभी श्रद्धालुओं का आभार जताया गया। साथ ही, शारदीय नवरात्र की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए क्षेत्र में सुख, शांति और समृद्धि की मंगल कामना की गई।
सजीव स्वरूपों ने मोहा मन
इस अनोखी झांकी में मां दुर्गा, मां लक्ष्मी, मां सरस्वती, मां उमा देवी और मां काली के चैतन्य यानी सजीव स्वरूपों का मनमोहक प्रदर्शन किया गया। देवियों के इन जीवंत रूपों को अपने सामने पाकर दर्शन करने पहुंचे श्रद्धालु पूरी तरह भावविभोर हो गए। पूरा पंडाल और आसपास का वातावरण पूरी तरह भक्ति और श्रद्धा से परिपूर्ण नजर आया।