Teachers Felicitation Ceremony: महासमुंद में ब्रह्माकुमारीज ने किया शिक्षकों का सम्मान, आध्यात्मिक शिक्षा पर जोर
Teachers Felicitation Ceremony: महासमुंद में प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के शिक्षाविद प्रभाग ने शिक्षक सम्मान कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यक्रम में विधायक योगेश्वर राजू सिंहा समेत शिक्षाविदों और विभिन्न स्कूल-कॉलेजों के शिक्षक-शिक्षिकाओं ने भाग लिया।
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कीर्तिमान डेस्क | कमलेश साहू
06 Sep 2026, 08:55 PM
महासमुंद
Teachers Felicitation Ceremony: प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के शिक्षाविद प्रभाग द्वारा शिक्षक सम्मान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। समारोह में महासमुंद जिले के अलग-अलग स्कूलों और कॉलेजों से पहुंचे शिक्षक-शिक्षिकाओं ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम में विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
शिक्षा में आध्यात्मिकता और नैतिक मूल्यों की आवश्यकता
समारोह की मुख्य वक्ता बीके चंद्रकला दीदी (रायपुर) ने अपने संबोधन में शिक्षा और आध्यात्मिकता के तालमेल पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि जब तक शिक्षा प्रणाली में आध्यात्मिक और नैतिक मूल्यों का समावेश नहीं होगा, तब तक नई पीढ़ी में श्रेष्ठ संस्कारों का सिंचन संभव नहीं है।
'शिक्षक' शब्द के गहरे अर्थ को रेखांकित करते हुए उन्होंने बताया:
'शि' – शिखर तक पहुँचाने वाला
'छ' – क्षमा भाव रखने वाला
'क' – कमजोरियों और कमियों को दूर करने वाला, उन्होंने आगे कहा कि शिक्षकों को अपने जीवन में 'प्रेम और अनुशासन' (Love and Law) का संतुलन बनाना चाहिए। जब शिक्षक स्वयं शांति और उच्च मूल्यों को धारण करेंगे, तो विद्यार्थी भी स्वतः ही उनका अनुसरण करेंगे।
योगेश्वर राजू सिन्हा
किताबी ज्ञान से परे व्यावहारिक और आध्यात्मिक शिक्षा पर बल
कार्यक्रम में मौजूद वृंदावन स्कूल की डायरेक्टर सुजाता विश्वनाथन ने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि आज के दौर में शिक्षकों को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं रहना चाहिए। जब हम विद्यार्थियों को व्यावहारिक और जीवनोपयोगी ज्ञान देंगे, तभी शिक्षक दिवस का सच्चा उद्देश्य पूरा होगा। वहीं, सेवाकेंद्र संचालिका ब्रह्माकुमारी प्रीति दीदी ने अपने आशीर्वचन में कहा कि संपूर्ण सृष्टि का सबसे बड़ा और सच्चा मार्गदर्शक वह परमपिता परमात्मा ही है। राजयोग और ध्यान (Meditation) के माध्यम से हम अपने भीतर दिव्य गुणों का विकास कर सकते हैं, जिससे समाज में एक आदर्श शिक्षक और अनुशासित विद्यार्थी का बेहतरीन उदाहरण प्रस्तुत किया जा सके। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय
ईश्वरीय सौगात के साथ कार्यक्रम का समापन
कार्यक्रम के समापन पर सभी अतिथियों को प्रसाद एवं ईश्वरीय सौगात भेंट कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में शामिल शिक्षकों ने मूल्य आधारित शिक्षा और संस्कारों को विद्यार्थियों के जीवन का हिस्सा बनाने के संदेश को महत्वपूर्ण बताया।