Share Market Fall: भारतीय शेयर बाजार में सोमवार को गिरावट और गहरा गई। शुरुआती कारोबार में बेंचमार्क इंडेक्स Nifty50 24,000 के अहम स्तर से नीचे चला गया, जबकि Sensex में भी दबाव देखने को मिला। बाजार में इस कमजोरी के पीछे कई घरेलू और वैश्विक कारण बताए जा रहे हैं।
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के चलते कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई है। दूसरी ओर, अमेरिका में ब्याज दरों में बढ़ोतरी की आशंका ने भी निवेशकों की चिंता बढ़ाई है। वैश्विक बाजारों में जारी बिकवाली के दबाव का असर भारतीय शेयर बाजार पर भी दिखाई दे रहा है।
कच्चे तेल की बढ़ती कीमत बनी चिंता
कच्चे तेल की बढ़ती कीमत बनी चिंता अमेरिकी सेना की ओर से ईरान के दो लॉन्चरों पर हमला किए जाने के बाद कच्चे तेल की कीमतों में तेजी देखी गई। ब्रेंट क्रूड 2.33 प्रतिशत की बढ़त के साथ 90.19 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। तेल की कीमतों में लगातार तेजी भारत जैसे बड़े आयातक देश के लिए चिंता बढ़ा सकती है। ब्याज दरों को लेकर बढ़ी चिंता अमेरिका में ब्याज दरों को लेकर भी बाजार में अनिश्चितता बनी हुई है।
ब्याज दरों को लेकर बढ़ी चिंता
यूएस फेड चेयरमैन केविन वॉर्श की चेतावनी के बाद सितंबर में ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावना को लेकर चर्चा तेज हुई है। इस आशंका के बीच अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में बढ़ोतरी और डॉलर में मजबूती देखने को मिली। इसका असर उभरते बाजारों पर पड़ा और भारतीय शेयर बाजार में भी बिकवाली बढ़ी। मेटल सेक्टर के शेयरों पर खास तौर पर दबाव देखा गया। रुपये की कमजोरी और FII की बिकवाली कच्चे तेल की महंगाई और भू-राजनीतिक तनाव का असर भारतीय रुपये पर भी पड़ा। रुपया 13 पैसे कमजोर होकर 95.56 रुपये प्रति डॉलर के स्तर पर कारोबार करता नजर आया।24,000 के नीचे Nifty का अगला स्तर क्या
अब निवेशकों की नजर इस बात पर है कि Nifty 24,000 के नीचे कितनी दूर तक जा सकता है। जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के चीफ मार्केट स्ट्रैटेजिस्ट आनंद जेम्स के मुताबिक, अगर Nifty 24,060 के ऊपर टिकने में सफल नहीं होता है तो 23,575 का स्तर अगला महत्वपूर्ण पड़ाव हो सकता है। वहीं, बाजार में दोबारा मजबूती के संकेत के लिए 24,215 के ऊपर टिकना अहम माना जा रहा है।
रुपए की कमजोरी और FII की बिकवाली
विदेशी संस्थागत निवेशकों यानी FII की बिकवाली ने भी बाजार का दबाव बढ़ाया है। शुक्रवार को विदेशी निवेशकों ने भारतीय शेयर बाजार में करीब 5,039.80 करोड़ रुपये की शुद्ध बिकवाली की। अगर FII की बिकवाली आगे भी जारी रहती है, तो इससे बाजार में दबाव बना रह सकता है।India VIX बढ़ने से बढ़ी अस्थिरता
यानी आने वाले कारोबारी सत्रों में 24,060 से 24,215 के बीच का जोन बाजार की दिशा के लिहाज से महत्वपूर्ण रह सकता है। India VIX बढ़ने से बढ़ी अस्थिरता बाजार में बढ़ती अनिश्चितता का संकेत India VIX से भी मिल रहा है। Volatility Index में 5 प्रतिशत से ज्यादा की तेजी आई और यह 11.26 के स्तर पर पहुंच गया। VIX में बढ़ोतरी आमतौर पर बाजार में उतार-चढ़ाव की आशंका बढ़ने का संकेत देती है। ऐसे में निवेशकों को आने वाले सत्रों में शेयर बाजार में तेज मूवमेंट देखने को मिल सकता है।

