बिहार के 5 लाख से अधिक शिक्षकों के लिए राहत भरी खबर है। राज्य सरकार ने शिक्षकों के स्थानांतरण को आसान और पारदर्शी बनाने के लिए नई व्यवस्था लागू करने का फैसला लिया है। अब शिक्षकों का ट्रांसफर 100 अंकों वाली API आधारित ऑनलाइन मार्किंग सिस्टम के आधार पर किया जाएगा। बिहार के 5 लाख से अधिक शिक्षकों के लिए राहत भरी खबर है। राज्य सरकार ने शिक्षकों के स्थानांतरण को आसान और पारदर्शी बनाने के लिए नई व्यवस्था लागू करने का फैसला लिया है। अब शिक्षकों का ट्रांसफर 100 अंकों वाली API आधारित ऑनलाइन मार्किंग सिस्टम के आधार पर किया जाएगा।
तीन चरणों में पूरी होगी तबादले की प्रक्रिया
शिक्षकों के स्थानांतरण की प्रक्रिया को तीन हिस्सों में बांटा गया है।
100 नंबर के आधार पर तय होगा ट्रांसफर
नई नीति में शिक्षकों को अलग-अलग मानकों के आधार पर अंक दिए जाएंगे। इन्हीं अंकों के आधार पर स्थानांतरण में प्राथमिकता तय होगी। गंभीर बीमारी से पीड़ित शिक्षकों को 20 अंक, निर्धारित मानकों वाले दिव्यांग शिक्षकों को 15 अंक दिए जाएंगे। वहीं महिला शिक्षकों और ऐसे पति-पत्नी शिक्षकों को, जिनकी तैनाती अलग-अलग स्थानों पर है, 10-10 अंक मिलेंगे। इसके अलावा शिक्षक की सेवा अवधि, वर्तमान पदस्थापना और अनुभव को भी अंक प्रणाली में शामिल किया गया है।जरूरत के आधार पर मिलेगा स्थानांतरण
शिक्षकों का ट्रांसफर केवल खाली पदों और स्कूलों की जरूरत के आधार पर किया जाएगा। मेरिट, सेवा रिकॉर्ड और अनुभव के आधार पर अंक तय होंगे। विभाग का मानना है कि इस व्यवस्था से तबादलों में पारदर्शिता आएगी और किसी भी तरह की सिफारिश या अनियमितता पर रोक लगेगी।
29 जुलाई से शुरू होगी ऑनलाइन ट्रांसफर प्रक्रिया
बिहार शिक्षा विभाग के अनुसार स्थानांतरण प्रक्रिया तीन चरणों में पूरी की जाएगी। ऑनलाइन पोर्टल 29 जुलाई 2026 से शुरू होगा। शिक्षक 5 अगस्त तक ऑनलाइन ट्रांसफर आवेदन जमा कर सकेंगे। विभाग ने पूरी प्रक्रिया को 31 अक्टूबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा है। शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी के निर्देश के बाद इस समय-सारणी को अंतिम रूप दिया गया है। सरकार को उम्मीद है कि नई व्यवस्था से तबादलों में पारदर्शिता बढ़ेगी और पुरानी पैरवी संस्कृति पर रोक लगेगी।