Sunday, 14 Jun 2026 भारत
ब्रेकिंग
रेल हादसा : उदयपुर इंटरसिटी में आग की अफवाह से मची भगदड़, दूसरी पटरी से आ रही पातालकोट एक्सप्रेस की चपेट में आने से 4 की मौत खूनी संघर्ष : ट्रैक्टर से रौंदकर 60 वर्षीय किसान की हत्या, 8 आरोपी गिरफ्तार अपराध :  शादी का झांसा देकर दुष्कर्म, गर्भवती होने पर युवती को छोड़ा, आरोपी गिरफ्तार वारदात : शराब दुकान से कैश लॉकर चोरी, CCTV DVR भी ले गए बदमाश बड़ा एक्शन : ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा गिरोह पर शिकंजा, दो आरोपी पहले जेल में, एक और गिरफ्तार कार्रवाई : 180 ड्राइविंग लाइसेंस जांच के घेरे में, फर्जीवाड़े की आशंका गहराई रेल हादसा : उदयपुर इंटरसिटी में आग की अफवाह से मची भगदड़, दूसरी पटरी से आ रही पातालकोट एक्सप्रेस की चपेट में आने से 4 की मौत खूनी संघर्ष : ट्रैक्टर से रौंदकर 60 वर्षीय किसान की हत्या, 8 आरोपी गिरफ्तार अपराध :  शादी का झांसा देकर दुष्कर्म, गर्भवती होने पर युवती को छोड़ा, आरोपी गिरफ्तार वारदात : शराब दुकान से कैश लॉकर चोरी, CCTV DVR भी ले गए बदमाश बड़ा एक्शन : ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा गिरोह पर शिकंजा, दो आरोपी पहले जेल में, एक और गिरफ्तार कार्रवाई : 180 ड्राइविंग लाइसेंस जांच के घेरे में, फर्जीवाड़े की आशंका गहराई
W 𝕏 f
होम गाइए और छा जाइए गाइए और छा जाइए : पंडित हरिप्रसाद चौरसिया के शिष्…
पुष्पराज डड़सेना को कीर्तिमान अवार्ड
पुष्पराज डड़सेना को कीर्तिमान अवार्ड
गाइए और छा जाइए

गाइए और छा जाइए : पंडित हरिप्रसाद चौरसिया के शिष्य पुष्पराज डड़सेना को कीर्तिमान अवार्ड, बांसुरी की मधुर तान से राष्ट्रीय मंचों पर बिखेर रहे छत्तीसगढ़ की पहचान

महासमुंद जिले के ग्राम आरंड निवासी युवा बांसुरी वादक पुष्पराज डड़सेना को शास्त्रीय संगीत में उल्लेखनीय योगदान के लिए कीर्तिमान मीडिया द्वारा कीर्तिमान अवार्ड से सम्मानित किया गया। स्वाध्याय से बांसुरी सीखने वाले पुष्पराज ने बाद में Pandit Hariprasad Chaurasia के वृंदावन गुरुकुल में प्रशिक्षण प्राप्त किया। उन्होंने कई प्रतिष्ठित संगीत समारोहों में प्रस्तुति देकर छत्तीसगढ़ का नाम राष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया है।

कीर्तिमान न्यूज
13 Jun 2026, 02:19 PM
महासमुंद
भारतीय शास्त्रीय संगीत की नई पीढ़ी के प्रतिभाशाली बांसुरी वादक पुष्पराज डड़सेना को संगीत के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान और उपलब्धियों के लिए कीर्तिमान मीडिया द्वारा कीर्तिमान अवार्ड से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें शास्त्रीय संगीत की परंपरा को आगे बढ़ाने, बांसुरी वादन में उत्कृष्टता हासिल करने तथा छत्तीसगढ़ का नाम राष्ट्रीय स्तर पर रोशन करने के लिए प्रदान किया गया। कीर्तिमान मीडिया के संस्थापक डॉ. नीरज गजेंद्र ने कहा कि पुष्पराज डड़सेना जैसी युवा प्रतिभाएं छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत को नई पहचान दे रही हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने अपने समर्पण, अनुशासन और कठिन साधना के बल पर देश के प्रतिष्ठित संगीत मंचों तक पहुंच बनाई है। उनका सफर प्रदेश के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है।

गांव से शुरू हुई संगीत साधना

महासमुंद जिले के ग्राम आरंड (पिथौरा) में 26 जुलाई 2001 को जन्मे पुष्पराज डड़सेना का संगीत से जुड़ाव बचपन से रहा। वे प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी चंद्रपाल डड़सेना के परपोते हैं। संगीत की प्रारंभिक शिक्षा उन्होंने मात्र 10 वर्ष की आयु में शास्त्रीय गायन से शुरू की। हालांकि बाद में उन्होंने अपनी रुचि और क्षमता को पहचानते हुए बांसुरी को अपना मुख्य वाद्य यंत्र बनाया और उसी दिशा में निरंतर साधना शुरू कर दी।

बिना गुरु के सीखी बांसुरी

शुरुआती दौर में उनके क्षेत्र में बांसुरी सिखाने वाला कोई गुरु उपलब्ध नहीं था। इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और स्वाध्याय के माध्यम से अभ्यास जारी रखा। संगीत को अपना जीवन बनाने का संकल्प लेकर वे इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय, खैरागढ़ पहुंचे, जहां उन्होंने परफॉर्मिंग आर्ट्स में अध्ययन किया। यहां प्राप्त शास्त्रीय प्रशिक्षण ने उनकी संगीत समझ को और अधिक मजबूत बनाया।

हरिप्रसाद चौरसिया के सानिध्य में निखरी प्रतिभा

पुष्पराज के जीवन का सबसे महत्वपूर्ण मोड़ वर्ष 2021 में आया, जब उन्हें विश्वविख्यात बांसुरी वादक पद्म विभूषण पंडित हरिप्रसाद चौरसिया के वृंदावन गुरुकुल में प्रवेश मिला। गुरु-शिष्य परंपरा में रहकर उन्होंने बांसुरी वादन की जटिल तकनीकों, लयकारी और भावनात्मक अभिव्यक्ति की गहन शिक्षा प्राप्त की। यही प्रशिक्षण उनकी कला को नई ऊंचाइयों तक ले गया।

देश के प्रतिष्ठित मंचों पर दी प्रस्तुतियां

अपनी प्रतिभा और मेहनत के दम पर पुष्पराज डड़सेना ने वृंदावन महोत्सव, खैरागढ़ महोत्सव, पं. विमलेंदु मुखर्जी संगीत समारोह और छत्तीसगढ़ संगीत-नृत्य महोत्सव जैसे प्रतिष्ठित आयोजनों में प्रस्तुति देकर संगीत प्रेमियों की सराहना हासिल की है। उन्हें संगीत जगत की दिग्गज हस्तियों बेगम परवीन सुल्ताना, उस्ताद अमजद अली खान, पंडित विश्वमोहन भट्ट, पंडित योगेश समसी और विदुषी मालिनी अवस्थी के समक्ष प्रस्तुति देने और उनका आशीर्वाद प्राप्त करने का अवसर भी मिला है।

समकालीन संगीत में भी बनाई पहचान

शास्त्रीय संगीत के साथ-साथ पुष्पराज ने समकालीन संगीत में भी अपनी अलग पहचान बनाई है। प्रसिद्ध गायक सोनू निगम द्वारा गाए गए ‘जलजगार महोत्सव’ के शीर्षक गीत में उनके बांसुरी वादन ने विशेष आकर्षण जोड़ा और संगीत प्रेमियों की सराहना प्राप्त की।

युवाओं के लिए प्रेरणा बना सफर

कीर्तिमान अवार्ड से सम्मानित होने पर पुष्पराज डड़सेना ने इसे अपने गुरुजनों, परिवार और संगीत प्रेमियों का आशीर्वाद बताया। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य भारतीय शास्त्रीय संगीत की समृद्ध परंपरा को नई पीढ़ी तक पहुंचाना और बांसुरी वादन को नई ऊंचाइयों तक ले जाना है। डॉ. नीरज गजेंद्र ने कहा कि कीर्तिमान मीडिया का उद्देश्य समाज के उन प्रतिभाशाली व्यक्तित्वों को सम्मानित करना है, जिन्होंने अपने क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करते हुए प्रदेश और देश का गौरव बढ़ाया है। पुष्पराज डड़सेना का सम्मान उसी श्रृंखला की एक महत्वपूर्ण कड़ी है।
क्या यह खबर उपयोगी लगी?
शेयर करें अपने दोस्तों तक पहुंचाएं
WhatsApp Telegram
हमारे WhatsApp ग्रुप से जुड़ें — ताज़ा खबरें सबसे पहले पाएं!
कीर्तिमान
भारत
छत्तीसगढ़
सभी छत्तीसगढ़ ›
रायपुर संभाग
दुर्ग संभाग
बिलासपुर संभाग
सरगुजा संभाग
बस्तर संभाग
विदेश
राजनीति
मनोरंजन
खेल
तकनीक
कारोबार
शिक्षा सेहत धर्म यात्रा राशिफल
कलमकार
आयोजन
डार्क/लाइट मोड डॉ. नीरज गजेंद्र
वीडियो
अभी कोई वीडियो उपलब्ध नहीं है
Clip & Share

अगली खबर के लिए ऊपर और पिछली खबर के लिए नीचे स्वाइप करें

सावधान: संवेदनशील सामग्री
इस अनुभाग में अपराध, हिंसा, दुर्घटना या अन्य संवेदनशील विषयों से संबंधित समाचार हो सकते हैं। क्या आप इसे देखना चाहते हैं?
ताज़ा खबरें सबसे पहले पाएं!
पुश नोटिफिकेशन चालू करें