मध्य प्रदेश के सियासी गलियारों में इन दिनों प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के भाई नाना पटवारी को हिरासत में लिए जाने का मामला गरमाया हुआ है। इस कार्रवाई को लेकर कांग्रेस पूरी तरह हमलावर रुख में है और इसे सीधे तौर पर 'बदले की कार्रवाई' करार दे रही है।
खुद कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया है कि यह पूरी कार्रवाई राजनीतिक प्रतिशोध की भावना से प्रेरित है और सरकार सत्ता का खुला दुरुपयोग कर रही है। पटवारी ने मुख्यमंत्री से इस मामले में हस्तक्षेप की अपील करते हुए कहा कि मध्य प्रदेश को उत्तर प्रदेश या अन्य राज्यों की तरह 'बदले की राजनीति का अखाड़ा' नहीं बनने देना चाहिए।
मानसिक प्रताड़ित करने का आरोप
इंदौर में मीडिया से चर्चा करते हुए जीतू पटवारी ने अपने भाई का बचाव किया। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि जिस मामले को लेकर उनके भाई को हिरासत में लिया गया है, उससे उनका दूर-दूर तक कोई वास्ता नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जानबूझकर विपक्ष के नेताओं और उनके परिवारों को मानसिक रूप से प्रताड़ित करने और उन्हें निशाना बनाने का काम कर रही है।
राजनीतिक द्वेष के चलते बनाया मामला
पटवारी ने कहा कि कल की कार्रवाई ने यह साबित कर दिया है कि सत्ता में बैठे लोग विरोधियों की आवाज दबाने के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं। भाई के आपराधिक रिकॉर्ड और पुराने मामलों पर स्थिति स्पष्ट करते हुए कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि उनके भाई के खिलाफ अतीत में जो भी मामले दर्ज हुए थे, वे किसी अपराध से नहीं बल्कि किसान आंदोलन से जुड़े थे। उन्होंने दावा किया कि वे मामले भी राजनीतिक द्वेष के चलते दर्ज किए गए थे और आज भी उसी सिलसिले को आगे बढ़ाया जा रहा है।पहले करता था ड्रग्स का सेवन
पटवारी ने कहा, "हमारा परिवार कानून का सम्मान करता है और किसी भी निष्पक्ष जांच से भाग नहीं रहा है। अगर हमें कोई डर होता, तो मैं खुद आज मीडिया के सामने आकर इतनी बेबाकी से अपनी बात नहीं रख रहा होता।" इस दौरान जीतू पटवारी ने अपने भाई से जुड़े ड्रग्स के पुराने विवाद पर भी बेहद संजीदगी और बेबाकी से जवाब दिया। उन्होंने किसी बात को छिपाने के बजाय कहा कि उनके भाई ने खुद सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया था कि वह अतीत में ड्रग्स का सेवन करता था।
एजेंसियों का कर रहे इस्तेमाल
पटवारी ने इसे पारदर्शिता का एक बड़ा उदाहरण बताते हुए कहा कि जब कोई व्यक्ति समाज के सामने अपनी गलती मान चुका हो और सुधर चुका हो, तो उससे बड़ी ईमानदारी और क्या हो सकती है? उन्होंने सवाल उठाया कि किसी के पुराने और व्यक्तिगत जीवन को आधार बनाकर इस तरह की राजनीतिक कार्रवाई करना कहाँ तक जायज है? पटवारी ने सूबे की भाजपा सरकार पर आरोप लगाया कि वह विपक्ष को डराने और उसकी आवाज को कुचलने के लिए सरकारी तंत्र और जांच एजेंसियों का बेजा इस्तेमाल कर रही है।निष्पक्ष जांच की मांग
उन्होंने साफ लहजे में चेतावनी देते हुए कहा कि कांग्रेस ऐसी दमनकारी कार्रवाइयों से डरने वाली नहीं है और सड़क से लेकर संसद तक इसका लोकतांत्रिक तरीके से मुंहतोड़ जवाब देगी। पटवारी ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि कानून का इस्तेमाल न्याय के लिए होना चाहिए, न कि राजनीतिक हथियार के रूप में।