Friday, 14 Aug 2026 भारत
ब्रेकिंग
W 𝕏 f
होम राज्य सरकार सौर सुजला योजना से बदली वनांचल की खेती, 4,722 किस…
— विज्ञापन —
खेत में लगाया गया सोलर सिंचाई पंप
खेत में लगाया गया सोलर सिंचाई पंप
राज्य सरकार

सौर सुजला योजना से बदली वनांचल की खेती, 4,722 किसानों के खेतों तक पहुंची सिंचाई सुविधा

छत्तीसगढ़ की सौर सुजला योजना नारायणपुर और बस्तर जैसे वनांचल क्षेत्रों के किसानों के लिए उपयोगी साबित हो रही है। योजना के तहत रियायती दरों पर सोलर सिंचाई पंप मिलने से किसानों की बिजली पर निर्भरता कम हुई है। अब वे बिना बिजली बिल और कटौती की चिंता के खेतों तक पानी पहुंचा रहे हैं।

कीर्तिमान डेस्क
कीर्तिमान डेस्क
14 Aug 2026, 07:21 PM
रायपुर
छत्तीसगढ़ की सौर सुजला योजना नारायणपुर और बस्तर जैसे वनांचल क्षेत्रों के किसानों के लिए उपयोगी साबित हो रही है। योजना के तहत रियायती दरों पर सोलर सिंचाई पंप मिलने से किसानों की बिजली पर निर्भरता कम हुई है। अब वे बिना बिजली बिल और कटौती की चिंता के खेतों तक पानी पहुंचा रहे हैं।
नारायणपुर जिले के कई गांव दुर्गम और बिजलीविहीन क्षेत्रों में बसे हैं। ऐसे इलाकों में पारंपरिक साधनों से सिंचाई करना किसानों के लिए आसान नहीं था। क्रेडा की ओर से संचालित सौर सुजला योजना ने वन अधिकार पट्टाधारी किसानों को सिंचाई का भरोसेमंद विकल्प दिया है।

रियायती दर पर मिल रहे सोलर पंप

राज्य सरकार योजना के माध्यम से किसानों को 2 एचपी, 3 एचपी और 5 एचपी क्षमता वाले सौर ऊर्जा संचालित पंप उपलब्ध करा रही है। सूर्य की रोशनी से चलने वाले इन पंपों के लिए अलग से बिजली खर्च नहीं करना पड़ता। इससे किसानों को बिजली कटौती और बढ़ते बिल जैसी समस्याओं से राहत मिली है। 
मरुस्थल जैसी सूखी जिंदगी में बही बयार: ‘सौर सुजला योजना’ से नारायणपुर के वनांचल में आई हरित क्रांति
  सोलर पंप से खेत की सिंचाई करते किसान

बंजर टिकरा भूमि पर भी होने लगी खेती

सिंचाई की स्थायी सुविधा मिलने से किसान अब ऐसी टिकरा भूमि पर भी खेती कर रहे हैं, जो पहले पानी के अभाव में खाली पड़ी रहती थी। सोलर पंप से जरूरत के समय खेतों तक पानी पहुंच रहा है। इससे खेती का रकबा बढ़ने के साथ जमीन की उपयोगिता भी बढ़ी है।

धान के साथ सब्जियों की खेती

योजना का लाभ मिलने से पहले अधिकांश किसान मानसून और धान की पारंपरिक खेती पर निर्भर थे। अब वे धान के अलावा साग-सब्जियों और दूसरी नकदी फसलों का उत्पादन भी कर रहे हैं। कई किसान एक वर्ष में दो से तीन फसलें लेकर अपनी आय बढ़ा रहे हैं। 

नौ वर्षों में लगे 4,722 से अधिक पंप

ष्क्रेडा विभाग के अनुसार, नारायणपुर जिले में पिछले नौ वर्षों के दौरान 4,722 से अधिक किसानों के खेतों में सोलर सिंचाई पंप लगाए गए हैं। बड़ी संख्या में पंप स्थापित होने से जिले के सिंचित क्षेत्र में विस्तार हुआ है और किसानों को मौसम पर निर्भरता कम करने में मदद मिली है।

ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिल रही मजबूती

फसलों का उत्पादन बढ़ने से किसानों की नियमित आमदनी के नए रास्ते खुले हैं। स्थानीय बाजारों में सब्जियों और दूसरी कृषि उपज की उपलब्धता भी बढ़ी है। इसका लाभ खेती से जुड़े मजदूरों, छोटे व्यापारियों और ग्रामीण परिवारों को मिल रहा है।

आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहे किसान

सौर सुजला योजना अब केवल सिंचाई सुविधा तक सीमित नहीं रह गई है। इसने वनांचल के किसानों को खेती का दायरा बढ़ाने और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने का अवसर दिया है। सौर ऊर्जा से खेतों तक पहुंचता पानी दुर्गम क्षेत्रों में कृषि और आजीविका की तस्वीर बदल रहा है।
क्या यह खबर उपयोगी लगी?
शेयर करें अपने दोस्तों तक पहुंचाएं
WhatsApp Telegram
हमारे WhatsApp ग्रुप से जुड़ें — ताज़ा खबरें सबसे पहले पाएं!
कीर्तिमान
छत्तीसगढ़
सभी छत्तीसगढ़ ›
रायपुर संभाग
दुर्ग संभाग
बिलासपुर संभाग
सरगुजा संभाग
बस्तर संभाग
देश
विदेश
सरकारी सूचना
राजनीति
खेल
मनोरंजन
कारोबार
कीर्तिमान विशेष
तकनीक शिक्षा सेहत धर्म यात्रा राशिफल डार्क/लाइट मोड डॉ. नीरज गजेंद्र
वीडियो
अभी कोई वीडियो उपलब्ध नहीं है
Clip & Share

अगली खबर के लिए ऊपर और पिछली खबर के लिए नीचे स्वाइप करें

सावधान: संवेदनशील सामग्री
इस अनुभाग में अपराध, हिंसा, दुर्घटना या अन्य संवेदनशील विषयों से संबंधित समाचार हो सकते हैं। क्या आप इसे देखना चाहते हैं?
ताज़ा खबरें सबसे पहले पाएं!
पुश नोटिफिकेशन चालू करें