किताबी ज्ञान के साथ विद्यार्थियों में लोकतांत्रिक मूल्यों, नेतृत्व क्षमता, अनुशासन और नागरिक कर्तव्यों की समझ विकसित करने के उद्देश्य से जंघोरा स्थित रामदर्शन पब्लिक स्कूल में छात्र परिषद चुनाव 2026 की प्रक्रिया का समापन एक गरिमामय एवं विशेष समारोह के साथ हुआ। विद्यालय प्रबंधन द्वारा आयोजित इस अनूठी पहल में नवनिर्वाचित बाल प्रतिनिधियों का ताजपोशी एवं सम्मान समारोह उनके अपने माता-पिता के कर-कमलों से संपन्न कराया गया। इस दौरान अभिभावकों के चेहरों पर अपने बच्चों की उपलब्धि को लेकर गर्व और खुशी साफ दिखाई दी।
छात्र परिषद चुनाव में दिखी लोकतंत्र की झलक
विद्यालय में छात्र परिषद चुनाव की पूरी प्रक्रिया को देश की लोकतांत्रिक चुनाव प्रणाली की तर्ज पर अनुशासित, पारदर्शी और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराया गया। चुनाव प्रक्रिया की शुरुआत इच्छुक विद्यार्थियों से नामांकन प्राप्त करने के साथ हुई। इसके बाद नामांकनों की विधिवत जांच की गई तथा प्रत्याशियों को अलग-अलग चुनाव चिह्न आवंटित किए गए। विद्यार्थियों को अपने पक्ष में प्रचार करने के लिए तीन दिनों का समय दिया गया, जिसमें प्रत्याशियों ने मर्यादित एवं अनुशासित तरीके से अपने सहपाठियों के बीच संपर्क कर अपने पक्ष में मतदान की अपील की।
गोपनीय मतदान से मिली लोकतंत्र की सीख
चुनाव प्रक्रिया के महत्वपूर्ण चरण के रूप में गत 1 अगस्त को कक्षा 6वीं से 10वीं तक के विद्यार्थियों ने बाल मतदाताओं के रूप में अपने मताधिकार का प्रयोग किया। मतदान की पूरी प्रक्रिया को गोपनीय रखा गया, जिससे विद्यार्थी वास्तविक चुनाव प्रक्रिया का अनुभव प्राप्त कर सकें। मतदान के पश्चात पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से विद्यार्थियों की उंगली पर नीली स्याही लगाई गई। इसके बाद निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार मतपेटियों को सुरक्षित रखा गया और निष्पक्ष तरीके से मतगणना संपन्न कराई गई। इस पूरी प्रक्रिया के माध्यम से विद्यार्थियों को यह समझाने का प्रयास किया गया कि लोकतंत्र केवल मतदान तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें जिम्मेदारी, अनुशासन, निष्पक्षता, नेतृत्व और अपने अधिकारों के साथ कर्तव्यों का निर्वहन भी महत्वपूर्ण है।अभिभावकों के हाथों हुआ नवनिर्वाचित प्रतिनिधियों का सम्मान
7 अगस्त को आयोजित विशेष समारोह में चुनाव परिणाम के बाद नवनिर्वाचित छात्र परिषद के पदाधिकारियों को सम्मानित किया गया। समारोह में अर्णव नामदेव को हेड बॉय, प्रियांशी साहू को हेड गर्ल, पीयूष पटेल को डिप्टी हेड बॉय, काव्या पटेल को डिप्टी हेड गर्ल, हर्ष सिन्हा को अनुशासन प्रमुख, शौर्य साहू को खेल प्रमुख एवं सुजाता साव को सांस्कृतिक प्रमुख चुने जाने पर सम्मानित किया गया। समारोह की सबसे खास बात यह रही कि नवनिर्वाचित विद्यार्थियों को उनके पद का बैज एवं पट्टिका (सैश) विद्यालय प्रबंधन या शिक्षकों के स्थान पर उनके अपने माता-पिता द्वारा पहनाकर सम्मानित कराया गया। बच्चों के लिए यह पल बेहद भावुक और यादगार रहा। अपने बच्चों को विद्यालय की छात्र परिषद में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभालते देख अभिभावकों के चेहरे पर गर्व और खुशी का भाव नजर आया।
नवनिर्वाचित प्रतिनिधियों ने ली शपथ
सम्मान समारोह के बाद नवनिर्वाचित छात्र प्रतिनिधियों ने पद एवं गोपनीयता की शपथ ली। इसके पश्चात सभी पदाधिकारियों ने आधिकारिक रजिस्टर में हस्ताक्षर कर विधिवत रूप से अपने-अपने पद का कार्यभार ग्रहण किया। नवनिर्वाचित बाल नेताओं ने अपने प्रथम वक्तव्य में विद्यालय की गरिमा, अनुशासन और साख को सर्वोपरि रखने तथा विद्यार्थियों के हित में जिम्मेदारीपूर्वक कार्य करने का संकल्प लिया। उन्होंने कहा कि उन्हें जो जिम्मेदारी विद्यालय और साथी विद्यार्थियों द्वारा दी गई है, उसका पूरी ईमानदारी एवं निष्ठा से निर्वहन करेंगे। साथ ही विद्यालय में अनुशासन बनाए रखने, खेल एवं सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा देने तथा विद्यार्थियों के बीच आपसी सहयोग और नेतृत्व की भावना विकसित करने के लिए कार्य करने की बात कही।विद्यार्थियों ने समझी चुनाव प्रक्रिया
प्रबंधन ने कहा कि छात्र परिषद चुनाव का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल पद प्रदान करना नहीं, बल्कि उन्हें लोकतंत्र की वास्तविक प्रक्रिया से परिचित कराना है। चुनाव के माध्यम से विद्यार्थियों ने नामांकन, प्रचार, मतदान, मतगणना और परिणाम की पूरी प्रक्रिया को करीब से समझा। इससे उनमें निर्णय लेने की क्षमता, नेतृत्व कौशल, टीम भावना और जिम्मेदारी की भावना विकसित करने का अवसर मिला।