NQAS Certification: महासमुंद जिले के स्वास्थ्य विभाग ने राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक (NQAS) कार्यक्रम के तहत एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। जिले की कुल 101 स्वास्थ्य संस्थाओं को राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक का प्रमाणन मिल चुका है। इसके साथ ही महासमुंद छत्तीसगढ़ का पहला ऐसा जिला बन गया है, जहां 100 से अधिक स्वास्थ्य संस्थाओं को राष्ट्रीय स्तर पर गुणवत्ता प्रमाणन प्राप्त हुआ है।
महासमुंद जिले के अलग-अलग विकासखंडों में स्थित स्वास्थ्य केंद्रों को राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक के तहत प्रमाणित किया गया है। इनमें जिला अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और उप स्वास्थ्य केंद्र शामिल हैं। प्रमाणित संस्थाओं में 1 जिला अस्पताल, 1 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, 9 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और 90 उप स्वास्थ्य केंद्र शामिल हैं।
स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने के लिए लागू है NQAS कार्यक्रम
राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक (NQAS) भारत सरकार द्वारा संचालित एक ऐसा कार्यक्रम है, जिसका उद्देश्य सरकारी स्वास्थ्य संस्थाओं में मरीजों को बेहतर और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। इस कार्यक्रम के माध्यम से अस्पतालों में सेवा व्यवस्था, मरीजों के अधिकार, स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता, संक्रमण नियंत्रण, क्लिनिकल सेवाएं, गुणवत्ता प्रबंधन और उपचार के परिणामों जैसे विभिन्न पहलुओं का मूल्यांकन किया जाता है।
कई चरणों की प्रक्रिया के बाद मिलता है राष्ट्रीय प्रमाणन
राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक का प्रमाणन हासिल करने के लिए स्वास्थ्य संस्थाओं को कई चरणों की प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है। सबसे पहले संबंधित संस्था द्वारा निर्धारित मापदंडों के अनुसार स्व-मूल्यांकन किया जाता है और कमियों को दूर किया जाता है। इसके बाद जिला गुणवत्ता निर्धारण समिति द्वारा निरीक्षण किया जाता है। निर्धारित मानकों में बेहतर प्रदर्शन करने वाली संस्थाओं को राज्य स्तरीय मूल्यांकन के लिए भेजा जाता है।आठ प्रमुख मानकों पर किया गया स्वास्थ्य संस्थाओं का मूल्यांकन
राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक के तहत स्वास्थ्य संस्थाओं का आठ प्रमुख क्षेत्रों में विस्तृत मूल्यांकन किया गया। इनमें सेवा प्रावधान, मरीजों के अधिकार, इनपुट व्यवस्था, सहायक सेवाएं, क्लिनिकल सेवाएं, संक्रमण नियंत्रण, गुणवत्ता प्रबंधन प्रणाली और परिणाम शामिल हैं। इन सभी क्षेत्रों में तय मानकों को पूरा करने के बाद ही स्वास्थ्य संस्थाओं को राष्ट्रीय प्रमाणन प्राप्त हुआ है।
NQAS प्रमाणन के बाद बागबाहरा स्वास्थ्य केंद्र में बढ़ीं सुविधाएं
राष्ट्रीय गुणवत्ता प्रमाणन का सकारात्मक प्रभाव सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बागबाहरा में भी देखने को मिला है। प्रमाणन के बाद इस केंद्र को प्रथम संदर्भ इकाई (FRU) का दर्जा प्राप्त हुआ। यहां अब स्त्री रोग विशेषज्ञ के माध्यम से नियमित रूप से सिजेरियन प्रसव की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। इसके अलावा गर्भवती महिलाओं के लिए नियमित सोनोग्राफी की सुविधा भी शुरू हुई है। स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के कारण अस्पताल के प्रति लोगों का भरोसा बढ़ा है। इसके परिणामस्वरूप ओपीडी मरीजों की संख्या में वृद्धि हुई है और औसत मासिक प्रसव संख्या 80 से 100 तक पहुंच गई है। साथ ही नसबंदी सेवाओं का भी विस्तार हुआ है।कलेक्टर ने स्वास्थ्य विभाग की टीम को दी बधाई
इस उपलब्धि पर कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने स्वास्थ्य विभाग की पूरी टीम को बधाई दी। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक प्रमाणन जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधार और टीम की लगातार मेहनत का परिणाम है। उन्होंने स्वास्थ्य संस्थाओं में बेहतर सुविधाएं बनाए रखने और आम लोगों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए आगे भी निरंतर प्रयास जारी रखने की बात कही।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों का रहा योगदान
महासमुंद जिले को यह उपलब्धि दिलाने में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की अहम भूमिका रही। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आई. नागेश्वर राव, जिला कार्यक्रम प्रबंधक श्रीमती नीलू धृतलहरे और जिला सलाहकार एवं जिला नोडल अधिकारी राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक संदीप चंद्राकर सहित पूरी टीम ने संस्थाओं को राष्ट्रीय स्तर के मानकों के अनुरूप तैयार करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

