Super 40 Bagbahara: नवोदय विद्यालय में प्रवेश का सपना लेकर पांच जिलों के 565 विद्यार्थी रविवार को बागबाहरा पहुंचे। किसी के लिए यह अपनी तैयारी परखने का मौका था तो किसी के लिए पहली बार वास्तविक परीक्षा जैसा अनुभव हासिल करने का अवसर। स्वामी आत्मानंद विद्यालय में सुपर-40 बागबाहरा की ओर से आयोजित नवोदय महा-मॉक टेस्ट में बच्चों ने दो घंटे तक परीक्षा देकर अपनी तैयारी का आकलन किया। इस पहल के जरिए संस्था ने ग्रामीण और जरूरतमंद बच्चों को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार करने की दिशा में एक और कदम बढ़ाया।
परीक्षा में महासमुंद, रायपुर, बलौदाबाजार, गरियाबंद और सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। सुबह 10 से दोपहर 12 बजे तक आयोजित परीक्षा में बच्चों को नवोदय प्रवेश परीक्षा की तर्ज पर प्रश्न हल करने का अवसर मिला। खास बात यह रही कि परीक्षा केवल प्रश्नों के उत्तर देने तक सीमित नहीं रही, बल्कि विद्यार्थियों को परीक्षा कक्ष का माहौल, समय का सही उपयोग और ओएमआर शीट भरने की प्रक्रिया समझाने पर भी जोर दिया गया।
सात वर्षों में 500 से अधिक चयन का दावा
सुपर-40 बागबाहरा पिछले सात वर्षों से ग्रामीण और जरूरतमंद विद्यार्थियों को विभिन्न प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी कराने में जुटी है। संस्था के अनुसार, इस अवधि में प्रयास, नवोदय, सैनिक स्कूल, एकलव्य और श्रेष्ठा जैसी परीक्षाओं में 500 से अधिक विद्यार्थियों का चयन हुआ है। इसी उपलब्धि को आगे बढ़ाने और सत्र 2026-27 के विद्यार्थियों को बेहतर तैयारी का अवसर देने के उद्देश्य से महा-मॉक टेस्ट आयोजित किया गया।
परीक्षा के डर को दूर करना मुख्य उद्देश्य
संयोजक हीरासिंग नायक ने बताया कि कई बार अच्छी तैयारी के बावजूद विद्यार्थी परीक्षा के दबाव, समय प्रबंधन और ओएमआर शीट भरने में होने वाली गलतियों के कारण अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर पाते। मॉक टेस्ट के माध्यम से बच्चों को पहले ही वास्तविक परीक्षा जैसी परिस्थितियों से परिचित कराया जा रहा है, ताकि मुख्य परीक्षा में वे आत्मविश्वास के साथ शामिल हो सकें।अधिकारियों ने बढ़ाया विद्यार्थियों का उत्साह
कार्यक्रम में विकासखंड शिक्षा अधिकारी डी.एन. दीवान मुख्य अतिथि एवं मार्गदर्शक के रूप में शामिल हुए। उन्होंने विद्यार्थियों को सकारात्मक सोच, नियमित अभ्यास और लक्ष्य के प्रति समर्पण के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। शाला समिति अध्यक्ष संजय मालवीय, शिक्षक संगठन अध्यक्ष विनोद यादव और बीआरसीसी मनोज चक्रधारी ने भी बच्चों को शुभकामनाएं दीं।
शिक्षकों के सामूहिक प्रयास से तैयार हो रही नई पीढ़ी
आयोजन को सफल बनाने में संयोजक हीरासिंग नायक के साथ अनिल चक्रधारी, धीरज तिवारी, जगदेव साहू, केदार साहू, धनेश्वर साहू, दौलत दीवान, रश्मि शर्मा, गीता साहू, सुभाष चंद्राकर, योगेंद्र चंद्राकर, अश्विनी दीवान, राजेंद्र साहू, छोटू निषाद, परसराम ठाकुर, दिनेश नायक, जितेंद्र दीवान, लोकनाथ रैदास, आत्माराम दीवान, लुकेश ध्रुव, सबेस दीवान, गजानंद दीवान, राजू कुर्रे, देवेंद्र साहू, प्रवीण साहू, भूषण साहू और डोमार दास वैष्णव ने योगदान दिया। चौकीदार मनोज पटनायक का भी विशेष सहयोग रहा। संस्था ने आयोजन में सहयोग देने वाले पालकों और मार्गदर्शकों के प्रति आभार व्यक्त किया।







