कांग्रेस की दिग्गज नेता और राष्ट्रीय प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत के साथ-साथ मशहूर लोक गायिका नेहा सिंह राठौर की मुश्किलें अचानक बढ़ गई हैं। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के सिविल लाइन थाने में इन दोनों के खिलाफ पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है। यह पूरा मामला सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर करने से जुड़ा है, जिसे लेकर दावा किया जा रहा है कि यह पूरी तरह भ्रामक है और इसे एक साजिश के तहत फैलाया गया था। दरअसल, यह बवाल धमतरी जिले की कुरूद विधानसभा सीट से बीजेपी विधायक अजय चंद्राकर के एक वीडियो को लेकर शुरू हुआ।
दावों की खोली पोल
15 अगस्त यानी स्वतंत्रता दिवस के दिन इंटरनेट पर एक वीडियो तेजी से वायरल किया जाने लगा। इस वीडियो में विधायक अजय चंद्राकर को बीजेपी का झंडा फहराते हुए दिखाया गया था। इसे शेयर करते हुए यह नैरेटिव सेट करने की कोशिश की गई कि बीजेपी विधायक ने 15 अगस्त के पावन मौके पर तिरंगे की जगह अपनी पार्टी का झंडा फहरा दिया है।जैसे ही यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ और कांग्रेस पार्टी के आधिकारिक 'एक्स' (X) अकाउंट से भी इसे हवा दी गई, तो विधायक अजय चंद्राकर ने खुद सामने आकर मोर्चा संभाला। उन्होंने फेसबुक पर एक विस्तृत पोस्ट लिखकर इन दावों की पूरी तरह से पोल खोल दी।
पूरे सम्मान के साथ फहराया गया राष्ट्रीय ध्वज
चंद्राकर ने स्पष्ट किया कि जो वीडियो 15 अगस्त का बताकर दुष्प्रचारित किया जा रहा है, वह असल में कई महीने पुराना है। वह वीडियो 22 मार्च को आयोजित हुए बीजेपी के एक प्रशिक्षण कार्यक्रम का था। स्वतंत्रता दिवस की सच्चाई बताते हुए विधायक ने कहा, "15 अगस्त के दिन मैंने धमतरी जिला मुख्यालय के एकलव्य खेल मैदान में आयोजित समारोह में पूरे सम्मान के साथ राष्ट्रीय ध्वज फहराया था और तिरंगे को सलामी दी थी।" इसके सबूत के तौर पर उन्होंने स्वतंत्रता दिवस के अपने असली वीडियो भी लोगों के साथ साझा किए।फर्जी वीडियों के बाद जताया ऐतराज
विधायक की छवि खराब करने वाले इस फर्जी वीडियो के वायरल होने के बाद, बीजेपी प्रवक्ता उज्ज्वल दीपक ने सख्त ऐतराज जताते हुए पुलिस का रुख किया। उनकी दी गई शिकायत के आधार पर ही रायपुर पुलिस ने यह कड़ा कदम उठाया है। दर्ज की गई इस नई एफआईआर में कांग्रेस के सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म की कमान संभालने वाली सुप्रिया श्रीनेत, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर नेहा सिंह राठौर के साथ ही 'एक्स' (पूर्व में ट्विटर) के एक अकाउंट ‘जेन जी ऑफ इंडिया’ (Gen Z of India) को भी नामजद किया गया है। फिलहाल, पुलिस ने मामला दर्ज कर अपनी कार्रवाई शुरू कर दी है, लेकिन इस सियासी बवाल ने प्रदेश का राजनीतिक पारा जरूर चढ़ा दिया है।