Sunday, 16 Aug 2026 भारत
ब्रेकिंग
रायपुर में ज्वेलर्स की दीवार तोड़कर चोरी, 72 घंटे में दो महिलाओं समेत 5 आरोपी गिरफ्तार पश्चिम बंगाल में बड़ा सियासी भूचाल : पूर्व डिप्टी स्पीकर और TMC के दिग्गज नेता आशीष बनर्जी का फंदे से लटकता मिला शव पढ़ाई-नौकरी का झांसा देकर बच्चियों की तस्करी, अलीगढ़ में 5 गिरफ्तार रायगढ़ में एटीएम से कैश निकालकर लौट रहे युवक को सड़क पर घसीट-घसीटकर पीटा, 30 हजार लूटे बंद रेस्टोरेंट, टूटी खिड़की और लापता युवक... बाहर से लगा था ताला, फिर अंदर से कैसे गायब हुआ अनिरुद्ध? ठगी का मायाजाल : निर्मला सीतारमण और सचिन तेंदुलकर के नाम पर रिटायर्ड फौजी को लगाया 45 लाख का चूना रायपुर में ज्वेलर्स की दीवार तोड़कर चोरी, 72 घंटे में दो महिलाओं समेत 5 आरोपी गिरफ्तार पश्चिम बंगाल में बड़ा सियासी भूचाल : पूर्व डिप्टी स्पीकर और TMC के दिग्गज नेता आशीष बनर्जी का फंदे से लटकता मिला शव पढ़ाई-नौकरी का झांसा देकर बच्चियों की तस्करी, अलीगढ़ में 5 गिरफ्तार रायगढ़ में एटीएम से कैश निकालकर लौट रहे युवक को सड़क पर घसीट-घसीटकर पीटा, 30 हजार लूटे बंद रेस्टोरेंट, टूटी खिड़की और लापता युवक... बाहर से लगा था ताला, फिर अंदर से कैसे गायब हुआ अनिरुद्ध? ठगी का मायाजाल : निर्मला सीतारमण और सचिन तेंदुलकर के नाम पर रिटायर्ड फौजी को लगाया 45 लाख का चूना
W 𝕏 f
होम कांग्रेस कांग्रेस मुख्यालय में गूंजा पूरा वंदे मातरम, नेता…
— विज्ञापन —
वंदे मातरम के दौरान सोनिया गांधी, राहुल गांधी और खरगे
वंदे मातरम के दौरान सोनिया गांधी, राहुल गांधी और खरगे
कांग्रेस Featured

कांग्रेस मुख्यालय में गूंजा पूरा वंदे मातरम, नेताओं की असहजता से लेकर जयराम रमेश की कुर्सी वाली सफाई तक, जानिए पूरा वाकया

स्वतंत्रता दिवस के मौके पर दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय में वंदे मातरम का पूरा गीत बजने के बाद राजनीतिक चर्चा तेज हो गई। शुरुआत में सोनिया गांधी, राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे गीत के साथ सुर मिलाते नजर आए, लेकिन बाद में तीनों शांत खड़े दिखाई दिए। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने किसी भी विवाद से इनकार करते हुए कहा कि गीत को रोकने की कोई कोशिश नहीं हुई थी।

कीर्तिमान न्यूज
16 Aug 2026, 11:22 AM
नई दिल्ली
स्वतंत्रता दिवस के मौके पर दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय में कुछ ऐसा हुआ, जिसने सियासी गलियारों में एक नई चर्चा छेड़ दी है। झंडारोहण के दौरान जब 'वंदे मातरम' बजा, तो पार्टी के शीर्ष नेताओं के चेहरों पर एक अजीब सी असहजता नज़र आई। सोनिया गांधी, राहुल गांधी और पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे जैसे दिग्गज नेता, जो शुरुआत में गीत गुनगुना रहे थे, अचानक शांत हो गए। क्या यह कांग्रेस के पुराने रुख से जुड़ा कोई वैचारिक टकराव था या महज़ एक थकान? आइए समझते हैं इस पूरी घटना के पीछे की कहानी।दरअसल, कांग्रेस मुख्यालय में स्वतंत्रता दिवस का जश्न मनाया जा रहा था। 

चेहरों पर दिखी उलझन

मंच पर कांग्रेस पार्लियामेंट्री पार्टी (सीपीपी) की चेयरपर्सन सोनिया गांधी, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे समेत पार्टी के कई वरिष्ठ चेहरे मौजूद थे। माहौल में तब एक अजीब सी खामोशी तैर गई जब राष्ट्रगीत 'वंदे मातरम' बजना शुरू हुआ। शुरुआत के करीब 55 सेकंड (यानी दो छंदों तक) तो सब कुछ बिल्कुल सामान्य रहा। नेता भी गीत के साथ सुर मिलाते दिखे। लेकिन गीत इसके बाद भी बजता रहा। यहीं से मंच का नज़ारा बदलने लगा। करीब तीन मिनट तक चले इस पूरे राष्ट्रगीत के दौरान राहुल, सोनिया और खरगे चुपचाप खड़े रहे और उनके चेहरों पर उलझन साफ़ झलकने लगी। 

वंदे मातराम के दौरान राहुल गांधी
80 साल की परंपरा बदलते हुए वंदे मातरम गाया 

वीडियो फुटेज में देखा जा सकता है कि इसी बीच सोनिया गांधी थोड़ी असहज दिखती हैं और उनकी खरगे से कुछ बातचीत होती है। इसके बाद वह सिर हिलाते हुए एक कार्यकर्ता को पास बुलाती हैं और उसे कुछ निर्देश देती हैं। हालांकि, इसके बाद कार्यक्रम तय रूपरेखा के अनुसार चला, झंडा फहराया गया और 'विजयी विश्व तिरंगा प्यारा' का गान भी हुआ।यह वाकया सिर्फ एक संयोग नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक गहरा वैचारिक और ऐतिहासिक संदर्भ भी है। ग़ौरतलब है कि इस बार 'वंदे मातरम' के 150 साल पूरे होने पर लाल किले के आधिकारिक समारोह में भी 80 साल की परंपरा बदलते हुए 'जन गण मन' से पहले 'वंदे मातरम' गाया गया था। 

असहज करने वाली स्थिति

दूसरी तरफ, कांग्रेस पार्टी का पुराना और घोषित रुख हमेशा से 'वंदे मातरम' के केवल शुरुआती दो छंद गाने का ही रहा है। संसद से लेकर पार्टी के तमाम आधिकारिक कार्यक्रमों में कांग्रेस इसी स्टैंड का पालन करती आई है। ऐसे में मुख्यालय के भीतर अचानक पूरा गीत बजना, कहीं न कहीं पार्टी के लिए एक अप्रत्याशित और असहज कर देने वाली स्थिति थी, जिससे यह संदेश गया कि शायद आयोजन में कोई भ्रम या संवादहीनता हुई है। 

किसी भी विवाद को सिरे से किया खारिज 

वीडियो वायरल होने और पत्रकारों के तीखे सवालों के बाद, कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश को मोर्चे पर आना पड़ा। उन्होंने नेताओं की असहजता और किसी भी तरह के विवाद को सिरे से खारिज कर दिया। सफाई देते हुए जयराम रमेश ने कहा, "पूरा वंदे मातरम गाया गया है। इसमें किसी भी तरह के विवाद का कोई सवाल ही नहीं उठता और न ही इसे रोकने का कोई प्रयास किया गया।" सोनिया गांधी और खरगे के बीच हुई उस 'रहस्यमयी' बातचीत पर पर्दा डालते हुए उन्होंने कहा कि खरगे काफी लंबे समय से खड़े थे, इसलिए सोनिया बस कार्यकर्ता को बुलाकर उनके लिए एक कुर्सी लाने को कह रही थीं। 

वंदे मातरम को लेकर राजनीतिक घमासान

दिलचस्प बात यह है कि जब पत्रकारों ने जयराम रमेश से केरल में 'वंदे मातरम' को लेकर चल रहे ताज़ा विवाद पर सवाल किया, तो उन्होंने टिप्पणी करने से साफ इनकार कर दिया। दरअसल, यह पूरा वाकया ऐसे समय में हुआ है जब केरल में 'वंदे मातरम' को लेकर पहले से ही एक राजनीतिक घमासान छिड़ा हुआ है। केरल के सामान्य शिक्षा विभाग और लोक शिक्षा निदेशक की ओर से 15 अगस्त के लिए जो दिशा-निर्देश (प्रोटोकॉल सर्कुलर) जारी किए गए थे, उनमें स्कूलों को सुबह 9 बजे झंडा फहराने और राष्ट्रगान 'जन गण मन' गाने का निर्देश तो दिया गया था, लेकिन उसमें 'वंदे मातरम' गाने का कोई ज़िक्र तक नहीं था। 

राजनीतिक गलियारों में बहस का बनी विषय

केंद्र सरकार के निर्देशों और केरल सरकार के इस रवैये के बीच चल रही तनातनी ने कांग्रेस के लिए स्थिति को और भी पेचीदा बना दिया है। अब सवाल यह उठता है कि क्या कांग्रेस मुख्यालय में पूरा 'वंदे मातरम' बजना महज़ एक भूल थी, या फिर जयराम रमेश की "कोई गलती नहीं" वाली टिप्पणी पार्टी के किसी नए रुख का संकेत दे रही है? फिलहाल, यह घटना राजनीतिक गलियारों में एक दिलचस्प बहस का विषय बन गई है।
क्या यह खबर उपयोगी लगी?
शेयर करें अपने दोस्तों तक पहुंचाएं
WhatsApp Telegram
हमारे WhatsApp ग्रुप से जुड़ें — ताज़ा खबरें सबसे पहले पाएं!
कीर्तिमान
छत्तीसगढ़
सभी छत्तीसगढ़ ›
रायपुर संभाग
दुर्ग संभाग
बिलासपुर संभाग
सरगुजा संभाग
बस्तर संभाग
देश
विदेश
सरकारी सूचना
राजनीति
खेल
मनोरंजन
कारोबार
कीर्तिमान विशेष
तकनीक शिक्षा सेहत धर्म यात्रा राशिफल डार्क/लाइट मोड डॉ. नीरज गजेंद्र
वीडियो
अभी कोई वीडियो उपलब्ध नहीं है
Clip & Share

अगली खबर के लिए ऊपर और पिछली खबर के लिए नीचे स्वाइप करें

सावधान: संवेदनशील सामग्री
इस अनुभाग में अपराध, हिंसा, दुर्घटना या अन्य संवेदनशील विषयों से संबंधित समाचार हो सकते हैं। क्या आप इसे देखना चाहते हैं?
ताज़ा खबरें सबसे पहले पाएं!
पुश नोटिफिकेशन चालू करें