INDIA Alliance: चुनाव आयोग के खिलाफ रणनीति बनाने दिल्ली में जुटे INDIA गठबंधन के दिग्गज, सेव डेमोक्रेसी मार्च का ऐलान
INDIA Alliance: गठबंधन की बैठक में चुनाव आयोग, SIR विवाद और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर आगे की रणनीति पर चर्चा हुई। विपक्ष ने देशभर में आंदोलन और संसद में मुद्दा उठाने की योजना बनाई है।
INDIA Alliance: देश की राजधानी में बुधवार को विपक्षी दलों के INDIA गठबंधन की एक बेहद अहम और high-profile बैठक आयोजित हुई। इस बैठक का मुख्य एजेंडा चुनाव आयोग (EC) के कामकाज, स्पेशल समरी रिवीजन (SIR) पर गहराते विवाद और मुख्य
चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आगे की रणनीतिक घेराबंदी तय करना रहा। बैठक में शामिल विपक्षी नेताओं ने चुनाव प्रणाली की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल उठाए और मुख्य चुनाव आयुक्त को पद से हटाने के लिए संसद में एक नया नोटिस लाने की संभावनाओं पर गहन विचार-विमर्श किया। विपक्ष की योजना लोकसभा और राज्यसभा दोनों सदनों में प्रस्ताव पेश कर सरकार और आयोग पर दबाव बनाने की है। इसके साथ ही, SIR मुद्दे पर पूरे देश में एक संयुक्त जन-आंदोलन खड़ा करने को लेकर भी आम सहमति बनाने की कोशिश की जा रही है।
ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे पर अड़ा विपक्ष: मल्लिकार्जुन खड़गे
बैठक के दौरान कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने चुनाव आयोग को लेकर विपक्ष का रुख बेहद कड़े शब्दों में साफ किया। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के तुरंत इस्तीफे की मांग दोहराई। खड़गे ने इससे पहले हुई
कांग्रेस कार्यसमिति (CWC) की बैठक का हवाला देते हुए कहा कि चुनावी प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता बेहद जरूरी है। उन्होंने स्पष्ट मांग रखी कि मतदाता सूची (Voter List) में जो भी बदलाव या नाम हटाने की कार्रवाई की गई है, उसके सारे आंकड़े तुरंत सार्वजनिक किए जाएं। साथ ही, जिन वैध नागरिकों के नाम सूची से हटा दिए गए हैं, उन्हें अपनी बात रखने और अपील करने का उचित मौका मिलना चाहिए।
SIR को लेकर आर-पार के मूड में विपक्ष, आयोग की सफाई
विपक्ष लगातार आरोप लगा रहा है कि SIR की आड़ में बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम वोटिंग लिस्ट से गायब कर दिए गए हैं। कांग्रेस का दावा है कि यह एक व्यवस्थित तरीके से किया जा रहा है और इस पूरी प्रक्रिया की जानकारी जनता के सामने आनी चाहिए। दूसरी ओर, इन आरोपों को खारिज करते हुए चुनाव आयोग का कहना है कि यह केवल एक नियमित प्रशासनिक प्रक्रिया है और आयोग के भीतर उठे सवाल अंदरूनी कामकाज का हिस्सा हैं, जिन्हें बेवजह तूल दिया जा रहा है।बैठक में कौन हुआ शामिल, कौन रहा नदारद?
गठबंधन की इस अहम बैठक में कांग्रेस के अलावा तृणमूल कांग्रेस (TMC), समाजवादी पार्टी (SP), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI), माकपा (CPI-M), एनसीपी (शरद पवार गुट) और शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के वरिष्ठ नेता शामिल हुए। हालांकि, इस बैठक में कुछ प्रमुख विपक्षी दलों की दूरी भी चर्चा का विषय बनी रही। आम आदमी पार्टी (AAP) और द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) का कोई प्रतिनिधि इस बैठक में नहीं पहुंचा। वहीं, समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव व्यक्तिगत तौर पर इसमें शामिल नहीं हुए, बल्कि उन्होंने अपनी जगह पार्टी के प्रतिनिधियों को भेजा।
2 से 8 अक्टूबर तक 'सेव डेमोक्रेसी मार्च' और 5 बड़ी रैलियां
बैठक के बाद गठबंधन ने अपने आगे के आक्रामक कार्यक्रमों का रोडमैप जारी किया। मल्लिकार्जुन खड़गे ने घोषणा की कि 2 अक्टूबर से 8 अक्टूबर तक देश के हर जिले में 'सेव डेमोक्रेसी मार्च' (लोकतंत्र बचाओ पदयात्रा) निकाला जाएगा। इसके अलावा:
देशभर में 5 विशाल रैलियां: विपक्ष इस मुद्दे को जन-आंदोलन बनाने के लिए देश के प्रमुख हिस्सों में 5 बड़ी साझा रैलियां आयोजित करेगा।
राष्ट्रपति से मुलाकात: अक्टूबर के दूसरे सप्ताह में INDIA गठबंधन के नेताओं का एक प्रतिनिधिमंडल राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मिलने का समय मांगेगा।
ज्ञापन सौंपा जाएगा: राष्ट्रपति से मुलाकात के दौरान विपक्षी नेता चुनावी प्रक्रिया में गड़बड़ियों और अपनी तमाम शिकायतों का पूरा ब्योरा उनके समक्ष रखेंगे।