अंबिकापुर में शराब बिक्री में अनियमितता के एक मामले पर आबकारी विभाग ने कड़ी कार्रवाई की है। शहर के बौरीपारा स्थित विदेशी कम्पोजिट मदिरा दुकान में निर्धारित दर से अधिक कीमत पर शराब बेचे जाने की पुष्टि होने के बाद आबकारी आयुक्त ने आबकारी उप निरीक्षक अनिल गुप्ता को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। वहीं सरगुजा के जिला आबकारी अधिकारी लक्ष्मीकांत गायकवाड और सहायक जिला आबकारी अधिकारी शीला बड़ा को कारण बताओ नोटिस जारी कर सात दिनों के भीतर जवाब मांगा गया है।
उड़नदस्ता ने मारा छापा
राज्य स्तरीय आबकारी उड़नदस्ता द्वारा की गई आकस्मिक जांच के दौरान एक छद्म ग्राहक के माध्यम से शराब बिक्री दरों का सत्यापन कराया गया। जांच में सामने आया कि दुकान में कार्यरत विक्रयकर्ता नरेन्द्र कुमार यादव ने गोल्डन गोवा व्हिस्की के 20 पाव निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर बेचे। शासन द्वारा तय दर के अनुसार 20 पाव की कीमत 2400 रुपये बनती थी, लेकिन ग्राहक से 2500 रुपये वसूले गए। इस तरह कुल 100 रुपये अतिरिक्त लिए जाने की पुष्टि हुई। जांच रिपोर्ट के आधार पर विक्रयकर्ता के खिलाफ छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। विभाग ने इसे गंभीर अनियमितता मानते हुए संबंधित क्षेत्र के प्रभारी आबकारी उप निरीक्षक अनिल गुप्ता की जवाबदेही तय की है। आदेश में कहा गया है कि उनके कार्यक्षेत्र में इस तरह की गड़बड़ी पाया जाना निगरानी और नियंत्रण में कमी को दर्शाता है, जो शासकीय सेवा आचरण नियमों के विपरीत है। आबकारी आयुक्त के आदेश के अनुसार निलंबन अवधि के दौरान अनिल गुप्ता का मुख्यालय संभागीय उड़नदस्ता कार्यालय, सरगुजा रहेगा। इस दौरान उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता प्रदान किया जाएगा।
जांच अभियान जारी रहेंगे
इस कार्रवाई के बाद विभागीय स्तर पर भी चर्चा तेज हो गई है। कुछ अधिकारियों का मानना है कि मामले में अतिरिक्त वसूली की राशि अपेक्षाकृत कम थी और ग्राहक के वापस न लौटने के कारण राशि लौटाई नहीं जा सकी। हालांकि विभाग का आधिकारिक रुख स्पष्ट है कि निर्धारित दर से अधिक मूल्य पर शराब बेचना नियमों का उल्लंघन है और ऐसी किसी भी लापरवाही को गंभीरता से लिया जाएगा। आबकारी विभाग ने संकेत दिए हैं कि शराब बिक्री में पारदर्शिता और तय दरों के पालन को लेकर आगे भी निगरानी और जांच अभियान जारी रहेंगे।