Swine Flu Cases: छत्तीसगढ़ में H1N1 का संक्रमण लगातार फैल रहा है। स्वास्थ्य विभाग की ताजा रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में 24 नए मरीजों की पुष्टि हुई है। इसके साथ ही राज्य में सक्रिय मरीजों की संख्या बढ़कर 108 हो गई है। इनमें से 87 मरीजों का इलाज अस्पतालों में चल रहा है, जबकि 21 संक्रमित मरीजों को डॉक्टरों की निगरानी में होम आइसोलेशन में रखा गया है।
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक जनवरी से अब तक प्रदेश में स्वाइन फ्लू के कुल 454 मामले सामने आ चुके हैं। संक्रमित मरीजों में अन्य राज्यों से आए 12 लोग भी शामिल हैं। विभाग लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और मरीजों की जांच व उपचार
कई जिलों में सक्रिय मरीजों का इलाज जारी
बिलासपुर और राजनांदगांव में स्वाइन फ्लू के 10-10 सक्रिय मरीज हैं। बिलासपुर में 5 मरीज अस्पताल में भर्ती हैं और 5 मरीज होम आइसोलेशन में हैं। वहीं राजनांदगांव में 6 मरीज अस्पतालों में उपचार ले रहे हैं, जबकि 4 मरीज घर पर हैं। इसके अलावा कोरबा में 8 सक्रिय मरीज हैं और सभी अस्पताल में भर्ती हैं। दुर्ग जिले में 7 मरीजों में से 6 अस्पताल में इलाज करा रहे हैं। महासमुंद में 7 सक्रिय मरीज हैं, जिनमें 5 अस्पताल में भर्ती हैं। बालोद में 5 मरीजों में से 4 का उपचार अस्पतालों में जारी है।
रायपुर में सबसे ज्यादा सक्रिय मरीज
स्वाइन फ्लू संक्रमण के मामलों में राजधानी रायपुर सबसे अधिक प्रभावित है। मंगलवार को रायपुर में 8 नए मरीज मिले हैं। इसके बाद राजनांदगांव में 6, बिलासपुर में 5, रायगढ़ में 3 और बालोद व जशपुर में 1-1 मरीज की पुष्टि हुई है। मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग ने कुल 52 संदिग्ध नमूनों की जांच की, जिसमें 24 लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई। वर्तमान में रायपुर में 38 सक्रिय मरीज हैं। इनमें 36 मरीज अस्पताल में भर्ती हैं, जबकि 2 मरीजों का इलाज घर पर चल रहा है।की व्यवस्था की जा रही है।लक्षण दिखने पर तुरंत जांच कराने की अपील
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से स्वाइन फ्लू के लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करने की अपील की है। तेज बुखार, गले में खराश, लगातार खांसी, कमजोरी और सांस लेने में परेशानी जैसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत स्वास्थ्य केंद्र जाकर जांच कराने की सलाह दी गई है। विभाग ने भीड़भाड़ वाली जगहों पर मास्क का उपयोग करने और बिना डॉक्टर की सलाह के दवा नहीं लेने की अपील की है। साथ ही लोगों से साफ-सफाई और सावधानी बरतने को कहा गया है, ताकि संक्रमण के प्रसार को नियंत्रित किया जा सके।

