देशभर में इन दिनों तिरंगा अभियान को लेकर उत्साह का माहौल है। जगह-जगह तिरंगा यात्राएं, ध्वजारोहण और राष्ट्रभक्ति से जुड़े आयोजन किए जा रहे हैं। इसी बीच मुंगेली विकासखंड के शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला झझपुरीखुर्द में पदस्थ शिक्षक एलबी पीताम्बर दास मानिकपुरी की पहल लोगों का ध्यान खींच रही है। जरहगांव नगर पंचायत में रहने वाले पीताम्बर दास करीब दो वर्षों से अपने घर की छत पर प्रतिदिन नियमित रूप से तिरंगा फहराते आ रहे हैं। वे हर सुबह करीब 8 बजे विधिवत ध्वजारोहण करते हैं और शाम को नियमानुसार राष्ट्रध्वज को सम्मानपूर्वक उतारते हैं। इस दौरान वे राष्ट्रध्वज से जुड़े निर्धारित नियमों का विशेष ध्यान रखते हैं। पीताम्बर दास मानिकपुरी का तिरंगे और राष्ट्रसेवा के प्रति लगाव नया नहीं है। वे बचपन से ही स्काउट-गाइड गतिविधियों से जुड़े रहे हैं।
बचपन से स्काउट-गाइड से जुड़ाव
स्काउटिंग के माध्यम से उनमें अनुशासन, सेवा, राष्ट्रप्रेम और जिम्मेदारी की भावना मजबूत हुई। यही कारण है कि वे राष्ट्रध्वज को देश के गौरव और सम्मान का प्रतीक मानते हुए नियमित रूप से तिरंगा फहराते हैं। पीताम्बर दास स्काउट के राष्ट्रीय स्तर के मास्टर ट्रेनर भी हैं। स्काउटिंग के क्षेत्र में उनके योगदान और उपलब्धियों को देखते हुए उन्हें राष्ट्रपति पुरस्कार से भी सम्मानित किया जा चुका है। उनकी यह उपलब्धि लंबे समय से स्काउटिंग और राष्ट्रसेवा के प्रति उनके समर्पण को दर्शाती है।

परिवार भी निभाता है भागीदारी
शिक्षक की इस दैनिक परंपरा में कई बार उनके परिवार के सदस्य भी शामिल होते हैं। सुबह घर की छत पर तिरंगा फहराने के दौरान परिवार के सदस्य उनके साथ मौजूद रहते हैं। इस तरह राष्ट्रध्वज के प्रति सम्मान की भावना उनके व्यक्तिगत जीवन तक सीमित न रहकर परिवार के अन्य सदस्यों तक भी पहुंच रही है। आमतौर पर राष्ट्रीय पर्वों और विशेष अवसरों पर घरों में तिरंगा फहराया जाता है, लेकिन पीताम्बर दास ने इसे किसी खास दिन तक सीमित नहीं रखा। वे करीब दो वर्षों से प्रतिदिन तिरंगा फहराने की परंपरा निभा रहे हैं। मौसम कोई भी हो और दिन सामान्य हो या विशेष, उनकी दिनचर्या में राष्ट्रध्वज को सम्मान देना शामिल है।
देशभक्ति को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का संदेश
पीताम्बर दास का मानना है कि देशभक्ति केवल विशेष अवसरों पर दिखाई देने वाली भावना नहीं होनी चाहिए, बल्कि इसे दैनिक जीवन में भी उतारा जाना चाहिए। राष्ट्रध्वज के प्रति सम्मान और उससे जुड़े नियमों का पालन भी इसी भावना का हिस्सा है। उनकी यह पहल लोगों को तिरंगे के प्रति जिम्मेदारी और सम्मान का संदेश दे रही है। वर्तमान में चल रहे तिरंगा अभियान के बीच शिक्षक पीताम्बर दास की पहल विशेष रूप से प्रेरित कर रही है। जहां अभियान के तहत देशभर में तिरंगा यात्राएं और अन्य आयोजन किए जा रहे हैं, वहीं पिछले दो वर्षों से उनका नियमित ध्वजारोहण यह संदेश देता है कि राष्ट्रप्रेम किसी अभियान या आयोजन तक सीमित नहीं होना चाहिए।
बच्चों को व्यवहार से दे रहे राष्ट्रप्रेम की सीख
एक शिक्षक के रूप में पीताम्बर दास विद्यालय में बच्चों को शिक्षा देने के साथ अनुशासन, जिम्मेदारी और राष्ट्र के प्रति सम्मान की भावना भी व्यवहार के माध्यम से सामने रख रहे हैं। स्काउटिंग से उनका पुराना जुड़ाव, राष्ट्रीय स्तर पर मास्टर ट्रेनर की भूमिका और राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित होना उनकी इस सोच को और मजबूती देता है। मुंगेली के नगर पंचायत जरहागांव निवासी और झझपुरीखुर्द में पदस्थ शिक्षक एलबी पीताम्बर दास मानिकपुरी की यह पहल तिरंगा अभियान के बीच खास बन गई है।


