मुरथल के मशहूर पराठों के साथ टेक्नोलॉजी का तड़का, रोबोट कर रहा वेटर का काम
मुरथल के रेशम ढाबे में अब ग्राहकों को पराठे और चाय परोसने के लिए रोबोट का इस्तेमाल किया जा रहा है। नेविगेशन सिस्टम से लैस यह रोबोट टेबल तक ऑर्डर पहुंचाता है और ग्राहकों के बीच आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।
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कीर्तिमान रिपोर्ट यशोदा साहू
19 Aug 2026, 03:38 PM
हरियाणा
हरियाणा के सोनीपत स्थित मुरथल अपने स्वादिष्ट और देसी पराठों के लिए देशभर में मशहूर है। यहां के ढाबों पर खाने का स्वाद लेने के लिए दूर-दूर से लोग पहुंचते हैं। अब मुरथल के एक ढाबे ने इस पारंपरिक खाने के साथ आधुनिक तकनीक को भी जोड़ दिया है। रेशम ढाबे पर ग्राहकों को पराठे परोसने के लिए रोबोट का इस्तेमाल किया जा रहा है। ढाबे पर पहुंचने वाले ग्राहकों के लिए यह रोबोट किसी खास आकर्षण से कम नहीं है। पीले रंग की ड्रेस में सजा रोबोट चाय और पराठों से भरी ट्रे लेकर ग्राहकों की टेबल तक पहुंचता है। इसे देखकर लोग न सिर्फ हैरान हो रहे हैं, बल्कि इसके साथ फोटो और वीडियो भी बना रहे हैं।
ढाबे में रोबोट वेटरऑर्डर तैयार होते ही टेबल तक पहुंचता है रोबोट
ढाबे में ग्राहक का ऑर्डर तैयार होने के बाद खाने की ट्रे रोबोट पर रखी जाती है। इसके बाद रोबोट निर्धारित रास्ते से होते हुए ग्राहक की टेबल तक पहुंचता है। इसके लिए इसमें नेविगेशन सिस्टम का इस्तेमाल किया गया है। रोबोट को चिप और रिमोट कंट्रोल की मदद से संचालित किया जाता है। रोबोट की लाल रंग की चमकती LED आंखें भी लोगों का ध्यान खींचती हैं। इसकी वजह से ढाबे का माहौल कुछ देर के लिए किसी आधुनिक तकनीकी प्रदर्शन जैसा नजर आने लगता है। जानकारी के मुताबिक, रोबोट एक बार चार्ज होने के बाद करीब डेढ़ घंटे तक काम कर सकता है।
बेंगलुरु की टीम ने तैयार किया रोबोट
ढाबे के मैनेजर संजय के मुताबिक, इस रोबोट को बेंगलुरु की एक टीम ने तैयार किया है। उनका कहना है कि मुरथल के पराठे पहले से ही देशभर में लोकप्रिय हैं और यहां अलग-अलग जगहों से लोग खाना खाने पहुंचते हैं। ऐसे में ग्राहकों को स्वाद के साथ कुछ नया अनुभव देने के उद्देश्य से रोबोट को ढाबे में शामिल किया गया। रोबोट को संभालने के लिए ढाबे ने अलग टीम भी तैनात की है। नई व्यवस्था शुरू होने के बाद ग्राहकों में इसे लेकर खासा उत्साह दिखाई दे रहा है। खाने की टेबल तक रोबोट को आते देख कई ग्राहक उसके साथ सेल्फी और वीडियो बनाते नजर आ रहे हैं। मुरथल के ढाबों की पहचान जहां लंबे समय से देसी स्वाद और गर्मागर्म पराठों से रही है, वहीं रेशम ढाबे की यह पहल दिखाती है कि पारंपरिक खानपान के साथ तकनीक का इस्तेमाल कर ग्राहकों के अनुभव को भी नया रूप दिया जा सकता है।