Tejas Fighter Jet: GE Aerospace ने भेजे 3 नए इंजन, Mk1A का उत्पादन बढ़ने की उम्मीद
Tejas Fighter Jet: अमेरिकी कंपनी GE Aerospace ने तेजस Mk1A के लिए 3 और F404-IN20 इंजन HAL को भेजे हैं। इसके साथ अब तक 10 इंजन भारत पहुंच चुके हैं। इंजन सप्लाई बढ़ने से तेजस Mk1A के उत्पादन में तेजी आने और भारतीय वायुसेना को विमानों की डिलीवरी आगे बढ़ने की उम्मीद है।
क
कीर्तिमान डेस्क | कमलेश साहू
04 Sep 2026, 01:53 PM
नई दिल्ली
Tejas Fighter Jet: भारत के स्वदेशी लड़ाकू विमान तेजस Mk1A के उत्पादन को रफ्तार देने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम सामने आया है। अमेरिकी कंपनी GE Aerospace ने अगस्त 2026 में हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) को तीन और F404-IN20 इंजन की आपूर्ति की है। ये इंजन तेजस Mk1A लड़ाकू विमानों में इस्तेमाल किए जाने हैं। कंपनी ने इंजन की नई खेप भेजे जाने की पुष्टि की है। इसके साथ ही HAL को अब तक कुल 10 इंजन मिल चुके हैं। इससे पहले जुलाई में सातवां इंजन भारत पहुंचा था। एक इंजन में आई मामूली तकनीकी समस्या को GE Aerospace ने ठीक कर दिया था, जिसके बाद HAL ने उसे इस्तेमाल के लिए मंजूरी दे दी।
इंजन की कमी से प्रभावित था तेजस का उत्पादन
तेजस Mk1A कार्यक्रम लंबे समय से इंजन की आपूर्ति में देरी से प्रभावित रहा है। फरवरी 2021 में रक्षा मंत्रालय ने HAL के साथ करीब 48,000 करोड़ रूपए का अनुबंध किया था। इस समझौते के तहत भारतीय वायुसेना के लिए 83 तेजस विमान तैयार किए जाने हैं। इनमें 73 लड़ाकू विमान और 10 ट्रेनर विमान शामिल हैं। योजना के मुताबिक इन विमानों की आपूर्ति आठ वर्षों के भीतर पूरी की जानी थी। शुरुआत में तीन विमानों की डिलीवरी के बाद अगले पांच वर्षों तक हर साल 16 विमान देने का लक्ष्य रखा गया था। हालांकि, इंजन की समय पर उपलब्धता नहीं होने से उत्पादन की रफ्तार प्रभावित हुई।
GE Aerospace ने भेजे 3 नए इंजन
दिसंबर तक 22 इंजन मिलने की उम्मीद
नई खेप पहुंचने के बाद HAL को उत्पादन बढ़ाने में कुछ राहत मिलने की उम्मीद है। कंपनी को आने वाले महीनों में GE Aerospace से और इंजन मिलने हैं। लक्ष्य दिसंबर तक कुल 22 इंजन प्राप्त करने का है। यदि इंजन की आपूर्ति तय रफ्तार से जारी रहती है, तो HAL तेजस Mk1A के उत्पादन को आगे बढ़ा सकता है। इससे भारतीय वायुसेना को विमानों की डिलीवरी शुरू करने में भी मदद मिलने की उम्मीद है।
GE Aerospace को 99 इंजनों का ऑर्डर
तेजस Mk1A के लिए GE Aerospace को शुरुआती ऑर्डर के तहत कुल 99 F404-IN20 इंजन उपलब्ध कराने हैं। सिंगल-इंजन फाइटर जेट के लिए इंजन सबसे महत्वपूर्ण प्रणालियों में से एक है। ऐसे में विमानों के उत्पादन की गति काफी हद तक इसकी नियमित आपूर्ति पर निर्भर करती है। तेजस Mk1A भारत के प्रमुख स्वदेशी लड़ाकू विमान कार्यक्रमों में शामिल है। इस परियोजना में इंजन की कमी लंबे समय से एक बड़ी चुनौती रही है। ऐसे में GE Aerospace की ओर से लगातार इंजन मिलने से उत्पादन में तेजी आने की संभावना बढ़ी है। हालांकि, परियोजना को तय कार्यक्रम के करीब लाने के लिए आने वाले महीनों में इंजन की नियमित और पर्याप्त आपूर्ति महत्वपूर्ण रहेगी। अगर सप्लाई का सिलसिला बना रहता है, तो HAL उत्पादन क्षमता बढ़ाकर भारतीय वायुसेना की जरूरतों को पूरा करने की दिशा में आगे बढ़ सकता है।