Chhattisgarh MBBS Scam: एनआरआई कोटे और फर्जी डिग्रियों का खेल, डेढ़ करोड़ में एमबीबीएस सीट का सौदा
Chhattisgarh MBBS Scam: NRI कोटे से MBBS सीट दिलाने के नाम पर करोड़ों रुपये की कथित वसूली और फर्जी दस्तावेज तैयार करने वाले नेटवर्क का खुलासा हुआ है। स्टिंग ऑपरेशन में कई एजेंसियों के चौंकाने वाले दावे सामने आए हैं।
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कीर्तिमान न्यूज
04 Sep 2026, 12:53 PM
रायपुर
Chhattisgarh MBBS Scam: मेडिकल सेक्टर में एक चौंकाने वाले फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। राज्य में सक्रिय करियर काउंसलिंग और एडमिशन एजेंसियां एनआरआई (NRI) कोटे के तहत एमबीबीएस (MBBS) की सीटें दिलाने के नाम पर सवा से डेढ़ करोड़ रुपए का भारी-भरकम सौदा कर रही हैं। इतना ही नहीं, यूपी, बिहार, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों के गिरोह छत्तीसगढ़ को केंद्र बनाकर फर्जी डिग्रियों और फर्जी दस्तावेजों का समानांतर कारोबार चला रहे हैं। मीडिया द्वारा की गई दो महीने लंबी सघन पड़ताल और स्टिंग ऑपरेशन में इस पूरे नेक्सस की परतें उधड़कर सामने आई हैं।
वाॅट्सऐप ग्रुप्स में दिया जा रहा प्रलोभन
जांच में सामने आया कि यदि किसी छात्र का कोई भी सगा-संबंधी विदेश में नहीं रहता, तब भी ये एजेंसियां दुबई या अन्य देशों से फर्जी स्पॉन्सरशिप और फर्जी रिश्तेदारी के कागजात तैयार करवाने का दावा कर रही हैं। इस काम के लिए एजेंसियां अलग से 2 से 3 लाख रुपए का कमीशन और फाइलिंग चार्ज वसूलती हैं। सोशल मीडिया और वॉट्सऐप ग्रुप्स पर खुलेआम विज्ञापन चलाकर छत्तीसगढ़ और अन्य राज्यों के निजी मेडिकल कॉलेजों व डीम्ड यूनिवर्सिटीज में किसी भी सीट को बुक कराने का प्रलोभन दिया जा रहा है।
स्टिंग ऑपरेशन में बेनकाब हुई फर्जीवाड़े की तीन परतें
1. ओम कंसल्टेंसी (लखनऊ, यूपी): बैक डेट में 1.60 लाख में फिजियोथेरेपी की डिग्री
एजेंसी के एजेंट से जब संपर्क किया गया, तो उसने बिना किसी पढ़ाई या परीक्षा के कर्नाटक की यूनिवर्सिटी से बैक डेट में 'बैचलर ऑफ फिजियोथेरेपी' (BPT) की डिग्री देने का वादा किया।
सौदा: 1.60 लाख रुपये कुल फीस, 15 हजार रुपए एडवांस।
समय सीमा: 3 महीने के भीतर बैक डेटेड मार्कशीट।
अतिरिक्त दावा: छत्तीसगढ़ काउंसिल में फर्जी रजिस्ट्रेशन कराने की भी जिम्मेदारी ली। बतौर सबूत एजेंट ने वॉट्सऐप पर पुरानी फर्जी मार्कशीट के सैंपल भी शेयर किए।
2. मेडिकल कोर्सेस सेंटर (रायपुर, छत्तीसगढ़): बिना एनआरआई बैकग्राउंड के एडमिशन का पक्का वादा
रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग और भिलाई में सक्रिय इस एजेंसी ने केवल 200 से अधिक नीट (NEET) स्कोर वाले उम्मीदवार को भी एनआरआई सीट दिलाने की गारंटी दी।
सौदा: एमबीबीएस सीट के लिए 1 करोड़ रुपए से अधिक की रकम।
फर्जी दस्तावेज: विदेश में रिश्तेदार न होने की बात पर एजेंट ने साफ कहा कि फर्जी स्पॉन्सरशिप पेपर तैयार कर दिए जाएंगे, जिसके लिए 2 से 3 लाख रुपएये अलग से लगेंगे।
3. मैक्स एजुकेशन काउंसलिंग (छत्तीसगढ़): 10 हजार में सीट बुकिंग का ऑफर
इस एजेंसी से वॉट्सऐप के माध्यम से की गई बातचीत में सामने आया कि एनआरआई कोटे में एमबीबीएस का बजट करीब 1.2 करोड़ रुपए बैठता है।
प्रक्रिया: महज 10 हजार रुपए का रजिस्ट्रेशन शुल्क देकर सीट ब्लॉक करने का दावा।
अन्य खर्च: फर्जी कागजात और काउंसलिंग सपोर्ट के नाम पर 30 से 40 हजार रुपए अलग से मांगे गए।
सरकार और प्रशासन की चेतावनी: बिचौलियों के झांसे में न आएं
मेडिकल शिक्षा क्षेत्र में फैल रहे इस जालसाजी के नेटवर्क पर राज्य सरकार ने भी कड़ा रुख अपनाया है।
"हम अभिभावकों और छात्रों से लगातार अपील कर रहे हैं कि वे केवल सरकार द्वारा निर्धारित मान्य और पारदर्शी प्रक्रिया के माध्यम से ही एमबीबीएस में प्रवेश लें। काउंसलिंग की पूरी व्यवस्था पारदर्शी है। किसी भी एजेंट या बिचौलिए के झांसे में न आएं। इस संबंध में आधिकारिक दिशा-निर्देश भी जारी किए जा चुके हैं।"
— श्यामबिहारी जायसवाल, चिकित्सा शिक्षा मंत्री, छत्तीसगढ़
पाठकों के लिए सलाह: एमबीबीएस या किसी भी पैरामेडिकल कोर्स में दाखिले के लिए केवल अधिकृत काउंसिलिंग वेबसाइट्स (जैसे https://mcc.nic.in/ या राज्य की https://cgdme.in/) का ही सहारा लें। किसी भी अनाधिकृत व्यक्ति या एजेंसी को एडवांस रकम न दें।