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सोलर प्लांट मामले में कार्रवाई
सोलर प्लांट मामले में कार्रवाई
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फर्जीवाड़ा उजागर : सरकारी सामान से चमकाया पत्नी का बिजनेस, मऊगंज में बिजली विभाग का बड़ा भ्रष्टाचार 

मध्य प्रदेश के मऊगंज में बिजली विभाग के एक जूनियर इंजीनियर पर अपनी पत्नी की कंपनी को लाभ पहुंचाने के लिए सरकारी संसाधनों के दुरुपयोग का आरोप लगा है। विभागीय जांच में अनियमितताएं सामने आने के बाद JE को निलंबित कर दिया गया, जबकि उनकी पत्नी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।

अप्पू धीवर |  कीर्तिमान न्यूज
प्रकाशित: 06 Jul 2026, 11:01 AM · अपडेट: 02 Oct 2026, 07:11 PM
मऊगंज
AI द्वारा तैयार ~1 मिनट सारांश
मध्य प्रदेश के मऊगंज जिले से सरकारी पद के दुरुपयोग और भ्रष्टाचार का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। बिजली विभाग के एक कनिष्ठ अभियंता (JE) पर आरोप है कि उन्होंने विभागीय नियमों को ताक पर रखकर अपनी पत्नी की कंपनी को फायदा पहुँचाया और सरकारी संसाधनों का खुलकर इस्तेमाल किया। 
मामला उजागर होते ही विभाग में हड़कंप मच गया है। आनन-फानन में आरोपी जेई को सस्पेंड कर दिया गया है, वहीं उनकी पत्नी के खिलाफ पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है। यह पूरा मामला हनुमना इलाके में बन रहे 2 मेगावाट क्षमता के एक सौर ऊर्जा संयंत्र (सोलर पावर प्लांट) से जुड़ा है। 

अधिकारियों के उड़े होश 

दरअसल, इस परियोजना के काम में कुछ गड़बड़ी की शिकायत मिलने पर रीवा के मुख्य अभियंता ने एक आंतरिक जांच बैठाई थी। जांच में जो सच सामने आया, उसने अधिकारियों के होश उड़ा दिए। पता चला कि इस प्रोजेक्ट पर काम कर रही 'मेसर्स ओम इंटरप्राइजेज' नाम की फर्म किसी बाहरी व्यक्ति की नहीं, बल्कि विभाग में ही तैनात जूनियर इंजीनियर रंजीत कुमार साहू की पत्नी ममता कुमारी की है। 

सरकारी संसाधनों को निजी उपयोग 

जांच रिपोर्ट में इस बात का साफ जिक्र है कि जेई रंजीत कुमार साहू ने पद का फायदा उठाते हुए अपनी पत्नी की कंपनी को मिले बिजली कनेक्शन और लाइन विस्तार के काम में विभाग के सरकारी सामान और संसाधनों को लगा दिया। हद तो तब हो गई जब सरकारी सामान इस्तेमाल करने के बाद, उसी काम के बदले बिजली कंपनी से 1 लाख 67 हजार रुपये के भुगतान का बिल भी मंजूर कराने की कोशिश की गई। 

बड़े पैमाने में हेराफेरी की आशंका  

विभागीय ऑडिट में इसी रकम के फेरबदल ने इस पूरे खेल को बेनकाब कर दिया। इस मामले में एक और चौंकाने वाला मोड़ तब आया जब जांच टीम को सोलर प्लांट में लगे कुछ उपकरण मध्य प्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड (इंदौर) के मिले। मऊगंज में इंदौर डिवीजन के सरकारी उपकरणों का मिलना कई बड़े सवाल खड़े करता है। अधिकारियों को अंदेशा है कि यह सिर्फ एक जगह का मामला नहीं है, बल्कि सरकारी विभागों से बड़े पैमाने पर सामग्री की हेराफेरी या चोरी का हिस्सा हो सकता है। 

जूनियर इंजीनियर सस्पेंड 

फिलहाल इस पहलू पर बारीकी से तफ्तीश की जा रही है। मुख्य अभियंता की शुरुआती जांच रिपोर्ट आते ही विभाग ने सख्त कदम उठाया है। जूनियर इंजीनियर रंजीत कुमार साहू को सस्पेंड कर लाइन अटैच कर दिया गया है। वहीं, बिजली कंपनी के अधिकारियों ने खुद हनुमना थाने पहुँचकर शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद जेई की पत्नी और कंपनी की प्रोपराइटर ममता कुमारी के खिलाफ नामजद एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली गई है। 

दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई 

बिजली विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि पुलिस और विभाग दोनों स्तरों पर मामले की गहराई से विवेचना हो रही है। जैसे ही अंतिम रिपोर्ट आएगी, दोषियों के खिलाफ कानून के तहत बेहद सख्त कदम उठाए जाएंगे। सूत्रों की मानें तो इस जांच की आंच विभाग के कुछ अन्य कर्मचारियों और अधिकारियों तक भी पहुँच सकती है, जिन्होंने इस हेराफेरी में जेई का साथ दिया था।
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