सिक्योर इंस्टैंट मैसेजिंग प्लेटफॉर्म Telegram अपने यूजर्स के लिए एक नई सुविधा लाने की तैयारी में है। कंपनी के फाउंडर और सीईओ पावेल डूरोव ने दावा किया है कि भविष्य में Telegram यूजर्स को अपनी वेबसाइट बनाने और चलाने की सुविधा मुफ्त में मिल सकती है। इसके लिए कंपनी ने .gram टॉप-लेवल डोमेन हासिल करने के लिए आवेदन किया है। हालांकि, फिलहाल इसे मंजूरी नहीं मिली है और पूरी योजना इसी मंजूरी पर निर्भर करेगी।
अगर Telegram का आवेदन स्वीकार हो जाता है, तो यूजर्स अपने Telegram यूजरनेम से जुड़ा अलग वेब एड्रेस बना सकेंगे। उदाहरण के तौर पर किसी व्यक्ति का Telegram यूजरनेम @rahul है, तो भविष्य में उसके लिए rahul.gram जैसा वेब एड्रेस उपलब्ध कराया जा सकता है। इससे Telegram प्रोफाइल या चैनल को इंटरनेट पर एक अलग वेबसाइट के रूप में पेश करने का रास्ता खुल सकता है।
करीब एक अरब यूजर्स को मिल सकता है फायदा
पावेल डूरोव के मुताबिक, .gram डोमेन मिलने के बाद Telegram के करीब एक अरब यूजर्स अपने नाम से सेकेंड-लेवल डोमेन बना सकेंगे। इस योजना का मकसद Telegram यूजरनेम को वेब पहचान से जोड़ना है। यानी जिस नाम से कोई व्यक्ति, क्रिएटर या चैनल Telegram पर मौजूद है, उसी नाम को उसकी वेबसाइट के एड्रेस के तौर पर इस्तेमाल किया जा सकेगा। सामान्य तौर पर किसी वेबसाइट के पते में आखिर में आने वाला .com, .in या .org उसका टॉप-लेवल डोमेन होता है। इसी तर्ज पर .gram को भी एक नए टॉप-लेवल डोमेन के रूप में लाने की तैयारी है। फिलहाल Telegram ने इसके लिए आवेदन किया है। जरूरी मंजूरी मिलने के बाद ही कंपनी इसे यूजर्स के लिए उपलब्ध कराने की दिशा में आगे बढ़ पाएगी।.gram एड्रेस पर बन सकेगी इंटरैक्टिव वेबसाइट
Telegram की योजना केवल नया वेब एड्रेस उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है। डूरोव के अनुसार, यूजर्स अपने .gram एड्रेस पर इंटरैक्टिव वेबसाइट भी तैयार कर सकेंगे। उदाहरण के लिए किसी क्रिएटर का Telegram यूजरनेम @xyz है तो उसे भविष्य में xyz.gram जैसा एड्रेस मिल सकता है, जहां वह अपने कंटेंट, प्रोफाइल से जुड़ी जानकारी और दूसरी जरूरी चीजें दिखा सकेगा। इस सुविधा से खासतौर पर कंटेंट क्रिएटर्स, छोटे कारोबारियों, कम्युनिटी एडमिन और Telegram चैनल संचालकों को फायदा हो सकता है। उन्हें अपनी ऑनलाइन मौजूदगी के लिए अलग वेबसाइट और Telegram प्रोफाइल के बीच ज्यादा दूरी नहीं रखनी पड़ेगी।
एक प्रॉम्प्ट से तैयार हो सकती है वेबसाइट
इस योजना का एक अहम हिस्सा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़ा बताया जा रहा है। दावा है कि यूजर केवल एक प्रॉम्प्ट देकर अपनी वेबसाइट तैयार कर सकेगा। मौजूदा समय में कई AI टूल कुछ ही निर्देशों के आधार पर वेबसाइट डिजाइन कर देते हैं, लेकिन वेबसाइट को ऑनलाइन रखने के लिए आमतौर पर डोमेन और होस्टिंग पर खर्च करना पड़ता है। Telegram की योजना में वेबसाइट तैयार करने की प्रक्रिया को आसान बनाने के साथ इसे मुफ्त उपलब्ध कराने की बात कही गई है। अगर कंपनी इसे योजना के मुताबिक लागू करती है तो ऐसे यूजर्स भी अपनी वेबसाइट बना सकेंगे, जिन्हें वेब डिजाइनिंग या कोडिंग की जानकारी नहीं है। हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि .gram सेवा अभी शुरू नहीं हुई है। डोमेन के आवेदन को मंजूरी मिलने और उसके बाद तकनीकी तैयारियां पूरी होने पर ही यह स्पष्ट होगा कि यूजर्स को सुविधा कब और किन शर्तों के साथ उपलब्ध कराई जाएगी।चैटिंग ऐप से आगे बढ़ रहा Telegram
Telegram पिछले कुछ समय से खुद को केवल मैसेजिंग ऐप तक सीमित रखने के बजाय एक बड़े डिजिटल प्लेटफॉर्म के रूप में विकसित कर रहा है। कंपनी ब्राउजर और Mini Apps जैसी सुविधाओं पर भी काम कर चुकी है। Telegram के इन-ऐप ब्राउजर के जरिए सामान्य वेबसाइटों के साथ TON इकोसिस्टम से जुड़ी सेवाओं तक पहुंचने की सुविधा भी दी गई है। ऐसे में .gram डोमेन की योजना Telegram की उसी रणनीति का अगला कदम मानी जा सकती है। अगर इसे मंजूरी मिलती है और कंपनी मुफ्त वेबसाइट की सुविधा लागू करती है, तो Telegram यूजरनेम केवल चैटिंग ऐप की पहचान नहीं रह जाएगा, बल्कि इंटरनेट पर यूजर के व्यक्तिगत वेब एड्रेस के रूप में भी इस्तेमाल हो सकेगा।