Telegram Security: यूजर्स की डिजिटल सुरक्षा को लेकर एक नई चिंता सामने आई है। साइबर सुरक्षा शोधकर्ताओं ने एक नए सर्विलांस बैकडोर का पता लगाया है, जिसे HEAVYGRAM नाम दिया गया है। शुरुआती जांच में इस टूल को ईरान से जुड़े साइबर समूह Handala Hack से जोड़ा जा रहा है।
सुरक्षा विशेषज्ञों के मुताबिक, यह बैकडोर यूजर्स की संवेदनशील जानकारियों तक पहुंच बनाने में सक्षम हो सकता है। रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि इसका इस्तेमाल पासवर्ड चोरी करने और डिजिटल गतिविधियों पर नजर रखने के लिए किया जा सकता है।
असंतुष्टों, कार्यकर्ताओं और पत्रकारों पर नजर
साइबर सुरक्षा से जुड़ी जानकारी के अनुसार, HEAVYGRAM का इस्तेमाल कथित तौर पर सिर्फ आम यूजर्स को प्रभावित करने के लिए नहीं किया जा रहा है, बल्कि इसके निशाने पर खास वर्ग के लोग भी हो सकते हैं। बताया जा रहा है कि इस अभियान में राजनीतिक असंतुष्टों (Dissidents), सामाजिक कार्यकर्ताओं (Activists) और पत्रकारों को टारगेट किया जा सकता है। ऐसे साइबर हमलों का उद्देश्य अक्सर निजी बातचीत, संवेदनशील दस्तावेजों और डिजिटल अकाउंट्स तक पहुंच हासिल करना होता है।जांच जारी, पूरी तस्वीर अभी सामने आना बाकी
हालांकि, HEAVYGRAM को लेकर सामने आई जानकारियां अभी शुरुआती स्तर पर हैं। सुरक्षा विशेषज्ञ इस बात की जांच कर रहे हैं कि यह बैकडोर किस तरह काम करता है, कितने यूजर्स प्रभावित हुए हैं और इसका वास्तविक खतरा कितना बड़ा है। विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी संदिग्ध लिंक, अनजान फाइल या संदिग्ध एप्लिकेशन से बचना चाहिए। यूजर्स को मजबूत पासवर्ड, टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन और नियमित सुरक्षा अपडेट जैसे उपाय अपनाने की सलाह दी जाती है। फिलहाल साइबर सुरक्षा समुदाय इस मामले पर नजर बनाए हुए है और आगे की तकनीकी जांच के बाद ही HEAVYGRAM की पूरी क्षमता और प्रभाव का पता चल सकेगा।
