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West Bengal Bypoll: उपचुनाव से पहले TMC को बड़ा झटका, दो सीटों पर उम्मीदवारों ने वापस लिया नामांकन
West Bengal bypoll से पहले TMC को बड़ा झटका लगा है। रेजीनगर और नंदीग्राम सीट पर उम्मीदवारों के नामांकन वापस लेने से चुनावी समीकरण बदल गए हैं।
West Bengal Bypoll: पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा उपचुनावों से ठीक पहले तृणमूल कांग्रेस
(TMC) की मुश्किलें अचानक बढ़ गई हैं। मतदान की तारीख नजदीक आने से पहले ही पार्टी को दो सीटों पर एक के बाद एक बड़े झटके लगे हैं, जिससे ममता बनर्जी के चुनावी गणित को गहरा नुकसान पहुँचा है। ताजा मामला रेजीनगर विधानसभा सीट का है, जहाँ से तृणमूल उम्मीदवार रबीउल आलम चौधरी ने अचानक अपना नामांकन वापस ले लिया है।
खास बात यह है कि शनिवार को ही उपचुनाव के लिए नाम वापसी का आखिरी दिन था। ऐसे में ऐन मौके पर उम्मीदवार के मैदान छोड़ने से पार्टी के पास अब इस सीट पर कोई विकल्प नहीं बचा है। इससे ठीक एक दिन पहले नंदीग्राम सीट से भी तृणमूल के प्रत्याशी ने भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी से मुलाकात के बाद अपना पर्चा वापस उठा लिया था। महज 24 घंटे के भीतर दोनों सीटों पर उम्मीदवारों के पीछे हटने से उपचुनाव के समीकरण पूरी तरह बदल गए हैं।
प्रशासनिक दबाव और नाराजगी को बताया वजह
नामांकन वापस लेने के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए रबीउल आलम चौधरी ने अपनी ही सरकार की कार्यप्रणाली और प्रशासनिक रवैये पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा:
"पार्टी के नए सिंबल के साथ कार्यकर्ता मैदान में उतरने को तैयार नहीं हैं। दूसरी तरफ प्रशासन लगातार हमारे लोगों पर जबरन दबाव बना रहा है और कई कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर चुका है। ऐसे माहौल में निष्पक्ष चुनाव लड़ना मुमकिन नहीं है, इसलिए मैंने मैदान से हटने का फैसला किया।"
रबीउल ने यह भी दावा किया कि इस कदम को उठाने से पहले उन्होंने पार्टी प्रमुख और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से बात की थी।
चुनाव से पहले खाली हुआ मैदान
दो विधानसभा सीटों पर होने वाले इस उपचुनाव में दोनों मुख्य प्रत्याशियों के हटने के बाद तृणमूल कांग्रेस के सामने बड़ा राजनीतिक संकट खड़ा हो गया है। नामांकन की समयसीमा समाप्त होने के कारण अब पार्टी इन सीटों पर नया प्रत्याशी नहीं उतार सकती। चुनावी बिसात बिछने से पहले ही दोनों सीटों पर मैदान खाली होने से पार्टी संगठन की गुटबाजी और अंदरूनी खींचतान खुलकर सामने आ गई है।