रायगढ़ जिले के कापू वन परिक्षेत्र में जंगली हाथियों की आवाजाही लगातार ग्रामीणों के लिए चिंता का कारण बनी हुई है। शनिवार देर रात जंगल से निकले दो हाथी अलोला गांव की बस्ती में घुस आए और कई कच्चे मकानों को नुकसान पहुंचा दिया। घटना के दौरान ग्रामीण घरों में सो रहे थे।
अचानक हाथियों के गांव में पहुंचने से अफरा-तफरी मच गई। हालांकि समय रहते सभी लोग सुरक्षित बाहर निकल आए, जिससे किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। वन विभाग के अनुसार, इन दिनों कापू वन परिक्षेत्र में करीब 19 हाथियों का दल अलग-अलग इलाकों में विचरण कर रहा है। इनमें से दो हाथी पिछले एक सप्ताह से अलोला गांव के आसपास लगातार देखे जा रहे हैं।
कई परिवारों के मकानों को पहुंचा नुकसान
मकानों को पहुंचा नुकसानएक दिन पहले हाथी के हमले में युवक घायल
इससे पहले शुक्रवार शाम अलोला बीट क्षेत्र में हाथी के हमले की एक और घटना सामने आई थी। 35 वर्षीय राजेंद्र सर्पराज अपने साथी सुखराम डोगीदरहा के साथ बाइक से कापू से किलकिला की ओर जा रहे थे। रास्ते में सड़क किनारे मौजूद हाथियों का सामना होने पर एक हाथी अचानक आक्रामक हो गया। सुखराम तो किसी तरह बच निकले, लेकिन हाथी ने राजेंद्र का पीछा कर उन्हें घायल कर दिया। बाद में उन्हें उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।
धरमजयगढ़ वन मंडल में 126 हाथी दर्ज वन विभाग के आंकड़ों के मुताबिक रायगढ़ जिले में 150 से अधिक हाथियों की मौजूदगी है। विभागीय रिकॉर्ड के अनुसार केवल धरमजयगढ़ वन मंडल में ही 126 हाथी हैं। इनमें 35 नर, 66 मादा और 25 शावक शामिल हैं। सबसे बड़ा झुंड लैलूंगा रेंज के मुकडेगा बीट में है, जहां 18 हाथी मौजूद हैं। शेष हाथी अलग-अलग वन क्षेत्रों में विचरण कर रहे हैं। लगातार बढ़ती गतिविधियों को देखते हुए वन विभाग ग्रामीणों को सतर्क रहने और रात के समय जंगल से लगे क्षेत्रों में विशेष सावधानी बरतने की सलाह दे रहा है।