बलरामपुर जिले से ग्राम कोटागहना में शनिवार रात हुई एक दिल को दहला देने वाली घटना ने पूरे गांव को शोक में डुबो दिया। जहरीले सांप के डसने से 8 वर्षीय मासूम बच्ची और उसे बचाने की कोशिश कर रही उसकी नानी की मौत हो गई।मानसून की बारिश जहां किसानों के लिए राहत लेकर आई है, वहीं ग्रामीण इलाकों में सर्पदंश की घटनाएं भी बढ़ने लगी हैं। ग्राम घोरघड़ी के निवासी 8 वर्षीय करिश्मा शुक्रवार को छुट्टियां बिताने अपने नाना-नानी के घर कोटागहना आई थी। पूरे परिवार में उसकी चहल-पहल से खुशियों का माहौल था। किसी को अंदाजा भी नहीं था कि अगले ही दिन यह मासूम हमेशा के लिए सबसे बिछड़ जाएगी।
जहरीले सांप की बनी शिकार
शनिवार रात करीब 11 बजे करिश्मा अपनी 56 वर्षीय नानी नंदी के साथ जमीन पर सो रही थी। इसी दौरान जहरीले सांप ने पहले करिश्मा को डस लिया। बच्ची के रोने की आवाज सुनकर नानी की आंख खुली। उन्होंने देखा कि सांप अभी भी उसके पास था। बिना अपनी जान की परवाह किए नानी ने नातिन को बचाने की कोशिश की, लेकिन इसी दौरान सांप ने उन्हें भी डस लिया। कुछ ही देर में दोनों की तबीयत बिगड़ने लगी।
नानी और नातिन की हुई मौत
प्रशासन की अपील झाड़-फूंक छोड़ें अस्पताल जाएं
स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन ने लोगों से बारिश के मौसम में अतिरिक्त सावधानी बरतने की अपील की है। घरों के आसपास झाड़ियां और कचरा साफ रखें, रात में संभव हो तो जमीन पर सोने से बचें और यदि किसी को सांप काट ले तो झाड़-फूंक या घरेलू उपचार में समय गंवाने के बजाय तत्काल नजदीकी अस्पताल पहुंचें। विशेषज्ञों का कहना है कि समय पर इलाज मिलने से सर्पदंश के अधिकांश मरीजों की जान बचाई जा सकती है।