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हाथियों की मौजूदगी से ग्रामीणों में दहशत
हाथियों की मौजूदगी से ग्रामीणों में दहशत
बिलासपुर

तीन हाथियों के दल का तांडव : 15 किसानों की फसल रौंदी, 3 मकान ढहाए, एमपी सीमा से दाखिल हुआ कुनबा

मरवाही वन मंडल क्षेत्र में तीन हाथियों के दल ने चिचगोहना और घुसरिया गांव में जमकर नुकसान पहुंचाया। हाथियों ने तीन मकानों को क्षतिग्रस्त करने के साथ करीब 15 किसानों की फसल रौंद दी। वन विभाग ने इलाके में अलर्ट जारी कर ग्रामीणों को सतर्क रहने की अपील की है।

अप्पू धीवर |  कीर्तिमान न्यूज
प्रकाशित: 05 Aug 2026, 10:03 AM · अपडेट: 29 Oct 2026, 07:49 AM
बिलासपुर
AI द्वारा तैयार ~1 मिनट सारांश
बिलासपुर और आसपास के वनांचल इलाकों में वन्यजीवों की हलचल एक बार फिर ग्रामीणों के लिए मुसीबत का सबब बन गई है। मरवाही वन मंडल क्षेत्र में बीते कुछ दिनों से तीन हाथियों का एक दल लगातार डेरा जमाए हुए है। हाथियों की इस मौजूदगी से इलाके के गांवों में दहशत का माहौल है। ये हाथी न सिर्फ राह चलते लोगों के लिए खतरा बने हुए हैं, बल्कि रिहायशी इलाकों और खेतों में घुसकर भारी तबाही भी मचा रहे हैं। हाथियों के इस छोटे कुनबे ने सबसे ज्यादा तबाही चिचगोहना और घुसरिया गांव में मचाई है। चिचगोहना में हाथियों ने दीवारें तोड़कर तीन ग्रामीणों के मकानों को बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया। 

नुकसान का किया जा रहा सटीक आकलन 

वहीं, दोनों गांवों को मिलाकर लगभग 15 किसानों की लहलहाती फसलों को पूरी तरह रौंद दिया है। अचानक हुए इस नुकसान से स्थानीय किसान और ग्रामीण बेहद चिंतित हैं।घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम हरकत में आ गई है। प्रभावित इलाकों का जायजा लेने के लिए अधिकारियों का दल मौके पर पहुंचा। वन विभाग का कहना है कि हाथियों द्वारा पहुंचाए गए नुकसान (मकान और फसल) का सटीक आकलन किया जा रहा है। 

हाथी अभी भी मरवाही परिक्षेत्र में 

जांच रिपोर्ट तैयार होने के बाद शासन के नियमानुसार प्रभावित परिवारों को जल्द से जल्द राहत राशि और मुआवजा देने की कागजी प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। वन अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक, यह दल मध्यप्रदेश की सीमा पार कर मरवाही के जंगलों में दाखिल हुआ है। फिलहाल तीनों हाथी मरवाही वन परिक्षेत्र के सिवनी परिसर अंतर्गत आने वाले 'घुसरिया बीट' के कक्ष क्रमांक 2051 में मौजूद हैं। हालांकि हाथियों का व्यवहार अभी सामान्य बताया जा रहा है, लेकिन वे कभी भी आक्रामक हो सकते हैं। 

आसपास के बीट को हाई अलर्ट में 

अंदेशा जताया जा रहा है कि यह दल आने वाले दिनों में सिवनी, मरवाही, सचराटोला और पंडरी की तरफ रुख कर सकता है। इसे देखते हुए आसपास की तमाम बीट के कर्मचारियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। किसी भी तरह की अनहोनी को रोकने के लिए वन अमले को मैदानी स्तर पर तैनात कर दिया गया है। प्रभावित और संभावित खतरे वाले गांवों में लाउडस्पीकर से मुनादी कराई जा रही है। 
  • वे फिलहाल अकेले जंगल की ओर रुख न करें।

  • हाथियों को देखने या भगाने के लिए उनके करीब जाने या उन्हें उकसाने की गलती बिल्कुल न करें।

  • जैसे ही हाथियों की हलचल दिखे, तुरंत इसकी सूचना वन अमले को दें।

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