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तीन बच्चों का सफल हृदय ऑपरेशन
तीन बच्चों का सफल हृदय ऑपरेशन
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चिरायु बना तीन परिवारों की उम्मीद, हृदय रोग से पीड़ित बच्चों का सफल उपचार

धमतरी जिले की चिरायु टीम-बी मगरलोड ने स्वास्थ्य जांच के दौरान तीन बच्चों में जन्मजात हृदय रोग के लक्षणों की समय पर पहचान की। रायपुर में विशेषज्ञ जांच के बाद तीनों बच्चों का सफल ऑपरेशन किया गया। उपचार के बाद बच्चों के स्वास्थ्य में सुधार है और चिरायु टीम लगातार फॉलोअप कर रही है।

कीर्तिमान डेस्क
प्रकाशित: 13 Aug 2026, 04:52 PM · अपडेट: 09 Sep 2026, 05:19 PM
रायपुर
AI द्वारा तैयार ~1 मिनट सारांश
राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (चिरायु) के तहत बच्चों की नियमित स्वास्थ्य जांच और गंभीर बीमारियों की समय पर पहचान के प्रयास धमतरी जिले में तीन परिवारों के लिए बड़ी राहत लेकर आए हैं। चिरायु टीम-बी मगरलोड ने स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान तीन बच्चों में जन्मजात हृदय रोग के संभावित लक्षणों की पहचान की।
समय पर रेफर किए जाने और विशेषज्ञ उपचार मिलने के बाद तीनों बच्चों का सफल ऑपरेशन किया गया है। चिरायु टीम-बी मगरलोड ने नियमित स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान केरिना कंवर (15 वर्ष), कुमकुम साहू (3 वर्ष) और युवेश कमार (9 वर्ष) की जांच की। इस दौरान टीम को तीनों बच्चों में जन्मजात हृदय रोग से जुड़े संभावित लक्षण दिखाई दिए। स्थिति को गंभीरता से लेते हुए टीम ने आगे की जांच और विशेषज्ञ उपचार की प्रक्रिया शुरू की। बेहतर इलाज के लिए रायपुर किया गया रेफर प्रारंभिक जांच के बाद तीनों बच्चों को विशेषज्ञ चिकित्सकीय परामर्श और आवश्यक परीक्षण के लिए रायपुर के एक निजी अस्पताल रेफर किया गया। 

चिरायु टीम की सफल पहल
जांच के बाद डॉक्टरों ने दी ऑपरेशन की सलाह

चिरायु टीम ने बच्चों को अस्पताल तक पहुंचाने से लेकर जांच और उपचार की प्रक्रिया में समन्वय किया। इसके साथ ही बच्चों की स्वास्थ्य स्थिति पर लगातार नजर रखी गई। रायपुर में विशेषज्ञ चिकित्सकों ने तीनों बच्चों की विस्तृत जांच की। जांच में जन्मजात हृदय संबंधी समस्या की पुष्टि होने के बाद डॉक्टरों ने सर्जिकल उपचार की आवश्यकता बताई। इसके बाद चिकित्सकों की देखरेख में तीनों बच्चों का सफल ऑपरेशन किया गया। उपचार के बाद बच्चों के स्वास्थ्य में संतोषजनक सुधार दर्ज किया गया है। चिरायु टीम की जिम्मेदारी बच्चों को अस्पताल तक पहुंचाने के बाद समाप्त नहीं हुई। टीम ऑपरेशन के बाद भी तीनों बच्चों की स्वास्थ्य स्थिति की जानकारी ले रही है और आवश्यक फॉलोअप किया जा रहा है।

समय पर जांच से गंभीर बीमारी की हुई पहचान

इससे उपचार के बाद बच्चों के स्वास्थ्य में होने वाले बदलावों की निगरानी भी सुनिश्चित की जा रही है। जन्मजात हृदय रोग के लक्षण कई बार शुरुआती अवस्था में स्पष्ट दिखाई नहीं देते हैं। ऐसे में बच्चों की नियमित स्वास्थ्य जांच बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है। समय रहते संभावित लक्षणों की पहचान होने पर आवश्यक जांच और उपचार शुरू किया जा सकता है। चिरायु कार्यक्रम के माध्यम से बच्चों की स्क्रीनिंग कर जरूरत के अनुसार उन्हें विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं से जोड़ा जा रहा है। तीनों बच्चों का सफल उपचार उनके परिवारों के लिए राहत और खुशी लेकर आया है। यह मामला नियमित स्वास्थ्य परीक्षण, बीमारी की शुरुआती पहचान, समय पर रेफरल, विशेषज्ञ उपचार और लगातार फॉलोअप के महत्व को भी दर्शाता है। ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में बच्चों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने में चिरायु टीम की भूमिका इस मामले में महत्वपूर्ण रही।
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