पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के तारातला इलाके में बुधवार को एक बड़ा हादसा हो गया। यहां निर्माणाधीन गोदाम का शेड अचानक भरभराकर गिर पड़ा, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। शुरुआती जानकारी के अनुसार मलबे के नीचे 50 से 60 लोगों के दबे होने की आशंका जताई गई है। राहत और बचाव कार्य लगातार जारी है। अब तक बचाव दलों ने मलबे से 21 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला है, जबकि तीन लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। घायलों को तत्काल इलाज के लिए एसएसकेएम अस्पताल भेजा गया, जहां कई लोगों का उपचार जारी है। हादसे की सूचना मिलते ही प्रशासन हरकत में आ गया। सेना, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF), राज्य आपदा मोचन बल (SDRF), कोलकाता पुलिस, दमकल विभाग और नगर निगम की टीमें संयुक्त रूप से राहत अभियान में जुटी हुई हैं। मलबे में फंसे लोगों की तलाश के लिए स्निफर डॉग्स की भी मदद ली जा रही है।
हालात का जायजा
पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने घटनास्थल का दौरा कर हालात का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि सभी एजेंसियां समन्वय के साथ राहत और बचाव कार्य में लगी हुई हैं। उनके अनुसार अभी भी कुछ लोगों के मलबे में फंसे होने की आशंका है और उन्हें सुरक्षित निकालने के प्रयास जारी हैं। मुख्यमंत्री ने भी इस हादसे पर गहरा दुख जताया है। उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर जारी संदेश में कहा कि तारातला के ब्रिज क्षेत्र के पास वेयरहाउस गिरने की घटना बेहद दुखद है। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है और हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
राहत अभियान जारी
मुख्यमंत्री ने बताया कि राहत अभियान युद्धस्तर पर चल रहा है और सेना, NDRF, SDRF, कोलकाता पुलिस तथा कोलकाता नगर निगम की टीमें लगातार काम कर रही हैं। उन्होंने घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना भी की। साथ ही शहरी विकास एवं नगर प्रशासन विभाग को पूरे अभियान में बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। फिलहाल राहत एवं बचाव कार्य जारी है और प्रशासन को उम्मीद है कि मलबे में फंसे लोगों को जल्द सुरक्षित बाहर निकाल लिया जाएगा।