ढीमरखेड़ा जनपद पंचायत के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत बरहटा के आश्रित ग्राम पड़रिया में बुनियादी सुविधाओं की कमी एक बार फिर सामने आई है। यहां हालात इतने खराब हैं कि लोगों को जीवनकाल में ही नहीं, बल्कि मृत्यु के बाद भी सम्मानजनक अंतिम यात्रा का रास्ता नसीब नहीं हो रहा। गांव से मुक्तिधाम तक जाने के लिए पक्की सड़क नहीं होने के कारण ग्रामीणों को दलदल और कीचड़ से भरे रास्ते से गुजरना पड़ता है। बरसात के मौसम में यह रास्ता और भी अधिक कठिन हो जाता है, जिससे अंतिम संस्कार जैसी संवेदनशील प्रक्रिया भी परेशानी का कारण बन जाती है।
एक ही रात में दो बुजुर्गों का निधन
शुक्रवार रात गांव की 80 वर्षीय मलकिया बाई बर्मन और 82 वर्षीय अर्जुन कोल का निधन हो गया। शनिवार सुबह जब परिजन, रिश्तेदार और ग्रामीण दोनों बुजुर्गों की अंतिम यात्रा लेकर मुक्तिधाम की ओर निकले, तब उन्हें दलदल से भरे रास्ते पर काफी कठिनाई का सामना करना पड़ा। कई जगह सड़क पर कीचड़ और गहरे गड्ढे होने के कारण अर्थी को संभालते हुए आगे बढ़ना पड़ा। अंतिम यात्रा में शामिल लोगों ने बताया कि यह स्थिति हर बरसात में बनती है और ग्रामीण मजबूरी में इसी रास्ते का उपयोग करते हैं।
वर्षों से पक्की सड़क की मांग
ग्रामीणों का कहना है कि गांव में पक्की सड़क की मांग कई वर्षों से लगातार की जा रही है। कई बार पंचायत, जनपद और जिला प्रशासन के अधिकारियों को आवेदन दिए गए, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकल पाया। लोगों का आरोप है कि सड़क की हालत लगातार खराब होती जा रही है और बरसात में यह पूरी तरह दलदल में बदल जाती है। इतना ही नहीं, सड़क के गड्ढों की मरम्मत तक नहीं कराई गई, जिससे आम दिनों में भी आवागमन प्रभावित रहता है।अंतिम संस्कार के लिए नहीं है रास्ता
ग्रामीणों ने बताया कि मुक्तिधाम तक पहुंचने का यही एकमात्र मार्ग है। बरसात के समय शवयात्रा निकालना बेहद कठिन हो जाता है। कई बार अर्थी उठाने वाले लोगों का संतुलन भी बिगड़ जाता है और फिसलने का खतरा बना रहता है। ग्रामीणों का कहना है कि अंतिम संस्कार जैसी संवेदनशील स्थिति में भी यदि लोगों को ऐसी परेशानियों का सामना करना पड़े, तो यह प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाता है। उन्होंने जिला प्रशासन से तत्काल सड़क निर्माण कराने की मांग की है।
ग्रामीणों ने कलेक्टर से लगाई गुहार
गांव के लोगों ने कटनी कलेक्टर आशीष तिवारी से मांग की है कि इस समस्या का जल्द समाधान कराया जाए। उनका कहना है कि बरसात खत्म होने का इंतजार किए बिना कम से कम अस्थायी रूप से सड़क को आवागमन योग्य बनाया जाए, ताकि ग्रामीणों को राहत मिल सके। लोगों का कहना है कि सड़क बनने से न केवल अंतिम संस्कार में सुविधा होगी, बल्कि रोजमर्रा की आवाजाही, बच्चों की पढ़ाई और मरीजों को अस्पताल पहुंचाने में भी आसानी होगी।सड़क निर्माण का दिया विवरण
ग्राम पंचायत सचिव सैयद अहमद अली ने बताया कि कुंसरी गांव से पड़रिया गांव तक जाने वाली सड़क अभी कच्ची है। मुक्तिधाम तक पहुंचने के लिए भी ग्रामीणों को इसी रास्ते का उपयोग करना पड़ता है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क परियोजना के तहत इस सड़क का सर्वे पहले ही किया जा चुका है। अधिकारियों की ओर से निर्माण कार्य जल्द शुरू कराने का आश्वासन भी दिया गया था, लेकिन अब तक काम शुरू नहीं हो सका है। इस पूरे मामले पर ढीमरखेड़ा जनपद पंचायत के सीईओ यजुर्वेद कोरी ने कहा कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क परियोजना के अंतर्गत सड़क निर्माण के लिए सर्वे का कार्य पूरा हो चुका है।