वायरल वीडियो और अखिलेश यादव का एक्शन
ओपी राजभर का तीखा हमला
सपा के इस आंतरिक घटनाक्रम पर अब राजनीतिक बयानबाजी भी शुरू हो गई है। योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर (ओपी राजभर) ने अखिलेश यादव के इस एक्शन पर जमकर चुटकी ली।
कन्नौज में शनिवार को #PDA सम्मेलन था, लेकिन कुर्सियां खाली रहीं। सम्मेलन में प्रदेश अध्यक्ष श्यामलाल पाल मौजूद थे। आज रविवार को प्रदेश अध्यक्ष ने जिला कार्यकारिणी, फ्रंटल संगठनों की कार्यकारणी भी भंग की गई। #Kannauj #SamajwadiParty #Poiltics @NBTLucknow https://t.co/JbGTYdDyKk
— Praveen Mohta (@MohtaPraveenn) October 18, 2026
सोशल मीडिया पर राजभर ने तंज कसते हुए लिखा:
"अखिलेश जी, इसमें कार्यकर्ताओं की क्या गलती है? जब आप खुद एसी कमरे, कंप्यूटर और ट्विटर की दुनिया से बाहर नहीं निकलेंगे, तो जिले के नेता बेचारे क्या करेंगे? जिस कन्नौज को आप अपनी खानदानी विरासत समझते थे, वहां जनता ने आपकी असली स्थिति दिखा दी।"
राजभर यहीं नहीं रुके, उन्होंने आगे कहा कि प्रदेश का पिछड़ा, अति-पिछड़ा और बहुजन समाज अब सपा से दूर हो चुका है। उन्होंने सलाह देते हुए कहा कि अखिलेश यादव को सिर्फ कन्नौज ही नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश की कार्यकारिणी भंग कर देनी चाहिए क्योंकि जनता अब उनके साथ नहीं है।
क्या हैं इसके मायने?
कन्नौज की इस घटना ने सपा के भीतर सांगठनिक स्तर पर जमीनी पकड़ को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। वहीं दूसरी तरफ, अखिलेश यादव द्वारा तुरंत लिए गए इस कठोर फैसले से यह साफ है कि वे पार्टी के भीतर अनुशासन और कार्यकर्ताओं की सक्रियता को लेकर किसी तरह का समझौता करने के मूड में नहीं हैं। आने वाले दिनों में कन्नौज में नई कार्यकारिणी के गठन और पार्टी के पुनर्गठन पर सभी की निगाहें टिकी रहेंगी।







