संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा को भारत की सबसे कठिन और विश्वसनीय परीक्षाओं में गिना जाता है। हर वर्ष लाखों उम्मीदवार इस परीक्षा में शामिल होकर प्रशासनिक सेवाओं में चयन का सपना देखते हैं। लेकिन UPSC प्रीलिम्स 2026 के परिणाम के बाद अब इस परीक्षा की पारदर्शिता और निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
कांग्रेस के छात्र संगठन NSUI ने आरोप लगाया है कि इस वर्ष के प्रीलिम्स पेपर में पूछे गए 100 में से 82 प्रश्न एक निजी कोचिंग संस्थान अनंतम IAS” के स्टडी मटेरियल से सीधे या अप्रत्यक्ष रूप से मेल खाते हैं। संगठन का कहना है कि यह मेल केवल विषय स्तर पर नहीं, बल्कि कई प्रश्नों की भाषा और संरचना तक समान पाई गई है, जो गंभीर संदेह पैदा करती है।
परीक्षा के बाद स्टडी मटेरियल
विवाद को और गंभीर बनाते हुए NSUI ने यह भी दावा किया है कि परीक्षा समाप्त होने के बाद संबंधित कोचिंग संस्थान ने अपने स्टडी मटेरियल में संशोधन किया और उसमें तारीखों से जुड़ी कथित हेरफेर भी देखी गई। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और न ही किसी आधिकारिक जांच एजेंसी ने इसकी पुष्टि की है।
विशेषज्ञों की राय
पेपर लीक बनाम संभावित संयोग
इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि क्या यह वास्तव में पेपर लीक का मामला हो सकता है या फिर यह कोचिंग की मजबूत तैयारी और अनुमान का परिणाम है।विशेषज्ञों का कहना है कि बिना ठोस तकनीकी और फॉरेंसिक जांच के किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। NSUI ने UPSC को औपचारिक रूप से पत्र लिखकर इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय और पारदर्शी जांच की मांग की है।
