छत्तीसगढ़ के बिलासपुर स्थित गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय में आयोजित एक विदाई समारोह उस समय मातम में बदल गया, जब कार्यक्रम के दौरान एक वरिष्ठ प्रोफेसर की अचानक तबीयत बिगड़ गई। कार्यक्रम में मौजूद शिक्षकों और कर्मचारियों ने तुरंत उन्हें संभालने की कोशिश की, लेकिन हार्ट अटैक आने से उनकी जान नहीं बच सकी। घटना के बाद पूरे विश्वविद्यालय परिसर में शोक का माहौल छा गया और समारोह को तत्काल रोक दिया गया।
कार्यकाल पूर्ण होने पर हुआ समारोह
जानकारी के अनुसार, विश्वविद्यालय में प्रो. आलोक चक्रवाल के पांच वर्ष का कार्यकाल पूरा होने के अवसर पर एक विशेष कार्यक्रम और विदाई समारोह आयोजित किया गया था। इसमें विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के शिक्षक, अधिकारी और कर्मचारी शामिल हुए थे। कार्यक्रम का माहौल उत्साहपूर्ण था और सभी लोग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ इस अवसर को यादगार बनाने में जुटे थे। समारोह के दौरान छात्र कल्याण अधिष्ठाता (डीन स्टूडेंट वेलफेयर) प्रो. शैलेंद्र कुमार सिंह ने भी अपनी प्रस्तुति दी। उन्होंने मंच पर गीत गाकर उपस्थित लोगों की सराहना हासिल की। हालांकि, प्रस्तुति समाप्त होने के कुछ ही देर बाद उन्होंने असहजता महसूस की। उन्होंने आसपास मौजूद लोगों से तबीयत ठीक नहीं होने की बात कही और बाथरूम की ओर चले गए।बाथरूम में गिरे मिले प्रोफेसर
कुछ समय तक वापस नहीं लौटने पर साथियों ने उनकी तलाश शुरू की। बाथरूम पहुंचने पर वे जमीन पर गिरे हुए मिले। इसके बाद उन्हें तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने की कोशिश की गई। प्रारंभिक जांच में हार्ट अटैक की आशंका जताई गई। चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस दुखद घटना की सूचना मिलते ही कार्यक्रम को तत्काल बंद कर दिया गया। प्रो. शैलेंद्र कुमार सिंह के आकस्मिक निधन की खबर फैलते ही विश्वविद्यालय परिवार में शोक की लहर दौड़ गई। शिक्षकों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों ने इसे विश्वविद्यालय के लिए अपूरणीय क्षति बताया। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने उन्हें एक सरल, मिलनसार और विद्यार्थियों के हितों के प्रति समर्पित शिक्षक के रूप में याद किया। उनके निधन से विश्वविद्यालय समुदाय गहरे सदमे में है।