बलरामपुर जिले के पिपरसोत तुर्रापारा गांव में सर्पदंश की एक दर्दनाक घटना ने पूरे इलाके को शोक में डुबो दिया। गुरुवार देर रात घर में घुसे जहरीले सांप ने सो रहे दो सगे भाइयों को डस लिया। दोनों बच्चों को गंभीर हालत में पहले जिला अस्पताल और फिर मेडिकल कॉलेज अस्पताल अंबिकापुर ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना के बाद गांव में मातम पसरा हुआ है और परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
जहरीले सांप के डसने से दाे भाइयों की मौत
मिली जानकारी के अनुसार, 9 वर्षीय विकास नागेसिया, उसका ढाई वर्षीय छोटा भाई विक्रांत नागेसिया और उनका एक अन्य भाई गुरुवार रात करीब 11 बजे एक ही खटिया पर सो रहे थे। इसी दौरान घर में घुसे जहरीले सांप ने विकास और विक्रांत को काट लिया। दोनों बच्चों के अचानक रोने और चीखने की आवाज सुनकर परिजन कमरे की ओर दौड़े, जहां उन्हें सांप दिखाई दिया। घटना के बाद परिजनों ने घबराने के बजाय साहस का परिचय देते हुए लोहे की कढ़ाई से सांप को ढककर उसे घर के भीतर ही पकड़ लिया। इसके बाद बिना देर किए दोनों बच्चों को इलाज के लिए बलरामपुर जिला अस्पताल पहुंचाया गया। डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उनकी हालत नाजुक देखते हुए मेडिकल कॉलेज अस्पताल अंबिकापुर रेफर कर दिया। अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में डॉक्टरों ने दोनों बच्चों को बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन जहर का असर अधिक होने के कारण इलाज के दौरान दोनों ने दम तोड़ दिया।परिवार में पसरा मातम
विकास चौथी कक्षा में पढ़ता था, जबकि छोटा भाई विक्रांत आंगनबाड़ी का छात्र था। एक साथ दो बच्चों की मौत से परिवार पूरी तरह टूट गया है। दो सगे भाइयों की असमय मौत की खबर फैलते ही पूरे पिपरसोत तुर्रापारा गांव में शोक की लहर दौड़ गई। ग्रामीण बड़ी संख्या में पीड़ित परिवार के घर पहुंचकर उन्हें सांत्वना दे रहे हैं। उधर, परिजनों ने जिस सांप को पकड़ा था, उसकी जानकारी वन विभाग और संबंधित अधिकारियों को भी दे दी गई है, ताकि उसकी पहचान और आवश्यक कार्रवाई की जा सके।