Viral Video Case: बिहार में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर स्थिति चिंताजनक होती दिख रही है। अभी जमुई में एक युवती के साथ हुई बदसलूकी का मामला शांत भी नहीं हुआ था कि समस्तीपुर से एक और हैरान कर देने वाली घटना सामने आ गई है। यहाँ बेखौफ मनचलों ने सरेराह एक लड़की के साथ न केवल बदसलूकी की, बल्कि उसके साथ गलत हरकतें भी कीं। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद लोगों में भारी आक्रोश है और राज्य की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
क्या है पूरा मामला?
घटना समस्तीपुर जिले के जगतसिंहपुर गांव स्थित बांध क्षेत्र की बताई जा रही है। जानकारी के मुताबिक, 23 सितंबर को एक युवती अपने एक जानकार युवक के साथ बांध के पास खड़ी होकर बातचीत कर रही थी। इसी दौरान कुछ स्थानीय असामाजिक तत्व वहाँ आ पहुंचे और दोनों को घेर लिया। शुरुआत में आरोपियों ने दोनों के साथ गाली-गलौज की और विरोध करने पर युवक के साथ मारपीट शुरू कर दी। डर के मारे युवक किसी तरह अपनी जान बचाकर वहाँ से भाग निकला।
विरोध करने पर मरोड़ा हाथ, बनाया वीडियो
साथी युवक के जाने के बाद मनचलों की हिम्मत और बढ़ गई। उन्होंने अकेली बची लड़की को घेर लिया और उसके साथ जबरदस्ती करने लगे। पीड़िता लगातार उनका विरोध करती रही और गिड़गिड़ाती रही। उसने आरोपियों को यह भी बताया कि साथ मौजूद लड़का उसका भाई था, लेकिन हैवानियत पर उतरे युवकों पर इसका कोई असर नहीं हुआ। आरोपियों ने पीड़िता का हाथ मरोड़ा और उसके साथ अभद्रता की। हद तो तब हो गई जब मौके पर मौजूद मनचलों में से ही किसी ने इस पूरी करतूत का वीडियो अपने मोबाइल में कैद कर लिया, जो अब इंटरनेट पर तेजी से फैल रहा है।पुलिस महकमे में हड़कंप, एसपी ने दिया सख्त कार्रवाई का भरोसा
वीडियो सामने आने के बाद पुलिस प्रशासन तुरंत हरकत में आ गया है। समस्तीपुर के एसपी अरविंद प्रताप सिंह ने मामले का संज्ञान लेते हुए घटना की पुष्टि की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस ने वीडियो के आधार पर जांच शुरू कर दी है और आरोपियों की पहचान की जा रही है। एसपी ने दावा किया है कि इस घिनौनी वारदात में शामिल सभी मनचलों को जल्द ही गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।
प्रशासनिक मुस्तैदी पर उठते सवाल
गौरतलब है कि जमुई की घटना को बीते अभी महज पांच-छह दिन ही हुए थे कि समस्तीपुर की इस वारदात ने प्रदेश में पुलिस के खौफ पर बड़ा सवालिया निशान लगा दिया है। सवाल यह उठ रहा है कि आखिर दिन-दहाड़े इस तरह की घटनाओं को अंजाम देने की हिम्मत इन अपराधियों में कहाँ से आ रही है? अब देखना यह होगा कि पुलिस प्रशासन इन आरोपियों पर कितनी सख्त कार्रवाई करता है और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं।

