धर्मेंद्र प्रधान के पद से हटने के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने अपना विरोध-प्रदर्शन समाप्त करने का बड़ा ऐलान किया है। पार्टी का कहना है कि प्रशासन ने उनकी मुख्य मांगों—जिनमें धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा भी शामिल था—को स्वीकार कर लिया है। हालांकि, आंदोलन भले ही थम गया हो, पर छात्रों पर दर्ज मुकदमों को लेकर सियासत और तनाव अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। CJP के प्रवक्ता सौरव दास ने स्थिति साफ करते हुए कहा कि प्रदर्शन के दौरान बिहार, असम और देश के अन्य हिस्सों में कई छात्रों व युवाओं पर पुलिस कार्रवाई हुई थी। कई लोगों को हिरासत में लिया गया और FIR दर्ज की गईं।
आधी रात 2 से 3 घंटे तक हुई बातचीत
पार्टी ने स्पष्ट लहजे में चेतावनी दी है कि यदि मंगलवार तक छात्र-प्रदर्शनकारियों पर दर्ज सभी मुकदमे पूरी तरह वापस नहीं लिए जाते, तो वे एक बार फिर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलने को मजबूर होंगे। सौरव दास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (Twitter) पर देर रात हुए घटनाक्रम की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि आधी रात के बाद सरकार के प्रतिनिधियों और पार्टी के बीच करीब 2 से 3 घंटे तक गहन बातचीत हुई।
FIR रद्द करने की गारंटी: सरकार की ओर से बिहार और असम से जुड़े आधिकारिक नोटिफिकेशन की कॉपियां सौंपी गईं, जिनमें केस वापस लेने, गिरफ्तार लोगों को रिहा करने और आगे कोई कठोर कार्रवाई न करने का लिखित आश्वासन है।
NDA शासित राज्यों से वादा: केंद्र सरकार और अन्य भाजपा/NDA शासित राज्यों की तरफ से भी इसी तरह का गारंटी-नोटिफिकेशन जल्द जारी करने का वादा किया गया है।
पार्टी किसी भी प्रदर्शनकारी को अकेला नहीं छोड़ेगी
CJP प्रवक्ता ने दोहराया कि आंदोलन की शुरुआत से ही उनका रुख बिल्कुल साफ रहा है। पार्टी किसी भी प्रदर्शनकारी को अकेला नहीं छोड़ेगी। जब तक हर एक छात्र और युवा सुरक्षित अपने घर नहीं पहुंच जाता और उन पर लगे सारे आरोप हटा नहीं लिए जाते, तब तक पार्टी अपनी नजर पूरी प्रक्रिया पर बनाए रखेगी।दिलाया भरोसा
"सरकार ने बिहार और असम में दर्ज केस वापस लेने का आधिकारिक भरोसा दिया है और इस संबंध में नोटिफिकेशन भी जारी कर दिए गए हैं।" — सौरव दास, प्रवक्ता (CJP)