वर्ल्ड कप पर टिकी नजर : इंग्लैंड सीरीज रोहित शर्मा के लिए अग्निपरीक्षा, गावस्कर ने बताई वजह
पूर्व भारतीय कप्तान सुनील गावस्कर ने कहा है कि इंग्लैंड के खिलाफ आगामी वनडे सीरीज रोहित शर्मा के लिए खुद को साबित करने का बड़ा मौका होगी। उनका मानना है कि अगले वनडे विश्व कप तक टीम में अपनी जगह मजबूत बनाए रखने के लिए रोहित को लगातार शानदार प्रदर्शन करना होगा, जबकि अनुभव और फिटनेस उनकी सबसे बड़ी ताकत है।
कीर्तिमान डेस्क
30 Jun 2026, 12:30 PM
नई दिल्ली
भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान और महान बल्लेबाज सुनील गावस्कर का मानना है कि अगले महीने इंग्लैंड के खिलाफ होने वाली तीन मैचों की वनडे सीरीज रोहित शर्मा के लिए बेहद अहम साबित होगी। उनके अनुसार यह सीरीज रोहित के पास अपनी उपयोगिता साबित करने का बेहतरीन अवसर होगी, खासकर अगले साल होने वाले 50 ओवर के वनडे विश्व कप को ध्यान में रखते हुए।
14 से 19 जुलाई के बीच इंग्लैंड के खिलाफ खेली जाने वाली वनडे सीरीज में रोहित शर्मा और विराट कोहली दोनों भारतीय टीम में वापसी करेंगे। फिलहाल दोनों दिग्गज खिलाड़ी केवल वनडे क्रिकेट में ही भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं, ऐसे में इस सीरीज पर सभी की नजरें रहेंगी। गावस्कर ने कहा कि रोहित शर्मा अपनी मौजूदा स्थिति और टीम में अपनी भूमिका से पूरी तरह परिचित हैं। उनके मुताबिक टीम प्रबंधन और रोहित के बीच भविष्य की योजनाओं को लेकर स्पष्ट बातचीत हो चुकी होगी।
अब उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती
अगले डेढ़ साल तक लगातार अच्छा प्रदर्शन करना है, ताकि वह वनडे विश्व कप 2027 तक टीम के भरोसेमंद सलामी बल्लेबाज बने रहें। उन्होंने कहा कि रोहित जैसे अनुभवी खिलाड़ी दबाव से घबराने वालों में नहीं हैं। उनकी प्रतिभा और अनुभव उन्हें मानसिक रूप से मजबूत बनाते हैं। इंग्लैंड दौरा उनके लिए यह साबित करने का सही मंच होगा कि वह अभी भी भारत की पारी की शुरुआत करने के सबसे मजबूत दावेदार हैं। गावस्कर का मानना है कि भारतीय क्रिकेट में किसी खिलाड़ी का मूल्यांकन कभी खत्म नहीं होता। चाहे खिलाड़ी नया हो या अनुभवी, हर मैच में उसके प्रदर्शन पर नजर रखी जाती है। उन्होंने कहा भारतीय क्रिकेटर रोहित शर्माकि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखने के साथ ही खिलाड़ियों को लगातार अपनी क्षमता साबित करनी पड़ती है और यही भारतीय क्रिकेट की सबसे बड़ी चुनौती भी है।
दबाव संभालना दोनों दिग्गजों की ताकत
उनके अनुसार आलोचना और समीक्षा भारतीय क्रिकेट का स्वाभाविक हिस्सा है। इसलिए रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे सीनियर खिलाड़ियों के लिए यह कोई नई स्थिति नहीं है। वे जानते हैं कि टीम में अपनी जगह बनाए रखने का सबसे प्रभावी तरीका लगातार अच्छा प्रदर्शन करना है। गावस्कर ने कहा कि अनुभवी खिलाड़ी केवल बल्लेबाजी ही नहीं, बल्कि फील्डिंग, कप्तान को सलाह देने और मैच की परिस्थितियों को समझने में भी अहम भूमिका निभाते हैं।
दोनों खिलाड़ियों ने कप्तानी की है, इसलिए उनका अनुभव टीम के लिए अतिरिक्त मजबूती देता है। उन्होंने यह भी कहा कि 35 वर्ष की उम्र पार करने के बाद खिलाड़ियों की तकनीक से ज्यादा उनकी फिटनेस पर चर्चा होने लगती है। हालांकि रोहित शर्मा और विराट कोहली के पास इतना अनुभव है कि वे इस चुनौती का भी सफलतापूर्वक सामना कर सकते हैं। उनके मुताबिक अगर दोनों अपनी फिटनेस और प्रदर्शन बनाए रखते हैं तो टीम के लिए लंबे समय तक महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।