छत्तीसगढ़ में इन दिनों मौसम के दो अलग-अलग रंग देखने को मिल रहे हैं। उत्तर प्रदेश से लेकर तमिलनाडु तक बनी एक चक्रवाती प्रणाली (Cyclonic Circulation) और ट्रफ लाइन के असर से राज्य के मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। मौसम विभाग ने प्रदेश के कई हिस्सों में तेज अंधड़, कड़कती बिजली के साथ हल्की से मध्यम बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से थोड़ी राहत मिली है।
IMD की बड़ी चेतावनी: प्रदेश के कुछ स्थानों पर 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से विनाशकारी आंधी चलने और आकाशीय बिजली (Lightning) गिरने की आशंका है।
किन जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट?
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, बस्तर समेत दक्षिण छत्तीसगढ़ और सरगुजा संभाग सहित उत्तर छत्तीसगढ़ के जिलों में अंधड़ और बौछारें पड़ने की ज्यादा संभावना है।
इन जिलों में दिखेगा असर: रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, कोरबा, जांजगीर-चांपा, बालोद, धमतरी, जशपुर, सूरजपुर और दंतेवाड़ा (कुआकोंडा) के कुछ इलाकों में बादल छाए रहने और गरज-चमक के साथ बारिश की गतिविधियां दर्ज की गई हैं और आगे भी जारी रहेंगी।
तापमान का हाल: राजनांदगांव सबसे गर्म
राहत की बात यह है कि अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आई है, जिससे अब पारा 45 डिग्री के पार नहीं जा रहा है। हालांकि, उमस ने लोगों को परेशान कर रखा है।
सबसे गर्म: राजनांदगांव और रायपुर के कुछ इलाकों में पारा 42°C से 42.5°C के आसपास बना हुआ है।
सबसे ठंडा: पेंड्रा रोड और अंबिकापुर में न्यूनतम तापमान 22°C से 23°C के बीच रिकॉर्ड किया गया, जिससे सुबह और शाम के वक्त मौसम सुहाना बना हुआ है।
छत्तीसगढ़ में कब आएगा मानसून?
केरल में मानसून ने दस्तक दे दी है और यह तेजी से आगे बढ़ रहा है। मौसम विभाग के ताजा अनुमान के मुताबिक:
छत्तीसगढ़ में मानसून के प्रवेश की सामान्य तारीख 12 जून के आसपास मानी जाती है।
यदि परिस्थितियां इसी तरह अनुकूल रहीं, तो 12 से 15 जून के बीच बस्तर के रास्ते मानसून छत्तीसगढ़ में एंट्री कर जाएगा, जिसके बाद पूरे प्रदेश में झमाझम बारिश का दौर शुरू होगा।
मौसम विभाग की सलाह: आंधी और कड़कती बिजली के दौरान पेड़ या बिजली के खंभों के नीचे खड़े होने से बचें और सुरक्षित स्थानों पर रहें।