छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में पत्नी की हत्या के मामले में अदालत ने पति को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। रैरूमाखुर्द चौकी क्षेत्र में वर्ष 2021 में हुई इस वारदात में आरोपी ने सब्जी नहीं बनाने की बात को लेकर पत्नी की बांस के डंडे से बेरहमी से पिटाई की थी। हमले में महिला की मौत हो गई थी। मामला ग्राम बोंकीटोला पतरापारा का है। 27 मई 2021 को पुलिस को सूचना मिली थी कि अभिलाल एक्का ने अपनी पत्नी क्षमा एक्का की डंडे से पीटकर हत्या कर दी है।
सूचना मिलने के बाद तत्कालीन चौकी प्रभारी जेम्स कुजूर ने वरिष्ठ अधिकारियों को इसकी जानकारी दी और पुलिस टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस जांच में महेश एक्का ने बताया कि वह सुबह अपनी मां के साथ घर के आंगन में बैठा था। इसी दौरान उसका चचेरा भाई अभिलाल एक्का, जिसकी उम्र करीब 35 वर्ष थी, वहां पहुंचा और उसने कहा कि उससे गलती हो गई है। जब महेश ने उससे पूरी बात पूछी तो अभिलाल ने बताया कि उसकी पत्नी क्षमा की मौत हो गई है।
सब्जी नहीं बनाने पर भड़का था आरोपी
महेश जब अभिलाल के साथ उसके घर पहुंचा तो क्षमा एक्का जमीन पर मृत अवस्था में मिली। उसके सिर पर चोट के निशान थे। पूछताछ में अभिलाल ने बताया कि रात में उसने पत्नी से सब्जी बनाने के लिए कहा था। पत्नी के सब्जी नहीं बनाने पर वह गुस्से में आ गया और बांस के डंडे से उसके सिर और माथे पर कई वार किए। गंभीर चोट लगने के कारण उसकी मौत हो गई। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की। जांच के दौरान उसकी निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल बांस का डंडा बरामद किया गया। इसके साथ ही स्वतंत्र गवाहों के बयान दर्ज किए गए और मामले से जुड़े अन्य साक्ष्य भी जुटाए गए।अदालत ने सुनाई उम्रकैद की सजा
विवेचना पूरी होने के बाद पुलिस ने अभिलाल एक्का के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत अभियोग पत्र न्यायालय में पेश किया। मामले की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश अभिषेक शर्मा की अदालत में हुई। उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अदालत ने अभिलाल एक्का को पत्नी की हत्या का दोषी माना। न्यायालय ने उसे आजीवन कारावास के साथ 1 हजार रुपए के अर्थदंड की सजा सुनाई। अदालत ने मृतका के विधिक वारिसों और आश्रितों को विधिक सेवा प्राधिकरण, रायगढ़ के माध्यम से 1 लाख रुपए की क्षतिपूर्ति राशि दिए जाने की अनुशंसा भी की है। मामले में राज्य की ओर से अपर लोक अभियोजक राजेश सिंह ठाकुर ने पैरवी की।